17/08/2026
,,रामस्नेही धर्म की व्याख्या,,
तीन वाद से परे जो स्थिर है, जिसे (सनातन) यानि रामस्नेही धर्म की उपमा (संज्ञा) दी महाराजश्री जी ने। सुनिये बहुत सुंदर सत्संग
केवल्य वाणी मय ज्ञानाअमृत, दिव्य महापुरुषों की अनुभव वाणी पर आधारित, भव्य चातुर्मास के दौरान आनंदमय सत्संग, परम श्रद्धेय सदगुरु देव भगवान श्री परसराम जी महाराज,,100084713134600:2048:राम धाम रेण खेजड़ा जी ,,के पावन सानिध्य में।
राम जी राम 🙏👏🙇🏻🌸🌹 का पार्ट 10