25/09/2024
मुंबई में समग्र जैन समाज की एकमेव प्रतिनिधि संस्था भारत जैन महामंडल द्वारा *सामुदायिक क्षमापना— विश्व मैत्री दिवस एवं जैन समाज रत्न अलंकरण* महोत्सव संपन्न हुआ।
मुंबई में 125 वर्ष पूर्व स्थापित भारत जैन महामंडल द्वारा रविवार, 22 सितंबर 2024 को सामुदायिक क्षमापना—विश्व मैत्री दिवस एवं जैन समाज रत्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुंबई के सायन स्थित षण्मुखानंद सभागृह में बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह 9:30 बजे से ही सभी सदस्यों और मेहमानों की उपस्थिति शुरू हो गई थी। कार्यक्रम के पहले अल्पाहार की भी सुंदर व्यवस्था की गई थी।
इस अवसर पर प पू आचार्य श्री मतिचंद्रसागर सुरीश्वरजी म.सा., प प आचार्य श्री विजयप्रभाकर सुरीश्वरजी म.सा., राष्ट्रसंत प प श्री नम्रमुनिजी म.सा., पूज्य मुनिश्री 108 श्री प्रणुतसागरजी म.सा., मुनि 108 पूज्य श्री जयेंद्रसागरजी म.सा., प प आचार्य महाश्रमण की शिष्या महा साध्वी पूज्य श्री मंगलप्रज्ञाजी म.सा. जैसे सभी संप्रदायों के साधु-साध्वीगण के पवन सानिध्य में सुसंपन्न हुआ।
इस पवित्र अवसर पर नई दिल्ली से लोकसभा के लोकप्रिय अध्यक्ष सन्नमाननीय श्री ओमजी बिरला की अध्यक्षता में यह मोहोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर पर कौशल रोजगार विकास कैबिनेट मंत्री माननीय श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा, राज्यसभा सदस्य श्री मिलिंदजी देवड़ा, राज्यसभा सदस्य श्री राहुलजी शेवाळे आदि उपस्तिथि थे।
भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.सी. डांगी जी, पूर्व अध्यक्ष श्री सुभाषजी रूनवाल, श्री सुमतिलालजी कर्नावट, श्री रमेशजी धाकड़, श्री राकेशजी मेहता, श्री के.सी. जैन तथा सौजन्यप्रदाता श्री माणकभाई शाह और अंजली जी बिरला श्री ओमजी बिरला की बिटिया, श्री नरेंद्रजी हिरावत, श्रीमती चंदाजी रुणवाल, श्रीमती राजकुमारी बोरा, श्रीमती लताजी डांगी, तथा मंडल के सभी पदाधिकारगण और कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत युवा गायिका अभिलाषा बाठिया ने नवकार मंत्र के गायन से की। इसके बाद उन्होंने मैत्री भाव पर आधारित गीत "मैत्रि का पर्व यह महान है" प्रस्तुत किया, जिससे सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद कार्यक्रम के गौतम प्रसादी लाभार्थी श्री माणकलालजी मुलचंदजी शाह ने सभी का स्वागत और अभिनंदन किया। इसके बाद सभी साधु-संतों ने "मिच्छामी दुक्कडम" का महत्व समझाते हुए युवाओं को उचित संस्कार देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे जैन धर्म के बारे में सही जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंच सके।
इसके बाद भारत जैन महामंडल की ओर से नेपाल निवासी उद्योगपति श्रीमान सा किशनलालजी दुग्गड, चेन्नई के उद्योगपति श्रीमान सा रमेशजी मुथा, पुणे के भामाशाह श्रीमान सा रमनलाल लुंकड़, मुंबई के फंड मैनेजर श्रीमान सा प्रशांत जी जैन और जोधपुर के समाजसेवी उद्यमी श्रीमती सुशीला जी बोहरा को "जैन समाज रत्न" पुरस्कार, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओमजी बिरला एवं मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.सी. डांगी के हाथों प्रदान किया गया।
पर्यावरण में योगदान देने वाले ऑलकार्गो लॉजिस्टिक ECU Hold कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीमान शशिकिरणजी शेट्टी को "पर्यावरण रत्न" से सम्मानित किया गया और राजस्थान के शताब्दी गौरव समाचार पत्र के संपादक श्री सिद्धराजजी लोढ़ा का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्री बाबुलालजी बाफना ने तथा सभी पुरस्कार विजेताओं और मुख्य अतिथियों का परिचय फिल्मी अंदाज में सिमरनजी आहूजा ने कराया। भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी.सी. डांगीजी ने प्रास्ताविक भाषण में 125 वर्षों से कार्यरत इस संस्था की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने चारों संप्रदायों के सभी आचार्यों और साधु-संतों के सहयोग से संवत्सरी महापर्व को एक ही दिन मनाने के प्रयासों का उल्लेख किया।
अंत में, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओमजी बिरला ने अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि सभी को भगवान महावीर के संदेशों को अपने जीवन में उतारना चाहिए तभी कार्यक्रम मानने की सार्थकता होगी। खचाखच भरे हाल में तालियों की गूंज से समूचा सभागृह प्रतिध्वनित हो उठा।
कार्यक्रम के पश्चात सभी ने सुरुचि भोज का आनंद लिया। संपूर्ण कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ जिसके लिए सभी ने धन्यवाद दिया।