Raahe ISLAM

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03/06/2025

सरकारी डॉक्टर डॉ. देशपांडे ने मुस्लिम मरीज को मारने को कहा، FIR दर्ज!

शिकायतकर्ता अजीमोद्दीन ने बताया कि पूर्व में जब उनकी पत्नी कौसर फातिमा को उदगीर में भर्ती कराया था, तब वे डॉ. डांगे के पास बैठे थे जब डॉ. देशपांडे का फोन आया। डॉ. डांगे स्पीकर ऑन करके बात कर रहे थे

डॉ. देशपांडे ने खाली बेड के बारे में पूछा तो डॉ. डांगे ने बताया कि कोई बेड खाली नहीं है, इस पर डॉ. देशपांडे ने कथित तौर पर कहा, '... मा_र डालो उस... पेशेंट को, इन लोगों का काम करने की आदत है तुम्हारी.... मरने दो उसे, कुछ पुण्य कमाओ.'

Dr Deshpande's allegedly hateful remarks shows deep bigotry. He must be stripped of his degree. This must be a case that should clearly send a signal that communalism can't be tolerated.

جس طرح ایک ڈاکٹر نے مبینہ طور پر مسلم پیشنٹ کو دیکھ کر دوسرے ڈاکٹر سے یہ کہ دیا کہ اس کو ما -- ر ہی دو، یہ اس پیشے کے ساتھ غداری ہے، دیش پانڈے جیسے ڈاکٹر کے خلاف سخت کارروائی ضروری ہے۔

Courtesy: Live TV News Sach Sabse Aagey

03/06/2025

CNN, BBC, France 24.
मैं तुम सबको देख रहा हूँ। मैं तुम्हारा हर झूठ रिकॉर्ड कर रहा हूँ। मैं तुम्हारी हर तोड़-मरोड़कर बताई गई बातों को संग्रहित कर रहा हूँ। मैं इब्राहीम टरोरे हूँ और आज मैं तुम्हारे नक़ाब उतार रहा हूँ।

हाँ, तुमने सही सुना।
मैं, जिसे तुम एक नौजवान सैनिक शासक कहते हो, जिसे तुम एक खतरनाक उग्रपंथी कहते हो, जिसे तुम पश्चिम-विरोधी तानाशाह बताते हो, आज मैं तुम्हें सच्चाई बता रहा हूँ।

और इस बार तुम माइक बंद नहीं कर सकते।
इस बार तुम अपने कैमरे नहीं हटा सकते।
इस बार तुम्हारे संपादक इस भाषण को काट नहीं सकते क्योंकि वो दुनिया अब नहीं रही जिस पर तुम्हारा एकाधिकार था।

अब करोड़ों लोग ये बातें सुनेंगे,
बिना तुम्हारे फ़िल्टर से गुज़रे,
बिना तुम्हारे झूठों में लिपटी,
बिना तुम्हारी गंदगी में सनी।

मैं 34 साल का हूँ।
मैंने अपनी ज़िंदगी के हर दिन तुम्हारे झूठों में बिताए।

बचपन में, मैं टीवी पर अफ़्रीका देखा करता था —
हमेशा वही तस्वीरें — मक्खियों से घिरे बच्चे, सूखी ज़मीनें, हथियार, मौत।

यही है अफ़्रीका, उन्होंने हमें बताया।
अफ़्रीका ऐसा ही होता है, और हमने मान लिया।
हमें खुद पर शर्म आने लगी।
हमें अपनी धरती से, अपने लोगों से शर्म आने लगी।

लेकिन फिर मैं बड़ा हुआ।
मैंने पढ़ा, रिसर्च किया, सवाल किए —
और मुझे समझ आया कि जो अफ़्रीका तुमने हमें दिखाया, वो असली नहीं था।

जो कहानी तुमने हमें सुनाई, वो एक झूठ थी।
जो किस्मत तुमने हमारे लिए तय की, वो एक स्क्रिप्ट थी जो तुमने सालों पहले लिखी थी।

