कमल कुण्ड बुद्ध विहार, गोकुल , मथुरा

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कमल कुण्ड बुद्ध विहार, गोकुल ,  मथुरा कमल कुण्ड बुद्ध मंदिर प्रेमनगर खुर्द , गोकुल , महावन , मथुरा , उत्तर प्रदेश मैं स्थित है |

22/08/2025

बौद्ध धर्म का जोर जोर से हो रहा प्रचार!!
💐💐💐💐

_*बुद्ध धम्म है, धर्म नही।*__*बुद्ध मार्ग है, कर्मकांड नही।*__*बुद्ध मानव है, देवता नहीं।*__*बुद्ध करूणा है, सजा नही।*__...
13/02/2023

_*बुद्ध धम्म है, धर्म नही।*_
_*बुद्ध मार्ग है, कर्मकांड नही।*_
_*बुद्ध मानव है, देवता नहीं।*_
_*बुद्ध करूणा है, सजा नही।*_
_*बुद्ध शुद्ध है, पाखंड नही।*_
_*बुद्ध विचार है, दुराचार नही।*_
_*बुद्ध समानता है, भेदभाव नही।*_
_*बुद्ध शांती है, अहिंसक नही।*_
_*बुद्ध विज्ञान है, अंधश्रध्दा नही।*_
_*बुद्ध प्रबुद्ध है, युद्ध नही।*_
_*बुध्द अहिंसा है,हिंसा नही।*_
_*बुध्द प्यार है,द्वेष नही।*_

_*🙏 सबका मंगल हो🙏*_

नमो बुद्धाय

22/12/2022
गौतम बुद्ध से पहले भी 27 बौद्ध हुए थे उनके नाम कुछ इस प्रकार है28 बुद्धों के नाम 1 ) Tanhankara Buddha ( तण्हन्कर बुद्ध ...
08/08/2022

गौतम बुद्ध से पहले भी 27 बौद्ध हुए थे उनके नाम कुछ इस प्रकार है

28 बुद्धों के नाम
1 ) Tanhankara Buddha ( तण्हन्कर बुद्ध )
2 ) Medhankara Buddha ( मेधन्कर बुद्ध )
3 ) Sarankara Buddha ( सरणंकर बुद्ध )
4 ) Dipankara Buddha ( दीपंकर बुद्ध )
5 ) Kondanna Buddha ( कोण्डिन्य बुद्ध )
6 ) Mangala Buddha ( मङ्गल बुद्ध )
7 ) Sumana Buddha ( सुमन बुद्ध )
8 ) Revata Buddha ( रेवत बुद्ध )
9 ) Sobhita Buddha ( सोभित बुद्ध )
10 ) Anomadassi Buddha ( अनोमदस्सी बुद्ध )
11 ) Paduma Buddha ( पदुम बुद्ध )
12 ) Narada Buddha ( नारद बुद्ध )
13 ) Padumuttara Buddha ( पदमुत्तर बुद्ध )
14 ) Sumedha Buddha ( सुमेध बुद्ध )
15 ) Sujata Buddha ( सुजात बुद्ध )
16 ) Piyadassi Buddha ( पियदस्सी बुद्ध )
17 ) Atthadassi Buddha ( अत्थदस्सी बुद्ध ) )
18 ) Dhammadassi Buddha ( धम्मदस्सी बुद्ध )
19 ) Siddhattha Buddha ( सिद्धत्थ बुद्ध )
20 ) Tissa Buddha ( तिस्स बुद्ध )
21 ) Phussa Buddha ( फुस्स बुद्ध )
22 ) Vipassi Buddha ( विपस्सी बुद्ध )
23 ) Sikhi Buddha ( सिखी बुद्ध )
24 ) Vessabhu Buddha ( वेस्सभू बुद्ध )
25 ) Kakusandha Buddha ( ककुसंध बुद्ध )
26 ) Konagamana Buddha ( कोणागमन बुद्ध )
27 ) Kassapa Buddha ( कस्सप बुद्ध ) )
28 ) Gotama Buddha ( गौतम बुद्ध )

ललितगिरि (नल्टिगिरी के रूप में भी जाना जाता है) भारतीय राज्य ओडिशा में एक प्रमुख बौद्ध परिसर है जिसमें प्रमुख स्तूप, 'गू...
26/07/2022

