09/06/2025
🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃
🌺 रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया: जब एक मुस्लिम (मोमिन) बंदा वज़ु करता है और अपना चेहरा धोता है तो पानी के आख़िरी क़तरे के साथ उसके चेहरे से वो सारे गुनाह, जिन्हें उसने अपनी आँखों से देखते हुए किया था, ख़ारिज हो जाते हैं और जब वो अपने हाथ धोता है तो पानी (या पानी के आख़िरी क़तरे) के साथ वो सारे गुनाह, जो उसके हाथों ने पकड़ कर किए थे ख़ारिज हो जाते हैं और जब वो अपने दोनों पांव धोता है तो पानी (या पानी के आख़िरी क़तरे) के साथ वो तमाम गुनाह, जो उसके पैरों ने चल कर किए थे, ख़ारिज हो जाते हैं हत्ता की वो गुनाहों से पाक हो कर निकलता है।
📚 _*Sahih Muslim: jild 1, kitab ul Taharah 2, hadith no. 577/(INT.:244)*_