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19/06/2022

स्थिर लक्ष्मी के लिए देव स्थान पर शंख जरूर रखे । दक्षिण मुखी शंख से गुरुवार के दिन भगवन विष्णु का हल्दी और जल से अभिषेक करने से नए अवसर प्राप्त होते हैं.

18/06/2022

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनिवार के दिन समृद्धि के लिए कुछ ऐसे उपाय जिन्हें कर लेने से आपको सुख,शांति और माता लक्ष्मी का वास आपके घर हमेशा रहेगा। तो आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में...

सदैव रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

यदि आप चाहते हैं आपके घर हमेशा सुख-समृद्घि बनी रहे तो इसके लिए आपको शनिवार के दिन लोहे के बर्तन में जल,गुड़,तिल,घी और दूध मिलाकर पीपल के पेड़ की जड़ में डालें। कहा जाता है ये उपाय कर लेने से मां लक्ष्मी हमेशा-हमेशा के लिए आपके घर रहने के लिए आ जाती है। मगर आपको ये उपाय करीब 40 शनिवार तक करना होगा।

मिलेगा राहु-केतु से छुटकारा

अगर शनि,राहु एंव केतु की दशा खराब चल रही है तो किसी शनिवार के दिन एक छोटा काला पत्थर लांए,इसे तिल के तेल में डुबोकर 7 बार अपने ऊपर से उतार लें और अब इस पत्थर को दहकती आंच में डाल दें। वहीं ठंडा होने के बाद इस पत्थर को घर से दूर किसी सूखे कुएं में फेंक दें। ये उपाय कर लेने से आपका ग्रह दोष शांत हो जाएगा।

समृद्धि के लिए ये उपाय

घर में समृद्धि लाने के लिए शनिवार को घर की उत्तर-पश्चिम के कोण में एक सुंदर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के किसी लाल कपड़े में बांधकर रखें। इसके बाद इस बर्तन को आप गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में कभी भी धन का अभाव नहीं होगा।

कर्ज से मुक्ति

अगर आप भी कर्ज के बोझ से छुटकारा पाना चाहते हैं तो मंगलवार और शनिवार के दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर मसूर की दाल को ओम ऋण मुक्तेश्वर नम:बोलते हुए अर्पित करें। ये उपाय कर लेने से आपको जल्दी ही कर्ज से मुक्ति मिल सकेगी।

भाग्य वृद्धि का उपाय

भाग्य वृद्धि के लिए शनिवार के दिन पानी में कपूर के तेल में कुछ बूंदों को डालकर इससे नहा लें। इससे आपका दिन तरोताजा तो रहेगा ही साथ ही आपका भाग्य भी खुल जाएगा। वहीं इस बीच आप इसमें चमेली के तेल की भी कुछ बूंदें डाल लेते हैं तो आपको राहु-केतु और शनि के दोष से भी छुटकारा मिलेगा।
अमावस्या के दिन कराए रूद्राभिषेक
घर में सुख -समृध्दि के लिये हर माह के प्रत्येक अमावस्या के दिन रूद्राभिषेक कराएं। दारा सामूहिक रूप से रूद्राभिषेक कराएं जाते है आप इसमें सहयोग करके अपना नाम और गोत्र ईमेल पर भेज सकते है। [email protected] , पैमेंट करने के लिये : https://payu.in/web/9A8B38DB1B8D1D42BEE11792519167B7
और वेबसाइट पर विजिट करें https://www.keertanbhajan.com/

राजस्थान के   में   के शनिदेव और शिवजी का दर्शन किया।
30/05/2022

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सोमवति अमावस्या के दिन रूद्राभिषेक और हवन किया गया ।
30/05/2022

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राजस्थान में माउंट आबू के लिये जब आप जाएंगे तो आबू रोड के पास  ही आपको तिरूपति बालाजी का दर्शन आसानी से हो सकता है।
26/05/2022

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अपरा    के दिन दान पूर्ण करने से भगवान विष्णु होते है प्रसन्न
26/05/2022

