05/07/2026
आज दिनांक 5 जुलाई 2026 भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा महोत्सव–2026 की तैयारियों को लेकर अतिआवश्यक बैठक सम्पन्न की गई,
आगामी 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आयोजित होने वाली भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु रथयात्रा महोत्सव–2026 की तैयारियों के क्रम में आज नारघाट स्थित काली जी के मंदिर के बगल में श्याम उत्सव वाटिका में रथयात्रा प्रबंधकारिणी समिति की एक महत्वपूर्ण एवं अति आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता ट्रस्टी श्री ललित मोहन खंडेलवाल तथा संचालन ट्रस्टी महामंत्री श्री राकेश कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। बैठक में रथयात्रा के सफल, भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए उत्तरदायित्वों का स्पष्ट निर्धारण किया गया।
बैठक में श्रद्धालुओं की संभावित विशाल उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए दर्शन-पूजन व्यवस्था, प्रसाद वितरण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, महिला श्रद्धालुओं की सुविधा तथा रथ संचालन से संबंधित सभी विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। इस बात पर विशेष बल दिया गया कि प्रत्येक श्रद्धालु को भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के दर्शन सहजता से प्राप्त हों,एवं प्रसाद सुव्यवस्थित रूप से वितरित हो तथा रथ की रस्सी खींचने का सौभाय सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से प्राप्त हो।
बैठक में प्रमुख सुझाव प्रस्तुत करते हुए श्री पियूष तिवारी ने रथयात्रा को अधिक अनुशासित एवं जनसहभागिता आधारित बनाने पर बल दिया। वहीं रथयात्रा के संरक्षक श्री रवि शंकर साहू ने सेवाधारियों से निर्धारित परिधान में रहने, प्रभु श्री जगन्नाथ महाप्रभु के प्रति श्रद्धा एवं सेवा भाव बनाए रखने तथा नंगे पैर रथ की रस्सी खींचने का आग्रह किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, व प्रसाद के दुरुपयोग को रोकने तथा यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि रथयात्रा के दौरान केवल भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की भक्ति एवं महिमा का ही वातावरण निर्मित हो। साथ ही महिलाओं के लिए विशेष एवं सम्मानजनक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया। रथ यात्रा संरक्षक श्री गौरव कुमार ने रथ यात्रा के प्रबंध के संदर्भ में सभी छोटे-बड़े प्रमुख सुझावों को लागू किए जाने एवं प्रबंधन से संबंधित सभी चीजों पर गंभीरता से किए जाने पर जोर दिया..
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रथयात्रा को विगत वर्षों की अपेक्षा और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। आयोजन की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु 15 सदस्यीय सह-संयोजक दल, 15 सदस्यीय सह-प्रभारी दल, “सुभद्रा बहन टोली” के रूप में मातृशक्ति की विशेष टीम तथा 12 सदस्यीय सुरक्षा दल का गठन कर उन्हें विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं।
बैठक में रथ यात्रा प्रभारी राहुल चंद जैन ( वायु )ने जानकारी दी गई कि समिति के पदाधिकारियों द्वारा जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन के अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में भेंट कर सहयोग का अनुरोध किया जा चुका है। प्रशासन द्वारा रथयात्रा के सफल एवं निर्विघ्न आयोजन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
रथ यात्रा संयोजक रूपनारायण अग्रहरि (एडवोकेट) ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोकआस्था, सामाजिक समरसता एवं जनसहभागिता का महापर्व है। रथ की रस्सी खींचने तथा भगवान के दिव्य दर्शन का सौभाग्य भक्तों के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
बताया गया कि रथयात्रा के दिन प्रातःकाल भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी की दिव्य विग्रह मूर्तियों को भव्य रूप से सुसज्जित रथ पर विराजमान कर त्रिमोहानी चौराहा पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ स्थापित किया जाएगा। दिनभर दर्शन-पूजन का क्रम चलता रहेगा तथा सायंकाल 4:00 महाआरती के उपरांत भगवान का दिव्य रथ निर्धारित मार्गों से नगर भ्रमण के लिये निकली जाएगी ।
इस दौरान हजारों श्रद्धालु रथयात्रा में सम्मिलित होकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से रवि शंकर साहू, सुशील कुमार मुसद्दी, राहुल चंद जैन (वायु), रूप नारायण अग्रहरी (एड0), बृजेश कुमार गुप्ता, शशिकला मिश्रा, सीमा खत्री, सपना सिंह कसेरा, डॉ. मंजूलता जायसवाल, अनीता गुप्ता, सोनम चतुर्वेदी, ज्योति गुप्ता, प्रिंस केसरी, आदित्य राज, अभिषेक केसरवानी, आशुतोष तिवारी, पियूष तिवारी, विशाल मालवीय, पवन उमर, अभिषेक केसरी, आकाश सिंह, अनुज उमर, पुष्कर सेठ, योगेश जोशी, किशन चौरसिया, अमित प्रजापति, अशोक सिंह, ऋषि सोनी, पवन केसरी, अमन जैस्वाल, यश दुबे, दिव्यांश अग्रवाल, शुभम मिश्रा, पर्व यादव, मनोज अग्रहरी, दीपा उमर, गोविंद कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, कुलदीप सोनी, हर्ष जायसवाल कुलदीप सोनी पवन केशरी सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, भक्तगण एवं रथयात्रा प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि जनसहयोग, जनसहभागिता एवं भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की कृपा से रथयात्रा महोत्सव–2026 को अभूतपूर्व, भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।