ललितगिरि (नल्टिगिरी के रूप में भी जाना जाता है) भारतीय राज्य ओडिशा में एक प्रमुख बौद्ध परिसर है जिसमें प्रमुख स्तूप, 'गूढ़' बुद्ध चित्र और मठ (विहार) शामिल हैं, जो इस क्षेत्र के सबसे पुराने स्थलों में से एक है, इस परिसर में महत्वपूर्ण खोजों में शामिल हैं बुद्ध की मूर्तियाँ अवशेष इस स्थल पर तांत्रिक बौद्ध धर्म का अभ्यास किया जाता था।

ललितगिरि, उड़ीसा के सबसे शुरुआती बौद्ध स्थलों में से एक, मौर्य काल (322-185 ईसा पूर्व) से 13 वीं शताब्दी ईस्वी तक एक सतत सांस्कृतिक अनुक्रम बनाए रखा। यह भी अनुमान लगाया गया है कि इस साइट ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से 10 वीं शताब्दी ईस्वी तक बौद्ध धर्म की निरंतर उपस्थिति बनाए रखी।

एक जीवट स्त्री की मिसाल फूलन देवी ने बौद्ध धम्म उस स्थान पर अपनाया था, जहाँ बाबा साहब ने अपनाया था.....उस तिथि को अपनाया...
25/07/2022

एक जीवट स्त्री की मिसाल फूलन देवी ने बौद्ध धम्म उस स्थान पर अपनाया था, जहाँ बाबा साहब ने अपनाया था.....

उस तिथि को अपनाया था, जिस तिथि को गुरु रैदास का जन्म हुआ था.....

उस मार्ग को अपनाया था, जिसे विश्वगुरु बुद्ध ने बताया था.....

15 फरवरी, 1995 को फूलन देवी के समक्ष विश्वगुरु बुद्ध, गुरु रैदास और बाबा साहब अंबेडकर का अद्भुत समागम हुआ था....

धर्मचक्रप्रवर्तन दिनगुरू पूर्णिमाआषाढ़ी पूर्णिमा का संक्षेप में वर्णनतथागत गौतम बुद्ध ने बैसाख की पूर्णिमा को बोधत्व( ता...
14/07/2022