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मंगलवार के दिन करें हनुमान जी का दर्शन, उनको चढ़ाए चोला और लाल सिंदूर। हमेशा बनी रहेगी हनुमान जी कृप्या आप पर।
24/05/2022

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ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस साल अपरा एकादशी 26 मई के दिन पड़ रही है. इसे...
22/05/2022

ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली एकादशी को अपरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस साल अपरा एकादशी 26 मई के दिन पड़ रही है. इसे अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है.ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. एकादशी की तिथि 25 मई, बुधवार सुबह 10 बजकर 32 से आरंभ होगी और 26 मई 2022, गुरुवार सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर तिथि का समापन होगा.

घर पर कैसे करें शनिदेव की पूजायदि किसी कारणवश आप शनिदेव महाराज के मंदिर व पीपल के पास नहीं जा पा रहे हैं, तो आप शनिदेव क...
21/05/2022

घर पर कैसे करें शनिदेव की पूजा
यदि किसी कारणवश आप शनिदेव महाराज के मंदिर व पीपल के पास नहीं जा पा रहे हैं, तो आप शनिदेव की अराधना इस प्रकार घर पर कर सकते हैं। सर्वप्रथम सुबह स्नान कर निवृत्त हो जाएं। अब स्वच्छ काले रंग का वस्त्र धारंण करें। घर के मंदिर में तेल का दीपक जलाएं और गणेश जी के पूजन से पूजा प्रारंभ करें। भगवान शिव औऱ हनुमान जी को फल और फूल चढ़ाएं। पूजा के अंत में 21 बार शनिदेव महाराज के मंत्रों का जाप करें और अंत में कपूर से आरती करें। पूरे दिन उपवास करें और शाम को पूजा दोहराकर पूजा का समापन करें। उपवास के बाद भूलकर भी मांसाहारी भोजन का सेवन ना करें।
शनिदेव पूजा के मंत्र

ओम शनैश्चराय विदमहे सूर्यापुत्राय धीमहि।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात।।
शनि की दशा होने पर ये करें
शनिदेव क्रोधित देवता नहीं है जैसा कि उन्हें लोगों द्वारा चित्रित किया जाता है। वह भगवान शिव द्वारा सौंपे गए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वह व्यक्ति को उसके बुरे कर्मों का फल देते हैं। शनि की गृहदशा चलने पर शनिवार के दिन विधि विधान से भगवान शनिदेव की पूजा अर्चना करें। इस दिन तिल के तेल से स्नान कर पूरे दिन उपवास रखें। तथा जरूरतमंद लोगों को काला कंबल, उड़द, तिल का तेल, काली गाय, भैंस, कपड़े, जूते आदि चीजों का दान करें। इससे जल्द ही आपके ऊपर से शनिदेव की गृहदशा टल जाती है।
भगवान शनिदेव की पूजन विधि
भगवान शनिदेव की पूजा आमतौर पर शनिवार के दिन की जाती है। इस दिन भगवान शनिदेव की पूजा औऱ पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है। ब्रम्हपुराण के 118 वें अध्याय में लिखा है कि शनिदेव महाराज कहते हैं कि शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करता है उनके सभी कार्य सिद्ध होंगे तथा उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगीं और मुझसे उन्हें कोई पीड़ा नहीं होगी।
ब्रह्मपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पीपल के पेड़ का दोनों हाथ से स्पर्श करते हुए ओम नम: शिवाय का जाप करें। इस मंत्र का 10 बार जप करने से दुख कठिनाई एवं ग्रहदोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है। पद्मपुरांण के अनुसार शनिवार को पीपल के जड़ में जल चढ़ाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। तथा इस दिन पीपल के पेड़ के सामने व भगवान शनिदेव के मंदिर में उनकी मूर्ती के सामने तेल का दीपक जलाने से सभी दोष समाप्त हो जाते हैं और शनिदेव की कृपा बनी रहती है।

  जय श्री नारायण ...नारा
19/05/2022

जय श्री नारायण ...नारा

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