Braj ke Rasik

Braj ke Rasik बृज रज जाकू मिल गई बाकी चाह न सेष

जिज्ञासा - क्या भगवान शरणागत भक्त का प्रारब्ध मिटा देते हैं ?समाधान - शास्त्रों का उत्तर बड़ा संतुलित है —भगवान हर कर्म ...
22/05/2026

जिज्ञासा - क्या भगवान शरणागत भक्त का प्रारब्ध मिटा देते हैं ?

समाधान - शास्त्रों का उत्तर बड़ा संतुलित है —
भगवान हर कर्म को तुरंत समाप्त नहीं करते,
लेकिन अपने शरणागत भक्त के भयंकर दुःख को सहनीय अवश्य बना देते हैं।

श्रीमद्भागवत में भगवान कहते हैं कि —
जिस पर मेरी विशेष कृपा होती है,
मैं उसे संसार से विरक्त कर अपने चरणों की ओर ले आता हूँ।

भगवद्गीता (18.66) में भी श्रीकृष्ण कहते हैं —
“सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज,
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥”

अर्थात —
“तू मेरी शरण में आ जा,
मैं तुझे समस्त पापों से मुक्त कर दूँगा, शोक मत कर।”

संतों ने समझाया है —
पूर्ण शरणागति के बाद भी कुछ प्रारब्ध शरीर से भोगना पड़ सकता है,
किन्तु भगवान उसकी तीव्रता घटा देते हैं,
और भक्त को भीतर से ऐसी शक्ति देते हैं कि वही संकट
भगवत्-कृपा का माध्यम बन जाता है।

जिस दुःख से संसार टूट जाता है,
उसी दुःख में शरणागत भक्त, भगवान के और निकट आ जाता है।

हरे कृष्ण ❤️“जब से मेरा मन भगवान् कृष्ण के चरणारविन्दों की सेवा में लग गया है‌ जब से मैं नित्य नव दिव्यरस का अनुभव करता ...
19/05/2026

हरे कृष्ण ❤️

“जब से मेरा मन भगवान् कृष्ण के चरणारविन्दों की सेवा में लग गया है‌ जब से मैं नित्य नव दिव्यरस का अनुभव करता रहता हूँ, तब से स्त्री-प्रसंग का विचार आते ही मेरा मन उधर से फिर जाता है और मैं ऐसे विचार पर थू-थू करता हूँ।”

— #श्रीयामुनाचार्यजी

🌸🌹 श्री राधे राधे 🌹🌸

मेरे प्यारे कान्हा,निगाहों से कत्ल कर डालो 💘न तकलीफ हो दोनों को,हमें गर्दन झुकाने की,तुम्हें खंजर उठाने की... 🗡️🙏श्री रा...
18/05/2026

मेरे प्यारे कान्हा,
निगाहों से कत्ल कर डालो 💘
न तकलीफ हो दोनों को,
हमें गर्दन झुकाने की,
तुम्हें खंजर उठाने की... 🗡️🙏

श्री राधे राधे !!!! 🌺🦚

"मोहन के मुख पर देखो, क्या खुशनुमा है बंशी;बंशी पर लव फ़िदा है, या लबों पर फ़िदा है बंशी।" 💖✨ #राधाकृष्ण  #जयश्रीकृष्णा ...
16/05/2026

"मोहन के मुख पर देखो, क्या खुशनुमा है बंशी;
बंशी पर लव फ़िदा है, या लबों पर फ़िदा है बंशी।" 💖✨

#राधाकृष्ण #जयश्रीकृष्णा #कान्हा #बांसुरी #प्रेम #भक्ति #वृंदावन #मोहन #प्यार #कृष्णप्रेम

जिज्ञासा-- प्रभु के पास पहुंचने का सबसे सरल उपाय क्या है?समाधान -- प्रभु का नाम जपते रहो, प्रेम बढ़ता जाएगा और अंत में व...
15/05/2026

जिज्ञासा-- प्रभु के पास पहुंचने का सबसे सरल उपाय क्या है?

समाधान -- प्रभु का नाम जपते रहो, प्रेम बढ़ता जाएगा और अंत में वही प्रेम तुम्हें प्रभु के पास ले जाएगा।

श्री राधे राधे 🙏

भक्त लीलाशुक जी उस बालकृष्ण की छवि के जादू से डर कर सबको सावधान करते हुए कहते हैं -:'अरे पथिकों! उस रास्ते ना जाना ।वह ग...
12/05/2026

भक्त लीलाशुक जी उस बालकृष्ण की छवि के जादू से डर कर सबको सावधान करते हुए कहते हैं -:

'अरे पथिकों! उस रास्ते ना जाना ।वह गली बड़ी भयावनी है। वहां अपने नितम्बबिम्ब पर हाथ रखे जो तमाल के तुल्य नीले रंग का एक नंग-धड़ंग बालक खड़ा है ,वह केवल देखने मात्र का ही अवधूत है ,असल में तो वह अपने पास होकर निकलने वाले किसी भी मुसाफिर के मन रूपी धन को लूटे बिना नहीं रहता।'

श्री राधे राधे!!!!!!!!!

हरे कृष्ण ❤️, हे कमलनयन! आपके श्री चरणों के सानिध्य की अपेक्षा जिसे त्रिभुवन का वैभव मुग्ध करे, मूर्ख है वह।श्री राधे रा...
28/04/2026

हरे कृष्ण ❤️,

हे कमलनयन! आपके श्री चरणों के सानिध्य की अपेक्षा जिसे त्रिभुवन का वैभव मुग्ध करे, मूर्ख है वह।

श्री राधे राधे 🌷

इक दिन वो भोले भंडारी,बन करके ब्रिज नारी,गोकुल में आ गए हैं,गोकुल में आ गए हैं....पार्वती भी मना के हारी,ना माने त्रिपुर...
23/04/2026

इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रिज नारी,
गोकुल में आ गए हैं,
गोकुल में आ गए हैं....

पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
गोकुल में आ गए,
गोकुल में आ गए,
इक दिन वो भोले भंडारी....

पार्वती से बोले,
मैं भी चलूँगा तेरे संग में,
राधा संग श्याम नाचे,
नाचूँगा मैं भी तेरे संग में,
रास रचेगा ब्रिज मैं भारी,
हमे दिखादो प्यारी,
गोकुल में आ गए,
गोकुल में आ गए,
इक दिन वो भोले भंडारी....

ओ मेरे भोले स्वामी,
कैसे ले जाऊं अपने साथ में,
मोहन के सिवा कोई,
पुरुष ना जाए उस रात में,
हंसी करेगी ब्रिज की नारी,
मानो बात हमारी,
गोकुल में आ गए,
गोकुल में आ गए,
इक दिन वो भोले भंडारी....

ऐसा बना दो मुझको,
कोई ना जाने इस राज को,
मैं हूँ सहेली तेरी,
ऐसा बताना ब्रिज राज को,
बना के जुड़ा पहन के साड़ी,
चाल चले मतवाली,
गोकुल में आ गए,
गोकुल में आ गए,
इक दिन वो भोले भंडारी....

देखा जो मोहन ने तो,
समझ गये वो सारी बात रे,
ऐसी बजाई मुरली,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे,
सिर से खिसक गयी जब साड़ी,
मुस्काये गिरधारी,
गोकुल में आ गए,
गोकुल में आ गए,
इक दिन वो भोले भंडारी....

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