धर्मचक्रप्रवर्तन दिन
गुरू पूर्णिमा
आषाढ़ी पूर्णिमा का संक्षेप में वर्णन
तथागत गौतम बुद्ध ने बैसाख की पूर्णिमा को बोधत्व( तारनतरन का मार्ग)पाया ।
जब भगवान बुद्ध ने भवसागर से पार होने का मार्ग पाया तब उन्होंने सोचा कि क्यों ना इस मार्ग के बारे में अन्य लोगों को बताया जाये जिससे सबका ही कल्याण हो।
तभी भगवान बुद्ध के और भी विचार आये कि यह जो ज्ञान हमने पाया है इतना उत्तम कोटि का है कि यह मनुष्य जो विषयों में तल्लीन है इसके समझ में नहीं आयेगा
दुनिया में सब अनाड़ी है , मैं किसे अपना उत्तमज्ञान दूं। कोई समझ नहीं पायेंगा।
तब उन्होंने किसी को भी नहीं उपदेश करूंगा ऐसा मन में विचार किया।
तभी महासहाम्पति ब्रह्मा ने आकर भगवान बुद्ध की चरण वंदना की और बड़े ही दीनभाव से कहां पूज्य सम्यक सम्बुद्ध आपने जो उत्तमकोटि का ज्ञान पाया है जोकि भव सागर से पार ले जाने वाला है उस ज्ञान को आज तक किसी भी देव मनुष्य वाली सृष्टि ने नहीं पाया
हे करूणानिधि !कृपाकर आप संसार पर दया करिये और यह अपने द्वारा पाया हुआ उत्तम ज्ञान का उपदेश करें ।
हे विश्वगुरु ! इन अनाड़ियों में ही खिलाड़ी खोज लो
आपकी कृपा संसार पर हो तो धरती भी कल्याणी हो जायेगी नहीं तो यह धरा रसातल में धस जायेंगी चूंकि धर्म डूब जायेगा तो धरती कौन रोक पायेगा।
भगवान बुद्ध ने मौन से स्वीकार किया
और अब भगवान बुद्ध ने विचार किया कि मैं अपना उत्तम ज्ञान के अधिकारी को खोजें उसे उपदेश करें
इसी खोज में बुद्ध निकल पड़े
और उन्हें याद आया कि आलारकालाम समझदार है वे हमारे इस ज्ञान को समझ सकतें हैं और वे उनके आश्रम आये परंतु आलारकालाम काल कलवित हो चुके थे फिर उन्होंने सोचा चलो उद्दकरामपुत्त को देखते हैं वे भी समझदार है , वहां पहुंचे तो उद्दालक का भी देहांत हो चुका था
अंततोगत्वा उन्हें उनके साथी कौडिन्य अस्सजी आदि पंचवर्गीय सेवकों की याद आई जिन्होंने तथागत की साधना के समय बहुत सेवा की थी
उन पांचों की खोज करते करते पता चला कि वे वाराणसी सारनाथ के मृगदाय वन में कुटीर बना के साधना कर रहे है।
भगवान बुद्ध सारनाथ पहुंचे और उन पांचों को कहां
तत्र को भगवा पंच वग्गीय भिक्खु आमन्तेसि।
आओ भिक्खुओं मैंने उत्तम सम्बोधि पाया है ।आज आषाढ़ मास की पूनम है आज हमें उत्तम सम्बोधि को पाये दो महीने हो गए मैंने बैसाख की पूर्णिमा को यह उत्तम सम्बोधि पाया आओ और अपना कल्याण करो
धम्म चक्क पवत्तन सुत्त का उपदेश किया
,,,,*________🙏🏻आवश्यक सूचना🙏🏻 ________*
आप सभी उपासक एवं उपासिकों को अवगत कराते हुए अति प्रसन्नता हो रही है कि कल दिनांक 13 जुलाई 2022 को आषाढ़ी पूर्णिमा ज्ञान पूर्णिमा का पर्व है उक्त पर्व बौद्ध जगत में एवं बौद्ध अनुयायियों के लिए अति महत्वपूर्ण है आषाढ़ी पूर्णिमा का मतलब ज्ञान की पूर्णिमा से है तथागत भगवान बुद्ध ने आषाढ़ी पूर्णिमा को ही पंचवर्गीय भिक्खुओ को सतत 3 माह ज्ञान अर्जन कराया था इसी को धम्म चक्र परिवर्तनाए कहां जाता है ।
एवं इसी आषाढ़ी पूर्णिमा / गुरु पूर्णिमा से वर्षावास प्रारम्भ होता है ।
*प्रतीत्य समुत्यपातिनिति*
*1- बुद्ध - 09 गुण*
*2- धम्म - 06 गुण*
*3- संघ - 09 गुण*
इसी 24 गुणो वाले धम्म चक्र परिवर्तनाए को इसी आषाढ़ी पूर्णिमा को उपदेश किया था
आज यह दिन बुद्ध धम्म में धम्म चक्क पवत्तन दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसे गुरु पूर्णिमा भी कहते हैं। आज के दिन लोग उपोसथ वृत रहते हैं
अबकी बार यह दिन 13जुलाई 2022 को पड़ रहा है
सभी धम्म बन्धुओं से आग्रह है कि वे लोग इस पावन पर्व पर बुद्ध पूजन कर धम्म चक्क पवत्तन सुत्त का वाचन अपने घरों में या अपने आसपास के विहारों में पहुंच कर करें।
बड़ा पुण्यकारी है यह सुत्त और यह दिन
सबका मंगल हो सबका भला हो
आप सभी के आशीर्वाद का आकांक्षी

भिक्खु धम्म ज्योति
सुमंगल बुद्ध विहार सिद्धार्थ पुरम डुढ़वा जमौली उतरी पूरा बिल्हौर कानपुर
में पधार कर बुद्ध वाणी से अपना मंगल साधें
आषाढ़ी पूर्णिमा की सभी प्रथ्वी वासियों को हार्दिक मंगल कामनाएं।

आषाढ़ पूर्णिमा ही गुरु पूर्णिमा है। बुद्ध ही गुरु हैं। बुद्ध ही गुरु हैं। इसी गुरु ने गुरु पूर्णिमा के दिन सारनाथ में पह...
13/07/2022

आषाढ़ पूर्णिमा ही गुरु पूर्णिमा है। बुद्ध ही गुरु हैं।

बुद्ध ही गुरु हैं। इसी गुरु ने गुरु पूर्णिमा के दिन सारनाथ में पहली बार सार्वजनिक ज्ञान दिया था।

