श्री कृष्ण क्षत्रिय सेना

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श्री कृष्ण क्षत्रिय सेना श्रीकृष्ण जन्मभूमि रक्षा, क्षत्रिय धर्म रक्षा, गौवंश रक्षा एवं सर्व समाज कल्याण हेतु कार्यरत।

राजा कृष्णचन्द्र की जय 🚩 🏵️🙏🏼ग‌ऊ माता की जय 🚩 क्षत्रिय धर्म की जय ⚔️🚩
31/07/2023

राजा कृष्णचन्द्र की जय 🚩 🏵️🙏🏼
ग‌ऊ माता की जय 🚩 क्षत्रिय धर्म की जय ⚔️🚩

पद्मिनी एकादशी का व्रत एवं पूजन आज 29 जुलाई 2023 को है। पद्मिनी एकादशी के पारण का समय 30 जुलाई यानी कल सुबह 5 बजकर 41 मि...
29/07/2023

पद्मिनी एकादशी का व्रत एवं पूजन आज 29 जुलाई 2023 को है। पद्मिनी एकादशी के पारण का समय 30 जुलाई यानी कल सुबह 5 बजकर 41 मिनट से लेकर 8 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।

माना जाता है कि पद्मिनी एकादशी का व्रत सालभर की एकादशियों का पुण्य देता है व जो व्यक्ति इस एकादशी पर भगवान व राजा श्री कृष्णचन्द्र जी की पूजा और व्रत करता है उसके जाने-अनजाने में हुए हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं, वंश वृद्धि होती है। इस साल पद्मिनी एकादशी बहुत खास है क्योंकि इस दिन ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग बन रहा है जो व्रती को दोगुना फल देगा। पद्मिनी एकादशी व्रत के कुछ नियम है जिनका पालन करने वालों को विष्णु संग देवी माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद मिलता है। सभी व्यक्तियों विशेषकर क्षत्रियों से निवेदन है की वे हर दिन कुछ समय पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता जी अवश्य पढ़ें।

पद्मिनी एकादशी के दिन भूल से भी तुलसी जी का पत्ता नहीं तोड़ें। इस दिन किसी भी वृक्ष के पत्ते नहीं तोड़़ना चाहिए।

एकादशी व्रत का फल तभी मिलता है जब व्रती मन और तन दोनों की शुद्धता बनाए रखे, इसलिए इस दिन क्रोध, लालच, अहंकार का त्याग करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। नाखून-बाल न काटें। एकादशी पर देर तक नहीं सोना चाहिए, इससे आपका भाग्य भी देर से ही जागता है।

एकादशी पर भगवान व राजा श्री कृष्णचन्द्र या भगवान श्री विष्णु जी के मन्दिर में पूजा व दान दिया जाता है।

राजा कृष्णचन्द्र की जय 🚩
क्षत्रिय धर्म की जय 🚩⚔️🚩

*PADMINI EKADASHI Fasting and Prayers is done today on Saturday, 29 July, 2023*. Paran time is next day : 05:41 am to 8:23 am.

Fast is observed for the blessings of the God and King Shri Krishnachandra ji. Kirtan and chanting is done of Hare Krishna Mahamantra.

Request everyone especially all Kshatriya to read everyday atleast some parts of Holy Srimad Bhagavad Gita.

Raja Krishnachandra Ki Jai 🚩
Khatriya Dharma Ki Jai 🚩⚔️🚩

भगवान व राजा श्री कृष्णचन्द्र जी द्वारा अश्वरूपी दानव केशी का वध God and King Shri Krishnachandra killing the demon hors...
20/07/2023

भगवान व राजा श्री कृष्णचन्द्र जी द्वारा अश्वरूपी दानव केशी का वध

God and King Shri Krishnachandra killing the demon horse Keshi

Keshi was a demon sent by evil Kansa in order to kill God Shri Krishna. Following his master’s order, Keshi undertook the form of a ferocious horse. He could gallop at incredible speeds, and his terrible neighing frightened the people around him. He started creating panic in the hometown of God Shri Krishnachandra ji. Watching this, Shri Krishna ji who was just a young boy at that time challenged Keshi to an open duel. The Keshi horse charged towards Shri Krishna ji trying to strike him with his huge hooves. Shri Krishna ji caught his two front legs and threw him around to a great distance. Recovering from this fall, agitated Keshi charged again towards Lord Krishna, this time with his jaws open. Shri Krishna ji threw a great blow with his left hand and broke Keshi’s teeth. Shri Krishna ji then started expanding his arm in his mouth, resulting in choking of Keshi. As Keshi fell lifeless to the ground, he assumed his true demonic form.