तुमने अफ़्रीका को कैसे दिखाया?
कैसे बेचा?
ऐसे जैसे हम इंसान ही न हों,
जैसे हम किसी जंगल के जानवर हों,
जैसे हम तुम्हारे इंतज़ार में पड़े हुए बेचारे हों।

हर दिन, हर घंटे, हर मिनट तुम्हारी स्क्रीन पर वही कहानी —
भूख, युद्ध, बीमारी, भ्रष्टाचार, आतंक, अराजकता।

जब कोई "अफ़्रीका" कहता है तो तुम्हारे शब्दकोश में और कोई शब्द ही नहीं होता —
ना उम्मीद, ना सफलता, ना विकास, ना प्रतिरोध, ना इज़्ज़त, ना गर्व, ना जीत।

तो मैं तुमसे पूछता हूँ —
New York Times, Washington Post, Guardian, Le Monde,
कभी अफ़्रीका की कामयाबियों को अपनी हेडलाइन बनाया?

कितनी बार तुमने रवांडा की टेक्नोलॉजी क्रांति के बारे में लिखा?
कितनी बार तुमने इथियोपिया के पुनर्वनीकरण प्रोजेक्ट को दिखाया?
कितनी बार तुमने बोत्सवाना की लोकतांत्रिक सफलता की तारीफ की?
कितनी बार तुमने केन्या की एंटरप्रेन्योरशिप की कहानी सुनाई?

नहीं, क्योंकि ये सब तुम्हारी स्क्रिप्ट में फिट नहीं बैठता।
तुम्हारे अफ़्रीका की कहानी में अफ़्रीका सफल नहीं हो सकता।

अगर अफ़्रीका को मदद की ज़रूरत नहीं है, तो तुम कैसे हस्तक्षेप करोगे?
अगर हम पिछड़े नहीं हैं, तो तुम हमें नीचा कैसे दिखाओगे?

क्या कभी तुम्हारे किसी संपादक, किसी रिपोर्टर ने ये सोचा है:
दुनिया की सबसे अमीर ज़मीनों पर बसे लोग गरीब क्यों हैं?

तो लीजिए, असल आंकड़े —
दुनिया का 70% कोबाल्ट अफ़्रीका के पास है —
तुम्हारे फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक कार इसके बिना नहीं चलेंगे —
ये कोबाल्ट कांगो से आता है, लेकिन वहाँ के लोग मोबाइल नहीं खरीद सकते।

दुनिया का 90% प्लैटिनम अफ़्रीका से —
साउथ अफ़्रीका से — और वहाँ के लोग बेरोज़गारी में डूबे हैं।

30% सोना — माली, बुर्किना फासो, घाना, तंज़ानिया —
सोना नदियों की तरह बहता है, लेकिन लोग गरीबी में तैरते हैं।

65% हीरे — बोत्सवाना, अंगोला, कांगो, सिएरा लियोन —
अरबों डॉलर के हीरे निकाले जाते हैं, लेकिन मज़दूर $1 रोज़ कमाते हैं।

35% यूरेनियम — नाइजर, नामीबिया, साउथ अफ़्रीका —
पेरिस की लाइटें हमारे यूरेनियम से जलती हैं, लेकिन हमारे गाँवों में बिजली नहीं।

और तुम पूछते हो — अफ़्रीका गरीब क्यों है?
सही सवाल ये है:
अफ़्रीका को इतना अमीर होते हुए गरीब कैसे बनाए रखा गया?

