जयगुरुदेव जिला संगत मुजफ्फरपुर

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जयगुरुदेव जिला संगत मुजफ्फरपुर बाबा जय गुरुदेव जी महाराज जी का सत्संग

10/02/2026
10/02/2026
08/02/2026
जयगुरुदेवस्वामी जी ने कहा,,,,,यह करनी का मार्ग है भजन करोगे तो अनुभव होगा।यह शरीर ही हरि मंदिर है और इसमें हर क्षण घण्टे...
07/02/2026

जयगुरुदेव
स्वामी जी ने कहा,,,,,
यह करनी का मार्ग है भजन करोगे तो अनुभव होगा।यह शरीर ही हरि मंदिर है और इसमें हर क्षण घण्टे घड़ियाल बज रहे है आवाज अथवा नाम की डोर को पकड़ कर यह जीवात्मा ऊपर से आई है और नाम को पकड़ कर ही वापस अपने सच्चे देश सत्तलोक में जायेगी। सत्तलोक ही सारी जीवात्माओं का अपना घर है।वहाँ न दुःख है,न बीमारी है,न कोई कष्ट है वहाँ काल नहीं जा सकता
महात्माओं ने कहा भी है कि:
कहे कबीर वा घर चलो
जहँ काल न जाई

🚩 रूहानी पैगाम: संभल जाओ प्रेमियों, नाव तैयार करने का वक्त आ गया! 🚩​"मौत खड़ी है सिर के ऊपर, तुम जाग सको तो जाग जाओ। रूहा...
07/02/2026

🚩 रूहानी पैगाम: संभल जाओ प्रेमियों, नाव तैयार करने का वक्त आ गया! 🚩
​"मौत खड़ी है सिर के ऊपर, तुम जाग सको तो जाग जाओ। रूहानी कमाई ही साथ जाएगी, बाकी सब यहीं रह जाएगा।" — परम पूज्य बाबा जयगुरुदेव जी महाराज
​सभी प्रेमियों को सादर जयगुरुदेव!
​गुरु महाराज अक्सर कहते थे कि यह दुनिया एक सराय है। जैसे-जैसे वक्त बदल रहा है, उनके वचन एक-एक कर सच साबित हो रहे हैं। आज की भागदौड़ में हम असली मकसद भूल गए हैं:
​⏳ रेत की तरह फिसलता समय: बाबाजी ने चेतावनी दी थी कि वक्त इतनी तेजी से बदलेगा कि इंसान को सोचने का मौका भी नहीं मिलेगा। जो आज है, वह कल नहीं रहेगा। इसलिए 'नाम' की कमाई में देरी करना खुद को धोखे में रखना है।
​🛡️ नाम का सुरक्षा चक्र: जब दुनिया में हाहाकार मचेगा, तब न दौलत काम आएगी न रसूख। केवल वही रूहें सुरक्षित रहेंगी जिन्होंने 'जयगुरुदेव' नाम को अपने रोम-रोम में बसा लिया है। यही नाम आपकी ढाल बनेगा।
​🌸 दया का भंडार: दातादयाल के दरबार में कमी किसी बात की नहीं है। बस कमी है तो हमारे विश्वास और पुकार की। अगर हम सच्चे दिल से उन्हें याद करें, तो वे आज भी हमारी रक्षा का पूरा भार उठाने को तैयार हैं।
​🚪 अंतर का रास्ता: बाबाजी ने हमेशा कहा— बाहर की आँखें बंद करो और अंदर की आँख खोलो। असली सुख और शांति शरीर के अंदर ही है, जिसे सुमिरन और ध्यान से पाया जा सकता है।
​📢 आज का विशेष आग्रह: इस दुनिया की आसक्ति छोड़ो, क्योंकि इसे एक दिन छोड़ना ही है। शाकाहारी बनें, जीवों पर दया करें और अपनी अंतरात्मा की पुकार सुनकर प्रभु के चरणों में लग जाएं।
​प्रेम से बोलिए— जयगुरुदेव नाम प्रभु का! 🙏🚩

07/02/2026

मैं अपने सबसे अधिक स्टार्स भेजने वाले दर्शकों को ढेर सारा धन्यवाद कहना चाहता हूं. आपके साथ और सहयोग के लिए धन्यवाद!

