11/04/2026
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फणीश्वर नाथ रेणु की पुण्यतिथि पर कांटी साहित्य भवन में, सजन रे झूठ मत बोलो गीत के साथ से चर्चाiTnews
*आनंद कुमार विभूति प्रखंड विकास पदाधिकारी मुख्य अतिथि का पिनाकी झा - फणीश्वर नाथ रेणु की पुण्यतिथि पर नूतन साहित्यकार परिषद
कांटों नूतन साहित्य भवन में फणीश्वर नाथ रेणु की पुण्यतिथि पर प्रखंड विकास पदाधिकारी 1 मई बुद्ध पूर्णिमा के लिए कुशी महात्मा बुद्ध महा परि निर्वाण स्थल पर आमंत्रित किए गए साथ ही कांटी बिडीओ को अंग वस्त्र से अध्यक्ष चन्द्र भूषण सिंह चंद्र उपाध्यक्ष पिनाकी झा सम्मानित किया। और संबोधन में
फणीश्वरनाथ रेणु की ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति व आम जनमानस की संवेदनाओं को अपनी रचनाओं में जीवंत रूप दिया है। उन्होंने हिंदी साहित्य में आंचलिकता को एक नई पहचान दिलाई। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन की सजीव झलक आज भी पाठकों को भाव-विभोर कर देती है। साहित्य भवन कांटी में शनिवार को आयोजित फणीश्वरनाथ रेणु के पुण्यतिथि समारोह में चंद्रभूषण सिंह चंद्र ने यह बातें कही। नूतन साहित्यकार परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चंद्र ने कहा कि रेणु के उपन्यास पर बनी प्रसिद्ध फिल्म तीसरी कसम उर्फ मारे गए गुलफाम के बारे म
ें कहा कि अब तक जितनी भी प्रेम कहानियों पर आधारित फिल्में बनी तीसरी कसम इनमें सबसे अलग है।रेणु के पात्र अपने गाँव-अंचल से गहराई से जुड़े होते हैं व सामाजिक, राजनीतिक तथा व्यक्तिगत संघर्षों को जीते हैं। विपरीत परिस्थितियों के बीच रेणु के पात्र भावनाओं से भरे होते हैं और पाठक को मनुष्यता के रूप दिखाते हैं। उनके मुख्य पात्र आदमीयत के स्तर से नीचे नहीं गिरते। वे भाषा को नये नये शब्दों से समृद्ध करते हैं। मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी आनंद कुमार विभूति ने कहा कि फणीश्वरनाथ रेणु के लोकभाषा, संस्कृति और शोषित वर्ग के संघर्ष को यथार्थवादी ढंग से उभारा। समाज की परिस्थितियॉं बदल रही हैं,लेकिन रेणु की कहानी अपने पूरे संदर्भों के साथ मजबूती से खडी है। स्वराजलाल ठाकुर ने कहा कि रेणु के लेखन में लोकजीवन की सच्चाई, संघर्ष व संवेदनाएं स्पष्ट रूप से दिखती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ रेणु की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इस अवसर पर परशुराम सिंह,पिनाकी झा ने पुनः धन्यवाद ज्ञापन किया रामेश्वर सिंह,चंद्रकिशोर चौबे, रामेश्वर महतो,नंदकिशोर ठाकुर,रोहित रंजन,महेश कुमार भी थे।
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