जवाब है — उपनिवेशवाद कभी खत्म नहीं हुआ, उसने बस रूप बदला।
पहले तुम हमारे देश पर कब्ज़ा करते थे,
अब तुम कंपनियाँ खोलते हो।
पहले तुम ज़बरदस्ती लेते थे,
अब तुम समझौते करवाते हो।
पहले तुम कोड़े से शासन करते थे,
अब तुम कर्ज़ देकर।

अब मैं तुम्हें तारीख़, नाम, आंकड़े देकर बताता हूँ: -

Glenore, स्विट्ज़रलैंड की कंपनी, कोबाल्ट निकालती है कांगो से। 2022 में कमाई $256 बिलियन, टैक्स दिया कांगो को $500 मिलियन — यानी सिर्फ 0.2%। क्या यही न्याय है?

Rio Tinto, ब्रिटिश-ऑस्ट्रेलियन कंपनी, गिनी में बॉक्साइट निकालती है — 20 मिलियन टन हर साल। गिनी को क्या मिला? प्रदूषण और कैंसर।

Total Energies, फ्रेंच ऑयल कंपनी — अंगोला, नाइजीरिया, कांगो में तेल निकालती है — 2022 में मुनाफ़ा $36 बिलियन, लेकिन अफ़्रीका में सिर्फ गंदे पाइपलाइन।

Anglo American, साउथ अफ़्रीका से शुरू हुई, अब लंदन में — हीरे, प्लैटिनम, लोहा सब ले लिया, और छोड़ गए 60 लाख बेरोज़गार मजदूर।

ये तो सिर्फ बर्फ़ की नोक है।
बाकी का क्या?
छुपे हुए सौदे, सीक्रेट बैंक अकाउंट्स, टैक्स की चालबाज़ियाँ —
हर साल $88 बिलियन अवैध रूप से अफ़्रीका से बाहर जाता है।

तुम $45 बिलियन की मदद लिखते हो —
पर कोई ये नहीं लिखता कि अफ़्रीका मदद पाने वाला नहीं है, देने वाला है।

तुम कैमरा ज़ूम करते हो सूजे हुए पेटों पर —
जबकि पर्दे के पीछे हर रोज़ टन के हिसाब से सोना, हीरे, तेल, यूरेनियम निकलता है।

ये है तुम्हारा सिस्टम :-

- भ्रष्टाचार फैलाओ — नेताओं को रिश्वत दो, विदेश में अकाउंट खोलो, उनकी औलादों को अपनी यूनिवर्सिटी में भेजो।

- सौदे करो — 50, 99 साल के कॉन्ट्रैक्ट, टैक्स से छूट, पर्यावरण और मजदूर नियमों की अनदेखी।

- इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्ज़ा — बंदरगाह, एयरपोर्ट, रेलवे — सिर्फ खदान से पोर्ट तक। गाँवों तक सड़क नहीं, स्कूलों में बिजली नहीं।

- सुरक्षा दो — प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनियाँ, हथियार दो, विरोध को आतंकी घोषित करो।

- मीडिया को चुप कराओ — लोकल पत्रकार खरीदो, विरोधी आवाज़ें दबाओ, बाहर की मीडिया को सिर्फ अराजकता दिखाओ।

ये सिस्टम 100 साल से चल रहा है।
तुम इसे नहीं देखना चाहते, क्योंकि तुम खुद इसका हिस्सा हो।

( इब्राहिम टरोरे के वायरल भाषण का अंश )

- Md Iqbal....✍️

10/06/2024

نعت قسمت میں میری چن سے جینا لکھ دے Naat_e_Pak Entertainment, Poetry, Mushaira, Ali Barabankvi, Mushaira Media, latest mushaira, rahat indori...

10/06/2024

Ujala naaz | तेरे दिल मे ठिकाना चाहती हूँ | मै अपना घर बसाना चाहती हूँ -parvez ...

10/06/2024

Adam Alaihissalam And Mohammad sal.تک سبھی نبیوں کی سلسلہ وار ترتیبRukhshar Balrampuri, ...

10/06/2024

Raahi Bastavi | Yaad Aai hai Apni Khataye | याद आई है अपनी खाताएं | # ...

