02/03/2026
#होलिका_दहन रात्रि को #लक्ष्मी_आवाहन का विशेष काल माना गया है। अग्नि में जो समर्पित किया जाता है, वह प्रतीक रूप से दारिद्र्य-दोष को भस्म कर समृद्धि का मार्ग खोलता है।
1. साबुत नारियल (लाल धागा बाँधकर)
नारियल को अपने ऊपर से 7 बार उतारें।
मंत्र जपें — “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
फिर अग्नि में अर्पित करें।
यह धन-अवरोध और अदृश्य बाधा शांति हेतु किया जाता है।
2. 5 लौंग + 5 इलायची + 5 बताशे
इन्हें एक साथ अग्नि में समर्पित करें।
लौंग स्थिरता, इलायची सुगंधित सौभाग्य और बताशा मधुर फल का प्रतीक है।
3. हल्दी की गांठ + थोड़े अक्षत (चावल)
हल्दी सौभाग्य और चावल स्थायी लक्ष्मी का संकेत हैं।
इसे अग्नि में डालते समय धन-संवृद्धि का स्पष्ट संकल्प लें।
4. थोड़े काले तिल
यदि धन रुक रहा हो या बार-बार हानि हो रही हो तो एक चुटकी काले तिल भी अर्पित करें।
सूक्ष्म दोष शांति के लिए माना जाता है।
🔥 होलिका दहन का मुख्य मंत्र
होलिका दहन के समय अग्नि में आहुति देते हुए यह पारंपरिक मंत्र बोला जाता है —
ॐ होलिकायै नमः स्वाहा।
या विस्तृत रूप में —
ॐ प्रह्लादप्रियायै होलिकायै नमः स्वाहा।
🔥 होलिका दहन पूजन मंत्र (प्रचलित श्लोक)
अहं होलिकां दहाम्यद्य पापं दहति सर्वदा।
प्रह्लादस्य जयार्थाय नमस्ते होलिके शुभे॥
अर्थ: मैं आज होलिका का दहन करता हूँ, जैसे यह अग्नि पापों को जलाती है। भक्त प्रह्लाद की विजय के लिए हे शुभ होलिके! तुम्हें नमस्कार है।
🔥 प्रह्लाद स्मरण मंत्र
होलिका दहन के समय भक्त प्रह्लाद का स्मरण अवश्य करें —
ॐ श्री प्रह्लादाय नमः।
🔥 विष्णु स्मरण मंत्र
क्योंकि प्रह्लाद की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु ने की थी —
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
#गूढ़_संकेत
धन केवल वस्तु डालने से नहीं आता। होलिका दहन का रहस्य यह है कि पहले भीतर की दरिद्रता — भय, संदेह, आलस्य — अग्नि को समर्पित करें।
शास्त्रीय भाव से कहा गया है —
“यत्र लक्ष्मीः स्थिरा नित्यं शुद्धभावसमन्विता।
तत्रैव सम्पदां वृद्धिः स्यात् अग्निसाक्षिणि सर्वदा॥”
ऊपर दिए गए उपाय में से कोई भी #एक कर लीजिए। महादेव मंगल करेंगें। शुभ होली 🔥