17/05/2026
मंदिर का इतिहास
सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण वर्ष 1801 में लक्ष्मण विठू और देऊबाई पाटिल द्वारा करवाया गया था। मान्यता है कि देऊबाई पाटिल संतानहीन थीं और उन्होंने यह मंदिर इस भावना से बनवाया कि भगवान गणेश अन्य निःसंतान महिलाओं की मनोकामना पूरी करें।
मंदिर की विशेषताएँ
मंदिर में स्थापित गणपति बप्पा की मूर्ति काले पत्थर से बनी है।
भगवान गणेश की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
मंदिर के गर्भगृह और अंदरूनी भाग में सुंदर स्वर्ण सजावट की गई है।
यहाँ देशभर के बड़े उद्योगपति, फिल्म कलाकार और राजनेता दर्शन के लिए आते हैं।
दर्शन और आरती समय
सामान्य दिनों में मंदिर प्रातः लगभग 5:30 बजे खुलता है और रात तक दर्शन होते हैं। मंगलवार को विशेष भीड़ रहती है और मंदिर बहुत सुबह खुल जाता है।
मुख्य आरतियाँ:
काकड़ आरती – सुबह
धूप आरती – शाम
शेज आरती – रात
कैसे पहुँचें
स्थान: प्रभादेवी, दादर, मुंबई, महाराष्ट्र
निकटतम रेलवे स्टेशन: दादर और प्रभादेवी
निकटतम एयरपोर्ट: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
धार्मिक महत्व
भक्त मानते हैं कि सिद्धिविनायक गणपति विघ्नों को दूर कर सफलता, सुख और समृद्धि प्रदान करते हैं। विशेष रूप से मंगलवार और गणेश चतुर्थी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।