15/03/2024

2175 likes, 77 comments. “ek salut to banta hai Bhai ko🇮🇳🫡”

15/03/2024

*सीएए, एनपीआर, एनआरसी*
*महत्वपूर्ण सूचना*

*सीएए, एनपीआर और एनआरसी की तैयारी कैसे करें?*

न्यायमूर्ति श्री जी एम अकबर अली ने सीएए, एनपीआर और एनआरसी को बहुत सटीक और स्पष्ट रूप से समझाया। कृपया इस विवरण को ध्यान से पढ़ें और दूसरों के साथ साझा करें।

*1955 के नागरिकता अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को कानूनी रूप से भारतीय के रूप में कैसे प्रमाणित किया जा सकता है?*

निम्न में से प्रत्येक करें:

1. घर में सभी की *जन्मतिथि* लिख लें।

2. इसे तीन श्रेणियों में विभाजित करें:

A. जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ हो

बी। जिनका जन्म 1 जुलाई, 1987 और 31 दिसंबर, 2004 के बीच हुआ है

C. जिनका जन्म 31 दिसंबर 2004 के बाद हुआ हो।

3. अब, सुनिश्चित करें कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वालों के पास जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट है। यदि हां, तो वे जन्म से सीधे भारतीय हैं। किसी अन्य प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।

4. 1 जुलाई 1987 के बाद पैदा हुए सभी लोगों के पास जन्म प्रमाण पत्र होना जरूरी है। यदि उनके पास है,

ए। सुनिश्चित करें कि जुलाई 1987 और दिसंबर 2004 के बीच पैदा हुए माता-पिता में से एक भारतीय है।

B. सुनिश्चित करें कि पासपोर्ट में उनके माता-पिता में से किसी एक का जन्म, नाम और अन्य विवरण जन्म प्रमाण पत्र के साथ बिल्कुल मेल खाते हैं। यदि हां, तो वे भी वंश से भारतीय हैं। किसी अन्य प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।

5. दिसंबर 2004 के बाद पैदा हुए व्यक्तियों के माता-पिता दोनों भारतीय होने चाहिए और उनके नाम उनके प्रमाणपत्रों में बिल्कुल मेल खाना चाहिए। यदि हां, तो वे भी भारतीय मूल के हैं। किसी अन्य प्रमाण की आवश्यकता नहीं है।

उपरोक्त के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति घर पर ही जांच कर लें और जिनके पास पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र नहीं है उनकी सूची ले लें।

*पासपोर्ट बनवाने के लिए* आधार कार्ड, पैन कार्ड या राशन कार्ड जमा कर पासपोर्ट बनवा सकते हैं। यह आसान है।

*जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए:*

1. यदि आपका जन्म किसी अस्पताल में हुआ है, तो उस क्षेत्र के गाँव/तालुका/निगम कार्यालय में जाएँ जहाँ अस्पताल स्थित है और विवरण के साथ आवेदन करें। कीमत मात्र 200 रुपए है। यह आसानी से उपलब्ध है।

2. यदि घर में जन्म हुआ हो,

नोटरी सत्यापन के साथ एक हलफनामा तैयार करें जिसमें कहा गया हो कि कोई जन्म प्रमाण पत्र नहीं है और इसे अपने गांव/तालुक/निगम कार्यालय में जमा करें। वे इस बात का प्रमाण देंगे कि जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। इसे जिला न्यायालय में जमा करें। प्रति वर्ष 200 का जुर्माना लगाया जाएगा और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। अब 2023 मे इसके बारे मे एक कानून बना हैं आपको यह आपके नजदिकी तहसील कार्यालय मे भी मिल सकता है...

