04/02/2026
सभी मैया भक्तों को नर्मदे हर
मेरी मां की कही हुई बात हम दोनों बहने हमेशा याद रखते हैं कि लोगों की परवाह छोड़कर वह करो जिसे करने में तुम्हें खुशी मिलती है प्रसिद्धि की इच्छा किए बगैर अपनी रुचि के कार्य को तन्मयता से करते रहो इससे मिलने वाला आनंद ही तुम्हारी वास्तविक उपलब्धि है ।
नर्मदा से अधिक प्रिय कुछ भी नहीं है मुझे । 24 घंटे मन उसी में रमा रहता है । नर्मदा की परिक्रमा करने वाले परिक्रमावासी भी मुझे बहुत प्रिय है । उनके लिए मुझे कुछ करना बहुत अच्छा लगता है लेकिन मैं उतना ही कर पाती हूं जितनी मेरी चादर है ।
नर्मदा मैया ने मेरा पहचान का दायरा इतना विशाल करके दिया है की मेरी चादर कभी-कभी बड़ी हो जाती है ।
नर्मदा खंड के हर आश्रम में शौचालय और महिलाओं के लिए स्नान गृह होना चाहिए ऐसा मेरा हमेशा से ही मत था और यह समय के अनुसार आवश्यक भी है ।
मेरे इस विचार को सपोर्ट किया था नर्मदा संवर्धन परिवार ने और हम सभी ने मिलकर कार्य किया और चार आश्रमों में दो शौचालय और एक स्नान गृह का निर्माण कर लिया । मेरे गांव उत्तर तट वृंदावन ढाबा , बिलगढा अमर दास जी महाराज उत्तर तट , रिछावर नरसिंहपुर जिला दक्षिण तट , हरई पंचम लाल यादव उत्तर तट ।
मैंने इन सभी की पोस्ट बनाकर फेसबुक पर पोस्ट की थी । इस पोस्ट को पढ़कर मुंबई डोंबिवली के एक परिक्रमावासी दिलीप जोशी जी का मुझे फोन आया और उन्होंने मुझसे इस कार्य के बारे में जानकारी ली । इसे बनाने में कितना खर्च आता है , कैसे इस कार्य को किया जाता है । उन्होंने पूछा और मैंने बताया । दिलीप जोशी जी सपत्नी परिक्रमा कर चुके हैं इसलिए वे आश्रमों की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित थे ।उन्हें मुझसे बात करके बड़ी संतुष्टि हुई और उन्होंने मुझसे पूछा की क्या कोई ऐसा आश्रम है जहां शौचालय की आवश्यकता हो तो वहां पर हम इस निर्माण कार्य में आपकी सहायता करना चाहते हैं ।
मैंने उन्हें दो-तीन आश्रमों के नाम बताएं जहां पर हमें शौचालय निर्माण का कार्य करना है । इसमें एक आश्रम था मंडला जिले का फड़की संगम , लक्ष्मण बाबा का आश्रम जो बहुत ही सुंदर स्थान पर है मैया के किनारे लेकिन भौगोलिक स्थिति बहुत ही कठिन । गांव में अभी तक सड़क नहीं बनी है । क्योंकि बड़ी-बड़ी चट्टानें बड़े-बड़े पत्थर होने से सड़क बनाना अति दुष्कर कार्य है इसलिए शायद सरकार ने वहां पर रुचि नहीं ली कभी ।
लक्ष्मण बाबा कई वर्षों से मुझसे जुड़े हैं और अन्न क्षेत्र के लिए कुछ लोगों की मदद से मैं वहां का संचालन करती रहती हूं । 1 वर्ष पहले वहां पर गद्दे और कंबल की व्यवस्था भी की थी ।
दिलीप जोशी जी मुंबई डोंबिवली की रहने वाले हैं और वहीं के तिलक नगर विद्या मंदिर स्कूल से पढ़े हैं । 1974 के एसएससी बैच के उनके मित्र मंडल से उन्होंने इस कार्य के लिए मदद मांगी और सभी ने अपनी इच्छा अनुसार सहयोग दिया और एक बड़ी रकम एकत्र हो गई ।
और आश्रम में शौचालय बनने की तैयारी प्रारंभ हो गई । निवास नाम के छोटे से शहर में एक नर्मदा भक्त राजेश रजक जी मेरे परिचित थे उन्होंने इस का सामान खरीदने में हमारी मदद की । लेकिन कोई भी ट्रैक्टर और टेंपो गांव में जाने के लिए तैयार नहीं था। पत्थरों के कारण ट्रैक्टर पलट सकता था इसलिए बहुत दूर से सामान को मजदूरों द्वारा आश्रम तक पहुंचाया गया । बड़ी कठिन परिस्थितियों में निर्माण हो गया और इसका उपयोग भी प्रारंभ हो गया है ।
मैं दिलीप जोशी जी और उनके सभी मित्रों का सादर अभिनंदन करती हूं जिन्होंने हमें मदद की और आगे भी मदद का आश्वासन दिया । नर्मदा मैया से प्रार्थना है आप सभी स्वस्थ रहें , आनंदित रहें और इस तरह के नेक कार्य आप लोगों के हाथ से होता रहे ।
आप सभी के स्वस्थ जीवन की मंगल कामना के साथ सीमा वीरेंद्र का नर्मदे हर