06/07/2026
🚩 कुछ व्यक्तित्व इतिहास नहीं पढ़ते, बल्कि इतिहास के निर्माण में अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। ऐसे ही कर्मयोगी हैं पूजनीय चंपत राय जी। 🙏
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के लंबे संघर्ष के वर्षों में, जब असंख्य चुनौतियाँ, विरोध और कठिन परिस्थितियाँ थीं, तब भी पूजनीय चंपत राय जी अडिग होकर इस अभियान से जुड़े रहे। आंदोलन के विभिन्न चरणों में संगठनात्मक भूमिका निभाई, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भी निरंतर सक्रिय रहे और श्रीराम जन्मभूमि के कार्य को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भूमि पूजन से लेकर भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और आज करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय व्यवस्थाएँ विकसित करने तक, उनका जीवन सेवा, अनुशासन, समर्पण और सादगी का उदाहरण रहा है।
आज यदि अयोध्या में—
🚩 निःशुल्क एवं सुव्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था है,
🚩 सामान रखने की सुरक्षित सुविधा उपलब्ध है,
🚩 स्वच्छ पेयजल, स्नान, शौचालय और विश्राम की व्यवस्थाएँ हैं,
🚩 निःशुल्क भोजन एवं भंडारे की सेवा है,
🚩 वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधाएँ हैं,
🚩 स्वच्छ, अनुशासित और श्रद्धालु-केंद्रित मंदिर व्यवस्था दिखाई देती है,
तो इन व्यवस्थाओं को साकार करने में पूजनीय चंपत राय जी के अथक परिश्रम, दूरदर्शिता और संगठन क्षमता का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
उन्होंने कभी पद, प्रसिद्धि या सम्मान की इच्छा नहीं की; उनका एक ही ध्येय रहा—"प्रभु श्रीराम का कार्य और रामभक्तों की सेवा।"
आप कभी गलत नहीं थे, न हैं और न कभी हो सकते हैं।
सत्य को कुछ समय के लिए भ्रम, आरोप और प्रचार के पर्दों से ढका जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता।
समय स्वयं सबसे बड़ा न्यायाधीश है। जो व्यक्ति अपना संपूर्ण जीवन प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित कर देता है, उसका मूल्यांकन क्षणिक विवादों से नहीं, बल्कि उसके आजीवन तप, त्याग, सेवा और समर्पण से होता है।
सत्य अंततः सत्य ही रहता है।
पूजनीय चंपत राय जी, आपका त्याग, आपका समर्पण और आपकी निष्ठा करोड़ों रामभक्तों के लिए प्रेरणा है।
ऐसे तपस्वी, कर्मयोगी और समर्पित सेवक को शत-शत नमन।
ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सेवा करने की शक्ति प्रदान करें।
प्रभु श्रीराम की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।
जय श्रीराम! 🚩
Umesh Chandra Shastri Brijwasi
Radha Madhav Sewa Charitable Trust (Regd.