मां विंध्यवासिनी के चारों आरती के दर्शन

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मां विंध्यवासिनी के चारों आरती के दर्शन जय माता दी ||
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31/08/2026
आज दिनांक 30/08/2026/ रविवार के दिन करिए माँ के बड़ी आरती का दिव्य दर्शन जय माँ विंध्यवसनी 🙏
30/08/2026

आज दिनांक 30/08/2026/ रविवार के दिन करिए माँ के बड़ी आरती का दिव्य दर्शन जय माँ विंध्यवसनी 🙏

He kept him in the vehicle and took him to Gokul. He placed Krishna near Yashoda ji, who was sleeping there, and took he...
30/08/2026

He kept him in the vehicle and took him to Gokul. He placed Krishna near Yashoda ji, who was sleeping there, and took her newborn daughter (Yogamaya) back to the prison in Mathura.

Kansa's Arrival: When Vasudev ji reached the prison with Yogamaya, the prison doors closed again, and the guards informed Kansa that Devaki's eighth child had been born.

Yogamaya's Warning: Kansa rushed in, and as soon as he tried to smash the girl (Yogamaya) on a stone, she slipped from his hands and appeared in the sky as an eight-armed goddess.

What was the meaning of Yogamaya's words?

When the goddess Yogamaya in the sky told Kansa: "Fool! What will happen by killing me? The one who will kill you has already been born and has reached a safe place."

The phrase "has already been born" (Past Tense) in her sentence clarifies that Krishna was born earlier (a few hours before) and has now reached Gokul, far from Kansa's reach.

Therefore, both were born on the same night, but Kansa came to know about it only after Krishna had reached Gokul. This is why we all still celebrate Krishna Janmashtami as the main festival of his birth.

माँ विंध्यवासिनी देवी माँ महाकालीमाँ अष्टभुजा देवी मंदीर परिसर महंत प्रधान पुजारी शुभम दत्त दुबे पंडा जीFollow the माँ व...
29/08/2026

माँ विंध्यवासिनी देवी माँ महाकाली
माँ अष्टभुजा देवी मंदीर परिसर महंत प्रधान पुजारी
शुभम दत्त दुबे पंडा जीFollow the माँ विंध्यवासिनी पुजा समिति चारों आरती श्रृंगार दर्शन channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb6Pf2dFi8xjmTCrtI2C जो भी भक्त अपने व अपने परिवार के कल्याण सुख शांति समृद्धि यश कीर्ति वैभव के लिए एवम समस्त रोग दोष व्याधि से मुक्ति के लिए मनवांछित फल इक्षा हेतु मां के दरबार में नवचंडी पाठ दुर्गा सप्तशती पाठ नवग्रह शांति पाठ
एक ग्रह के शांति और जप दोनों होगा 7 ब्राह्मण द्वारा दक्षिण 15000 रुपया सामान के साथ
नौ चंडी पाठ 9 ब्राह्मण से दक्षिण 1100 रुपया सामान के साथ 1 दिन में
बेदी बनाकर के नौचंदी पाठ दक्षिण 21000 रुपया सामान सहित 1 दिन में
सात चंडी पाठ 7 ब्राह्मण द्वारा 7 दिन दक्षिण 80 हजार रुपए
महामृत्युंजय 7 ब्राह्मण द्वारा 7 दिन दक्षिण 80 हजार रुपए
हवन भोग भंडारा मां का श्रृंगार पूजन अर्चन फल फुल कन्या पूजन दीपक अखंड ज्योति यथा शक्ति दान करना चाहते है तो संपर्क करे
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हवन, पूजन, दर्शन सहस्त्र चंडी जनेऊ शादी दुर्गा सरस्वती पाठ किसी भी अनुष्ठान आदि से सम्बंधित जानकारी के लिए एवं पंडा जी से बात करने के लिए व्हाट्सप्प या कॉल करे
श्री माँ विन्ध्यवासिनी आप सभी के विघ्नों का नाश करे।
माँ की कृपा सदैव आप सभी पर बनी रहे।
माँ कल्याण करे आप सभी का रछा करे।
हमसे जुड़े सभी लोग मेरे मित्र यार नही बल्कि मेरे परिवार के अंश है।
महराज काशी नरेश राजपुरोहित महराज
शुभम दत्त दुबे पंडा जी प्रधान
पुजारी महंत माँ विंध्यवासिनी
देवि मंदिर माँ महाकाली खो मंदिर माँ अष्टभुजा मंदिर प्रधान पुजारी
📞 6387020278, 8090361474
तीर्थ पुरोहित विन्ध्याचल। धाम
मां विंध्यवासिनी मईया जी के श्रृंगार आरती पूजा में फूलों कविषेश ध्यान दिया जाता है मां विंध्यवासिनी मईया जी को सभी फूल अतिप्रिय है लेकिन गुड़हल का फूल देवी को अति प्रिय है
ओर कमल,गुलाब,चमेली,रातरानी, सूखे मेवे का माला किसमिस, मखाना,नारियल,इलायची, बादाम,काजू,अंजीर,आदि मेवे
ओर मां विंध्यवासिनी मईया जी का अभिषेक कराया जाता है
फलो के रसों से, गन्ने के रसों से,
ओर मलया गिरी चंदन से अभिषेक, लालचंदन,
अखंड दीप दान प्रज्ज्वलित किया जाता है

आज दिनांक 28/08/2026(संस्कृत दिवस) (रक्षा बंधन) (पूर्णिमा) शुक्रवार के दिन करिये माँ के मंगला आरती का दिव्य दर्शनकाली दु...
28/08/2026

आज दिनांक 28/08/2026(संस्कृत दिवस) (रक्षा बंधन) (पूर्णिमा) शुक्रवार के दिन करिये माँ के मंगला आरती का दिव्य दर्शन
काली दुर्गा माँ विंध्यवासिनी नाम रेट सब कोय
मईया के दरबार से खाली जाय न कोय
🙏जय माँ विंध्यवासिनी 🙏🏻

25/08/2026

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बावली चौराहा स्थित बाबा बुढ़े नाथ मंदिर
Mirzapur
231307

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