Guru Baba Fakira Das Ji Maharaj

Guru Baba Fakira Das Ji Maharaj Guru Baba Fakira Das Ji Maharaj Dhamat Guru Baba Fakira Das Ji maharaj, a name every one can trust.

Guru Baba Fakira Das Ji Maharaj temple is situated on the banks of the Gange Canal in the village Dhamat near Purkazi Muzaffarnagar (UP). Every year a hug fair festival is organized in the month of March (Falgun ki Dasmi) that brings together their people from far flung places across the country.

23/03/2026

ॐ सत साहिब 🙏

गुरु बाबा फकीरा दास जी के चरणों में कोटि-कोटि नमन।
आपकी कृपा से जीवन को सच्ची राह मिली,
भटकते मन को शांति और विश्वास मिला।

आपका नाम ही हमारा सहारा है,
आपकी वाणी ही हमारा उजियारा है।
हर सांस में आपका स्मरण बना रहे,
यही हमारी सच्ची प्रार्थना है।

ॐ सत साहिब 🙏

18/06/2024

समय अपने आप में कुछ नहीं होता, समय को खुशहाल बनाने के लिए हमें कुछ करना होता है।

Om Satt Sahib

17/06/2024

जीवन में सफलता के लिए, संकल्प और समर्पण दोनों की आवश्यकता होती है।

Om Satt Sahib

17/06/2024

बाबा फकीरा दास जी चालीसा

जय जय फकीरा दास महाराज,
सत्य के तुम हो अद्वितीय साज।
नमन तुम्हारे चरणों में बार-बार,
हम सबका करो उद्धार।

हे फकीरा दास जी संत महान,
आपका यश गाते हैं जग सारा जहान।
तुमने दिखाया सत्य का मार्ग,
हमें भी दो सन्मार्ग।

बाबा जी के उपदेश महान,
सबके जीवन में लाएं आनन्द महान।
दया, करुणा, और प्रेम का वास,
सिखलाया हमें बाबा फकीरा दास।

हे दयालु संत, हे कृपा के सागर,
आपकी शरण में पाएँ हम उद्धार।
तुम्हारे वचनों से मिलती है राह,
दूर करो हमारे सभी कष्ट और क्लेश।

बाबा जी के चरणों में है शांति,
सद्गुण, सेवा, और भक्ति है आपकी कांती।
तुम हो सच्चे गुरु, परम कृपालु,
हम सबको दो प्रेम और ज्ञान का आलोक।

तुम्हारी कृपा से मिट जाए अज्ञान,
बाबा जी, आप हो सबके जीवन का प्राण।
साधुता, सरलता, और सत्य का प्रचार,
आपके बिना जीवन है बेकार।

जय हो, जय हो, बाबा फकीरा दास,
तुम्हारी महिमा अपरम्पार।
सर्वेश्वर के प्रिय सेवक हो तुम,
आपकी शरण में पाएँ हम सत्य का गह्वर।

कृपा करो, आशीष दो हम सबको,
सन्मार्ग पर चलने की शक्ति दो।
बाबा फकीरा दास जी महाराज,
आपकी महिमा का गाऊँ मैं हर राज।

ॐ जय बाबा फकीरा दास जी महाराज की जय।

14/06/2024

जीवन में समस्याओं का सामना करना अनिवार्य है, लेकिन उन्हें हल करना आपके अंदर की शक्ति और क्षमता का परिचय देता है।

Om satt sahib

13/06/2024

लहसुन और प्याज को कुछ धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं में खाने से मना किया गया है। इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं:

1. **तामसिक गुण**: लहसुन और प्याज को तामसिक भोजन माना जाता है। तामसिक भोजन वह होता है जो आलस्य, सुस्ती, और नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। ऐसा माना जाता है कि लहसुन और प्याज हमारे मन को अस्थिर और उत्तेजित करते हैं, जिससे ध्यान और योग में बाधा आती है।

2. **प्राणिक ऊर्जा**: आयुर्वेद और योग के अनुसार, लहसुन और प्याज का सेवन हमारी प्राणिक ऊर्जा (life force) पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। यह हमारे शरीर की ऊर्जा को असंतुलित कर सकता है, जिससे मानसिक और शारीरिक अस्थिरता हो सकती है।

3. **गंध**: लहसुन और प्याज की गंध तीव्र होती है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में अवांछित मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि इनकी गंध से वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है।

4. **पाचन प्रक्रिया**: लहसुन और प्याज का सेवन पेट में गैस और अपच का कारण बन सकता है। इससे शारीरिक असुविधा और मानसिक अशांति होती है, जो ध्यान और साधना में विघ्न डाल सकती है।

5. *धार्मिक मान्यताएँ**: कुछ धार्मिक परंपराओं में लहसुन और प्याज को अपवित्र माना जाता है और इनका सेवन निषिद्ध होता है। यह मान्यताएँ धार्मिक ग्रंथों और उपदेशों पर आधारित होती हैं।

इन कारणों की वजह से, विशेषकर साधक और योगी, लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से व्यक्तिगत विश्वास और जीवनशैली पर निर्भर करता है।

ओम सत साहिब।

13/06/2024

आज हम भोजन के महत्व पर चर्चा करेंगे। भोजन न केवल हमारे शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि हमारे मन और आत्मा पर भी गहरा प्रभाव डालता है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भोजन को तीन प्रकारों में विभाजित किया गया है: सात्विक भोजन, राजसी भोजन, और तामसी भोजन।

**सात्विक भोजन**:
यह भोजन शुद्ध, ताजगी भरा और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें फल, सब्जियाँ, अनाज, दूध, और दही शामिल हैं। सात्विक भोजन हमारे मन को शांति, स्थिरता, और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

**राजसी भोजन**:
इस प्रकार का भोजन मसालेदार, तैलीय, और अत्यधिक मसाले वाला होता है। यह भोजन हमारी इच्छाओं और उतेजना को बढ़ाता है। इसमें मसालेदार व्यंजन, मिठाइयाँ, और अत्यधिक पकाए हुए भोजन शामिल होते हैं।

**तामसी भोजन**:
यह भोजन हमारे शरीर और मन को आलस्य, सुस्ती, और नकारात्मकता की ओर ले जाता है। इसमें बासी भोजन, मांसाहार, और शराब आदि शामिल होते हैं। तामसी भोजन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

हमारा भोजन हमारी जीवनशैली और सोच को परिभाषित करता है। इसलिए, हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम क्या खा रहे हैं। संतुलित और सात्विक भोजन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बनाएं।

ओम सत साहिब।

धन्यवाद। 🌿🙏

#भोजन #सात्विक #राजसी #तामसी #स्वास्थ्य #आयुर्वेद #योग #आध्यात्मिकता

11/06/2024

यदि आप जिंदगी में सबसे आगे निकलना चाहते है,
तो हर दिन खुद को बीते हुए कल से बेहतर बनाइए!

Om Satt Sahib

10/06/2024

“क्रोध में लिए गए निर्णय अक्सर आपको आत्मग्लानी की अनुभूति कराते हैं।”

Om Satt Sahib

10/06/2024

हमारी अधिकतर बाधाएं पिघल जाएंगी अगर उनके सामने दुबकने के बजाय हम उनसे निडरतापूर्वक निपटने का मानस बनाएं।

Om Satt Sahib

18/03/2024

Om Satt Sahib

Address

Guru Baba Fakira Das Ji Maharaj Village Dhamat
Muzaffarnagar
251327

Telephone

+91 95207 99485

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Guru Baba Fakira Das Ji Maharaj posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category