बस इतना ही।

यदि इससे आपको मदद मिली है, तो कम से कम एक घर को ऐसा करने में मदद करने का प्रयास करें। उन्हें किसी और के लिए भी ऐसा करने के लिए कहें। इंशा अल्लाह हम समाज में किसी को छोड़े बिना सभी के भारतीय होने का कानूनी दस्तावेज तैयार कर सकते हैं।

पी. सैयद इब्राहिम एडवोकेट
उच्च न्यायालय चेन्नई।
*(कृपया दूसरों के साथ साझा करें)**CAA, NPR, NRC*

*IMPORTANT INFORMATION*

*How to prepare for CAA, NPR & NRC?*

Justice Mr. G. M. Akbar Ali explained CAA, NPR & NRC very accurately and clearly. Please read this description carefully and share with others.

*How can a person be legally certified as an Indian under the 1955 Citizenship Act?*

Do each of the following:

1. Write down the *Date of Birth* of everyone in the house.

2. Divide it into three categories:

A. Those born before July 1, 1987

B. Those born between July 1, 1987 and December 31, 2004

C. Those born after December 31, 2004.

3. Now, make sure that those born before July 1, 1987 have either a birth certificate or a passport. If so, they are directly Indians by birth. No other evidence is required.

4. All those born after July 1, 1987 must ensure to have a birth certificate. If they have,

A. Make sure that one of the parents born between July 1987 and December 2004 is Indian.

B. Make sure that one of their parents' birth, name and other details in the passport exactly match with birth certificate. If so, they are also Indians by descent. No other proof is required.

5. Both parents of persons born after December 2004 must be Indian and their names must match exactly in their certificates. If so, they are also of Indian descent. No other proof is required.

Based on the above, each person should check at home and take the list of those who do not have a passport or birth certificate.

*To get a passport,* Aadhar Card, Pan Card or Ration card can be submitted and get a passport. It's easy.

*To get birth certificate:*

1. If you were born in a hospital, go to the Area Village / Taluka / Corporation office where the hospital is located and apply with details. The cost is only 200 rupees. Its available easily.

2. If born at home,

Prepare an affidavit with notary attestation stating that there is no birth certificate and submit it at your village / taluk / corporation office. They will give a proof that there is no birth certificate. Submit it to the District Court. A fine of 200 per year will be charged and the certificate be provided.

That's all.

If this helped you, try to help at least one house do this. Ask them to do the same for someone else. In sha Allah we can create a legal document for everyone to be Indian without leaving anyone in the society.

P. Syed Ibrahim Advocate
High Court Chennai.

*(Please Share with Others)*

*سی اے اے، این پی آر اور این آر سی کے لئے تیاری کیسے کریں؟*

*جسٹس جناب جی ایم اکبر علی* نے بہت اچھے اور واضح انداز میں سی اے اے، این پی آر اور این آر سی کو سمجھایا ہے۔ براہ کرم اس تفصیل کوغور سے پڑھیں اور دعسروں کے ساتھ شیئر بھی کریں۔

کسی شخص کے قانونی طور پرہندوستانی شہری ہونے کے حوالہ سے *شہریت ایکٹ 1955 کیا کہتا ہے؟*

*مندرجہ ذیل کام کرلیں:*

۱۔ اپنے گھر میں موجود ہر فرد کی تاریخ پیدائش نوٹ کر لیں۔

۲۔ ان تاریخ پیدائش کو تین حصوں میں تقسیم کرلیں۔

الف) وہ جو یکم جولائی 1987 سے پہلے پیدا ہوئے۔

ب) وہ جویکم جولائی 1987 اور 31 دسمبر 2004 کے درمیان پیدا ہوئے۔

ج) وہ جو 31 دسمبر 2004 کے بعد پیدا ہوئے۔

۳۔ جو لوگ یکم جولائی 1987 سے پہلے پیدا ہوئے ہیں، وہ اس بات کو یقینی بنائیں کہ ان کے پاس پیدائش کا سرٹیفکیٹ یا پاسپورٹ میں سے کوئی ایک لازمی طور پر ہو۔ اگر ان میں سے کوئی ایک ان کے پاس موجود ہے تو، ان کو پیدائشی طور پر براہ راست ہندوستانی مانا جائے گا۔ ان کو کسی اور ثبوت کی ضرورت نہیں ہے۔