Ramesh Rajput

Big shout out to my newest top fans! 💎 मेरे नए टॉप फ़ैन का बहुत-बहुत आभार! 💎 Manoj Yadav, Rajesh Yadavहमारी कम्युनिटी मे...
20/02/2025

Big shout out to my newest top fans! 💎 मेरे नए टॉप फ़ैन का बहुत-बहुत आभार! 💎 Manoj Yadav, Rajesh Yadav

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jएक महात्मा जी के पास एक विधवा औरत दुखी होकर आई | उसके कोई नहीं था | वह गरीब थी | महात्मा ने उसे अपने आश्रम में पनाह दे ...
25/01/2025

jएक महात्मा जी के पास एक विधवा औरत दुखी होकर आई | उसके कोई नहीं था | वह गरीब थी | महात्मा ने उसे अपने आश्रम में पनाह दे दी | वह यही रहने लगी | दिन बीतते गए | कुछ दिनों बाद उसको लेकर महात्मा जी की संगत में कानाफूसी होने लगी | महात्मा जी ने उसे बुलाकर कहा - देख बच्ची यहाँ से हटकर दूसरी जगह चली जा खाना कपडा वहां मिलता रहेगा | मन में सोचा महात्मा जी को मजा चखाउंगी | उसने चुपचाप महात्मा जी के खिलाफ मुकदमा दायर करवा दिया और यह प्रार्थना की कि महात्मा जी ने मेरा जीवन बर्बाद किया और अब अपने आश्रम से हटने को कहते है | अतः अब मुझे उनसे खर्चा दिलवाया जाय | यह खबर आग कि तरह फैलने लगी | तरह तरह कि चर्चाएँ होने लगी | संगत भी हिल गयी कि यह क्या हुआ | ऊहापोह मचती ही है |
खैर महात्मा जी कि पेसी हुई कचहरी में | न्यायाधीश ने महात्मा जी से स्पष्टीकरण चाहा | महात्मा जी ने कहा अगर वह औरत मेरे सामने यह कह दे तो मैं मानने को तैयार हूँ | औरत सामने बुलाई गयी | महात्मा जी ने उसकी तरफ देखकर डांटते हुए कहा - तू सच बोल रही है कि मैंने तेरी जिन्दगी बर्बाद की है | औरत घबडा गयी और बोली - नहीं | महात्मा जी ने न्यायाधीश से पूछा कि अभी और कोई स्पष्टीकरण मुझे देना है? न्यायाधीश चुप | खैर मुक़दमा खत्म हो गया | महात्मा जी बाहर आए | वह औरत भी निराश होकर बाहर आई | अब कहाँ जाए? अपने पैर पर स्वयं कुल्हाड़ी मारी थी |
संगत में जिन लोगों के सिर नीचे होने लगे थे वे निगाह उठाने में भी हिचकने लगे |
महात्मा जी ने उस असहाय औरत को देखा | वे तो दयालु होते ही है | उन्होंने उसे पुकारा - ऐ नादान औरत ! और एक तरफ इशारा करके कहा कि जा तू उस तरफ कुटी बनाकर रहना | खाना कपड़ा मिलता रहेगा | अपनी कुटी से बाहर मत आना नहीं तो भस्म हो जाएगी | मरता क्या न करता ? उसने चुपचाप महात्मा जी की बात को मान लिया |
इस कहानी को सुनाते हुए स्वामी जी ने कहा - महात्मा सब समझते हैं जानते हैं बोलते है वक़्त पर | वेवक्त की बात अच्छी नहीं हुआ करती | कुछ रूककर स्वामी जी ने कहा - यहाँ भी किसी की चलने वाली नहीं है |
जय गुरुदेव

25/01/2025

कुम्भ मेला पर्यागराज मे जय गुरुदेव संगत का टेंट लगा हुआ है क्या ?

जय गुरुदेव

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