15/04/2025
क्या आप जानते हैं—जिस शरबत से आपकी गर्मियों की यादें जुड़ी हैं वो किसी कंपनी के बिज़नेस का हिस्सा नहीं, बल्कि एक "वक़्फ़" है जो 1948 में अबुल मजीद के बड़े बेटे अब्दुल हमीद ने "वक़्फ़-ए-आम" ( Muslim charitable waqf) घोषित किया था, यानी एक ऐसा ट्रस्ट जो इस्लाम की सेवा के लिए समर्पित है जो Jamia university में मुस्लिम छात्रों की पढ़ाई के साथ साथ मुसलमानों की आर्थिक मदद करता है,
रूह अफ़्ज़ा या Hamdard के किसी भी प्रोडक्ट से जो भी प्रॉफिट होता है, वो कंपनी के मालिकों की जेब में नहीं जाता बल्कि सीधे Hamdard National Foundation को जाता है, जो कि वक़्फ़ के तौर पर इस्लाम की सेवा में लगा दिया जाता है ।
तो अगली बार जब आप रूह अफ़्ज़ा का घूंट लें, तो याद रखिए ये स्वाद आपने सिर्फ ठंडक के लिए नहीं, इस्लाम के लिए किया है..