٤۔ یکم جولائی 1987 کے بعد پیدا ہونے والے تمام افراد اس بات کو یقینی بنائیں کہ ان کے پاس پیدائش کا سرٹیفکیٹ ضرور موجود ہو۔ اگر ان کے پاس پیدائش کا سرٹیفکیٹ ہے تو:

الف) والدین میں سے کوئی ایک جو جولائی 1987 اور دسمبر 2004 کے درمیان پیدا ہوا ہے وہ ہندوستانی ہونا چاہیے۔
ب) ان کے والدین میں سے کسی کا سن پیدائش یا نام، پیدائش کے سرٹیفکیٹ اور پاسپورٹ پریکساں ہونا چاہیے۔ اگر ایسا ہے تو، وہ بھی نسل کے لحاظ سے ہندوستانی مانے جائیں گے۔ کسی اور ثبوت کی ضرورت نہیں ہے۔

۵۔ 31 دسمبر 2004 کے بعد پیدا ہونے والے افراد کے والدین اگر (شہریت ایکٹ 1955 کے مطابق) ہندوستانی ہوں اور ان کے نام ان کے سرٹیفکیٹ سے میچ ہورہے ہوں تو وہ بھی نسلا ہندوستانی ہیں۔ کسی اور ثبوت کی ضرورت نہیں ہے۔

مذکورہ تفصیلات کی بنیاد پر ہر شخص اپنے گھرکا جائزہ لے اور ان لوگوں کی فہرست بنالے جن کے پاس پاسپورٹ یا پیدائش کا سرٹیفکیٹ نہیں ہے۔

*پاسپورٹ بنوانے کے لیے:*
آدھار کارڈ، پین کارڈ اور راشن کارڈ کے ذریعہ پاسپورٹ بنوایا جاسکتا ہے۔ یہ زیادہ مشکل کام نہیں ہے۔

*پیدائش کا سرٹیفکیٹ بنوانے کے لیے:*

الف) اگر آپ کی پیدائش اسپتال میں ہوئی ہے تو، اس علاقہ/ گاؤں/ تعلقہ/ کارپوریشن آفس جائیں جہاں وہ اسپتال واقع ہے اور اپنی تفصیلات کے ساتھ وہاں درخواست دیدیں۔ یہ کام بھی آسانی سے ہوجاتا ہے۔ اس کی فیس صرف ۲۰۰ روپئے ہے۔

ب) اگرآپ گھر میں پیدا ہوئے ہیں تو، نوٹری تصدیق کے ساتھ ایک حلف نامہ تیار کرلیں کہ آپ کے پاس پیدائش کا سرٹیفکیٹ نہیں ہے۔ پھر اسےاپنے گاؤں/ تعلقہ/ کارپوریشن آفس میں جمع کردیں۔ اس آفس سے آپ کو اس بات کا ثبوت فراہم کیا جائے گا کہ آپ کے پاس واقعی میں پیدائش کا سرٹیفکیٹ نہیں ہے۔ اس ثبوت کوآپ ڈسٹرکٹ کورٹ میں جمع کروادیں۔ وہاں آپ سے 200 روپئے سالانہ کے اعتبار سے جرمانہ وصول کر کے سرٹیفکیٹ فراہم کردیا جائے گا.

بس کام مکمل!

اگر اس طرح سے آپ کا کام ہوگیا ہو تو کم از کم ایک گھروالوں کی ان کے کاغذات بنوانے میں آپ بھی مدد کریں اور ان سے بھی کہیں کہ وہ کسی دوسرے اورکی مدد کریں۔ ان شاء اللہ اس طرح سےہم معاشرے میں کسی کو چھوڑے بغیر ہر ایک کے ہندوستانی ہونے کی قانونی دستاویز بنا سکتے ہیں۔

پی سید ابراہیم ایڈووکیٹ
ہائی کورٹ، چنئی

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10/05/2023

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