14/09/2025
🙏 गरीब, अनाथ, विकलांग, विधवाओं और बुजुर्ग ब्राह्मणों के लिए 🙏
आज भी हमारे समाज में ऐसे कई लोग हैं जो दो वक्त की रोटी के लिए तरसते हैं।
उनकी आँखों में उम्मीद है कि कोई उनका सहारा बनेगा।
👉 20 किलो चावल
👉 20 किलो आटा
👉 10 किलो दाल
यह सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि उनके जीवन की आस है।
आइए, सहयोग एवं समर्पण की इस पुनीत भावना से जुड़ें और समाज के लिए आगे आएं।
आपका छोटा सा योगदान किसी के जीवन में बड़ी मुस्कान ला सकता है। 🌸
✍️ मिलकर करें सहयोग, क्योंकि यही है सच्चा धर्म और समाज का कर्तव्य।