21/09/2025
जय कालका माँ
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
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अर्थ (सरल हिंदी में)
• ॐ त्र्यम्बकं यजामहे – हम तीन नेत्रों वाले भगवान (महादेव) की उपासना करते हैं।
• सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् – जो सुगंध की तरह चारों ओर व्याप्त हैं और भक्तों की शक्ति व आयु बढ़ाने वाले हैं।
• उर्वारुकमिव बन्धनान् – जैसे पका हुआ खरबूजा (फल) बेल से स्वतः छूट जाता है।
• मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् – वैसे ही हमें मृत्यु के बन्धन से मुक्त करें और अमरत्व (मोक्ष) प्रदान करें।
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