27/03/2026
एक गाँव में एक बढ़ई (carpenter) था। वह लकड़ी के टुकड़ों को उठाता, उन्हें तराशता, और उनसे खूबसूरत चीज़ें बनाता—कभी कुर्सी, कभी दरवाज़ा, कभी सजावट की वस्तु।
एक दिन एक टूटा-फूटा लकड़ी का टुकड़ा कोने में पड़ा था। वह सोच रहा था,
“मैं किसी काम का नहीं हूँ… मुझे तो फेंक दिया जाएगा।”
लेकिन बढ़ई ने उसे उठाया, साफ किया, तराशा, और धीरे-धीरे उसे एक सुंदर मेज बना दिया। अब वही लकड़ी सबके काम आ रही थी।
👉 सीख (Message):
वैसे ही परमेश्वर ने हमें बनाया है। हम कोई गलती नहीं हैं।
हम उसकी “कारीगरी” (workmanship) हैं—और उसने पहले से अच्छे काम हमारे लिए तैयार किए हैं।
✨ सरल शब्दों में:
“हम परमेश्वर की बनाई हुई रचना हैं, ताकि हम अच्छे काम करें, जो उसने पहले से हमारे लिए तैयार किए हैं।”