24/05/2026
प्रभु से प्रार्थना है...
पूज्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की परिकल्पना साकार हो- सभी बेटे-बहू माता-पिता की सेवा करें और अंतिम समय तक उनके साथ रहें परंतु महाराजजी ने प्रण लिया है कि जिनका कोई नहीं होगा उनके स्वयं महाराज जी होंगे और यह भरोसा महाराज जी को उन प्रेम करने वाले बेटे,बहू ने दिया है जो अपने माता-पिता की सेवा करने के साथ गौरी गोपाल वृद्धाश्रम, वृन्दावन में रह रही माताओं की सेवा- सहायता में भी पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।
ऐसी अद्भुत सेवा में सहभागी कौन नहीं बनना चाहेगा? इसीलिए गौरी गोपाल वृद्धाश्रम में आने वाले सभी भाग्यशाली लोग अधिक से अधिक सहयोग कर रहे हैं। कुछ एक मां की गोद लेकर सेवा में सहायता कर रहे हैं, कुछ अन्न- वस्त्र- इलाज आदि में सहयोग कर रहे हैं, कुछ आश्रम के निर्माण कार्य से जुड़ रहे हैं।
यहां का सेवा भाव देखकर हृदय गदगद हो जाता है... दानदाताओं को सहयोग करते देखकर मन प्रसन्न हो उठता है। भगवान इन सभी दान दाताओं पर अपनी कृपा- करुणा बनाए रखें ऐसी महाराजश्री मंगल कामना करते हैं ।
यदि व्यक्ति शिक्षित न हो तो वह अज्ञानता और अंधविश्वास के अंधेरे में डूबा रहता है। शिक्षा द्वारा ही सोचने - समझने की कला का विकास होता है। सही गलत की परख शिक्षा द्वारा ही होती है।आत्मनिर्भरता के साथ धर्म - अध्यात्म का दिव्य ज्ञान भी हमें शिक्षा द्वारा ही प्राप्त होता है परन्तु यह तभी संभव है जब हम ऋषि-मुनियों द्वारा संकलित अपने प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करें।
भटके हुए समाज को सही दिशा दिखाने के लिए परम पूज्य डॉक्टर अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने वृंदावन धाम में गुरुकुल की स्थापना की है जहां रहकर सैकड़ों विद्यार्थी विद्याध्ययन कर रहे हैं। यही विद्यार्थी कल समाज का श्रेष्ठ नवनिर्माण करेंगे इसीलिए विद्यार्थियों की संपूर्ण व्यवस्था गौरी गोपाल आश्रम द्वारा संचालित हो रही है। शिक्षा सेवा श्रेष्ठ सेवा मानी जाती है इसीलिए धर्म प्रेमी, सनातन प्रेमी भक्त शिक्षा सेवा में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं और महाराजश्री शिक्षा सेवा को गति दे रहे हैं। महाराज जी की हार्दिक इच्छा है आधुनिक शिक्षा के साथ गुरुकुल शिक्षा प्राप्त कर हमारे बच्चे संस्कारवान बनें।
प्राणी मात्र की सेवा करने का प्रण लेकर पूज्य महाराजजी ने कभी गौरी गोपाल आश्रम की स्थापना की थी और वृंदावन आकर बस गए थे तब से आज तक कई सेवाएं आश्रम द्वारा संपन्न की जा रही हैं।
नित्य अनगिनत सन्त,भक्त, विद्यार्थी और आगंतुक गौरी गोपाल अन्नक्षेत्र में भोजन पा रहे हैं। अन्नदान महादान में भक्त परिकर बढ़ चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं। आप भी भोजन सेवा से जुड़कर अपने धन को शुद्ध करें।
पारिवारिक समस्याओं के कारण जिन कन्याओं का विवाह समय पर नहीं हो पा रहा उनका शुभ विवाह पूज्य महाराज जी करवा रहे हैं धर्म भाई बनकर।क्या आप भी कन्या दान का महापुण्य प्राप्त करना चाहते हैं? तो आईये और गौरी गोपाल परिवार से जुङकर कन्या विवाह सेवा में सहभागी बनिये।
सेवाओं में प्रमुख है गौसेवा। गौसेवा मोक्ष मार्ग है... यह सेवा भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय है। जो सच्चे गौभक्त होते हैं उनकी हर मनोकामना भगवान स्वयं पूर्ण करते हैं। कहते हैं गाय में 33 कोटि देवी - देवता निवास करते हैं इसीलिए गाय को मां कहते हैं और मां की तरह ही गाय की सेवा करते हैं। गौसेवी महाराजश्री स्वयं गोसेवा करते हैं।
महाराज जी के शिष्य परिकर भी गौसेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और गाय माता का आशीर्वाद प्राप्त कर समस्त कष्टों,दुखों, रोगों से मुक्त एक सफल जीवन व्यतीत करते हैं और गोसेवा का पुण्य फल प्राप्त करते हैं।
सेवा करना कौन नहीं चाहता? दान देना कौन नहीं चाहता? पर यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपके द्वारा की गई सेवा, आपके द्वारा दिया गया दान सुपात्र तक पहुंचे तभी वह सार्थक है...तभी उसका पूर्ण फल प्राप्त होगा।
अपने अमूल्य धन का सदुपयोग कीजिए...
आइए... गौरी गोपाल आश्रम, वृंदावन की सेवा देखिए फिर दान कीजिए।
आपके द्वारा दिए गए दान रूपी सेवा- सहयोग का यहां सदुपयोग होगा और पूज्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज द्वारा समाज कल्याण के अनेक प्रकल्पों में कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा और आपका नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा जायेगा।
आपकी सेवा से किसी का जीवन सुधर सकता है।
आपके दान द्वारा किसी का पेट भर सकता है।
सर्वांगीण विकास के लिए... अपने और अपनों के लिए... गौरी गोपाल आश्रम से जुड़िए।
गौरी गोपाल संस्था, वृन्दावन के 'आजीवन सदस्यता अभियान' से जुड़कर अपना और अपनों का जीवन धन्य बनाइये।
-संपर्क कीजिए-
6399991599