बुद्ध ही गुरु हैं। इनकी ही शिक्षाएँ दुनिया भर में अनूदित हुईं।

बुद्ध ही गुरु हैं। अनेक देशों में इसी गुरु के कारण अनेक शिक्षा - केंद्र खोले गए।

बुद्ध ही गुरु हैं। अनेक भिक्खुओं ने इसी गुरु के ज्ञान का अनेक देशों में प्रचार किए।

बुद्ध ही गुरु हैं। इसलिए अनेक देशों में पढ़ाई का सत्र गुरु पूर्णिमा के माह जुलाई से आरंभ होता है।

बुद्ध ही गुरु हैं। अनेक राजाओं ने गुरु पूर्णिमा के दिन अनेक भिक्खु - संघों को शिक्षा हेतु अनेक गाँव दान दिए।

बधाई गुरु पूर्णिमा!🪷🪷🙏🏻

आज से 2600 वर्ष पूर्व पर्यावरण के प्रति बुद्ध का लगाव देखने से यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि वे मनुष्य के कृत को जानने...
05/06/2022

आज से 2600 वर्ष पूर्व पर्यावरण के प्रति बुद्ध का लगाव देखने से यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि वे मनुष्य के कृत को जानने में सक्षम थे इसलिए उन्होने न सिर्फ खुद प्रकृति से प्रेम किए, वरन् संघ के भिक्षुओं को विशेष निर्देश दिए कि उनके किसी भी कृत से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे । कहा जाता है कि जिस व्यक्ति का जन्म जैसे वातावरण में होता हैं, वह जीवन भर उसी वातावरण को पसंद करता है । बौद्ध धर्म में कृषि, वन, वृक्ष और पर्यावरण का बहुत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
▪ बुद्ध के उपदेश में भी कृषि, वन और वृक्ष इत्यादि के उदाहरण भरे पड़े हैं। बौद्ध शिक्षण में पेड़-पौधे, मानव, पशु-पक्षियों और प्रकृति से एकदम निकट का रिश्ता स्थापित किया गया है, जिसमे सदृश्य या अदृश्य सभी प्रकार के जीव-जंतुओं के कल्याण के लिए सिद्धान्त प्रतिपादित किया गया हैं। बौद्ध साहित्य त्रिपिटक में भी पर्यावरण से संबन्धित बहुत उपदेश को दिये हैं। विनय पिटक, जिसे बौद्ध धर्म के 'आचार संहिता' कहा जाता है । सम्पूर्ण बौद्ध साहित्य में अनेकों स्थानों पर पर्यावरण की रक्षा हेतु तमाम तरह की उपदेश दिए गए हैं। जिसको आधार बना कर विश्व के अनेकों देशों ने पर्यावरण की रक्षा हेतु आंदोलन चलाएं, लोगों को जागरूक करने का काम आदि किया ।

भिक्खुओ! छ: बातों से युक्त  भिक्षु अनुत्तर शीतिभाव  ( निर्वाण ) का साक्षात करने में सफल होता है।किन छ: बातों में से?1) भ...
03/06/2022

भिक्खुओ! छ: बातों से युक्त भिक्षु अनुत्तर शीतिभाव ( निर्वाण ) का साक्षात करने में सफल होता है।
किन छ: बातों में से?
1) भिक्षु जिस समय चित्त का दमन करना चाहिए, उस समय चित्त का दमन करता है।
2) जिस समय चित्त को पकडना चाहिए, उस समय चित्त को पकडता है।
3) जिस समय चित्त को हर्षोत्फुल्ल करना चाहिए, उस समय चित्त को हर्षोत्फुल्ल करता है।
4) जिस समय चित्त की उपेक्षा करना चाहिए, उस समय चित्त की उपेक्षा करता है।
5) जिस समय चित्त को लोकोत्तर धर्मो में लगाना चाहिए, उस समय चित्त को लोकोत्तर धर्मो में लगाता है।
6) जिस समय चित्त निर्वाण में अभिरत होता है।
भिक्षुओ!इन छः बातों से युक्त भिक्षु अनुत्तर शीतिभाव का साक्षात करने में सफल होता है।

नमो बुद्धाय🙏🙏🙏

Buddha means wisdom.  Buddha means modesty.  Buddha means compassion.  Buddha means truth.  Buddha means non-violence.  ...
15/05/2022

Buddha means wisdom. Buddha means modesty. Buddha means compassion. Buddha means truth. Buddha means non-violence. Buddha means equality. Buddha means justice. Buddha means humanity. Buddha means immeasurable expanse. Buddha means so much.

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