24/03/2024
प्राप्तं धान्यं नवीनं यत्
देवमुखाय दीयते ।
पर्व समागतमद्य
होलिकानामतः स्मृतम् ।
हमने जो नवीन धान्य प्राप्त किया है
उसे देवताओं के मुख को जिस पर्व के अवसर पर दिया जाता है
उसे होलिकोत्सव के नाम से जाना जाता है, वह पर्व आज आया है । बृहद यज्ञ के साथ होली एवम् नव वर्ष की आपको ढेर सारी शुभकामनाएं ।
नरेन्द्र शास्त्री एवम् सार्वदेशिक आर्य पुरोहित सभा परिवार 9869113402
🎊