Kansa had sent a series of demons to Gokula and is said to be the last demon sent by Kansa to kill Shri Krishna ji. After Keshi's killing, Shri Krishna ji and his brother Shri Balarama ji went to Mathura, where in the end Shri Krishna killed his evil uncle Kansa and released his parents from prison.

Keshi-ghat is a major bathing ghat along the sacred river Yamuna ji in Vrindavan, where Shri Krishna ji is believed to have overpowered Keshi.

Raja Krishnachandra Ki Jai 🚩
Kshatriya Dharma Ki Jai 🚩⚔️🚩

जहां पशुओं के प्रति स्नेह, आत्मीयता का भाव होता है एवं उनकी पूजा की जाती है और जहां पशु भी हमारे भगवानों की पूजा करते है...
09/07/2023

जहां पशुओं के प्रति स्नेह, आत्मीयता का भाव होता है एवं उनकी पूजा की जाती है और जहां पशु भी हमारे भगवानों की पूजा करते हैं यह केवल हमारे वैदिक सनातन धर्म में है जो हमें शुद्ध भक्ति भाव की अनुभूति कराता है।

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩परमवीर अर्जुन की जय |🚩क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩
09/07/2023

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩
परमवीर अर्जुन की जय |🚩
क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩
09/07/2023

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩
क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩

07/07/2023

क्या एक बहुत बड़े सोचे समझे षड्यंत्र द्वारा राजपूतों क्षत्रियों के छोटे-बड़े महलों, हवेलियों, गढ़ों, दुर्गों और इतिहास को नष्ट-भ्रष्ट होने दिया जा रहा है?

जय श्री कृष्ण || 🏵️🙏सभी साथियों को शुभ रात्रि।
06/07/2023

जय श्री कृष्ण || 🏵️🙏
सभी साथियों को शुभ रात्रि।

भगवान व राजपूत राजा श्री कृष्णचन्द्र जी यदुवंशी क्षत्रिय थे जो चन्द्रवंशी क्षत्रियों की एक शाखा है। राजा श्री कृष्णचन्द्...
06/07/2023

भगवान व राजपूत राजा श्री कृष्णचन्द्र जी यदुवंशी क्षत्रिय थे जो चन्द्रवंशी क्षत्रियों की एक शाखा है।

राजा श्री कृष्णचन्द्र जी ने अपनी प्रजा जिसमें सर्वसमाज था का कल्याण किया व रक्षा की तथा उन्हें सदैव सत्य, शान्ति तथा धर्म के मार्ग पर चलना सिखाया। इसके कारण उनकी सारी प्रजा में शान्ति व एक दूसरे के प्रति स्नेह, विश्वास और सद्भावना तथा एक दूसरे की सहायता करने का भाव था।

भगवान व राजा श्री कृष्णचन्द्र जी ने राजपूत अर्जुन जो चन्द्रवंशी क्षत्रिय ही थे को महाभारत युद्ध के प्रारम्भ में कुरुक्षेत्र के बीच अपने दिव्य विराट स्वरूप का दर्शन देकर अर्जुन को मोह-माया तथा निराशा को त्यागकर अधर्म की ओर से युद्ध करने वाले जिनमें उनके अनेक प्रिय रिश्तेदार और गुरुजन भी थे से बिना मोह किए लाभ-हानि या विजय-पराजय की चिन्ता किए तथा हर परिणाम को उनपर छोड़कर अपने क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए अपनी पूरी शक्ति से युद्ध लड़ने का आदेश दिया। इसका वर्णन क्षत्रिय धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया है।

भगवान व राजा श्री कृष्णचन्द्र के द्वारा प्रदान किए गए श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेशों पर चलकर द्वापर युग के प्राचीन काल से लेकर आज तक क्षत्रिय धर्म का पालन करते हुए असंख्य राजपूतों क्षत्रियों ने अपनी पीढ़ी दर पीढ़ी अनगिनत त्याग और बलिदान किए हैं जिनके कारण ही अभी तक सर्वसमाज, संस्कृति, भारत राष्ट्र और धर्म बचे हुए हैं।

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩
क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩

भारत में आँध्रप्रदेश के श्रीशैलम वन में पाए जाने वाले हनुमत वीरा नाम के पेड़ की सभी पत्तियों में महावीर हनुमान जी की छवि...
05/07/2023

भारत में आँध्रप्रदेश के श्रीशैलम वन में पाए जाने वाले हनुमत वीरा नाम के पेड़ की सभी पत्तियों में महावीर हनुमान जी की छवि पायी जाती है जो अद्भुत है। हमारे धर्म की साक्षी स्वयं प्रकृति है।

राजा रामचन्द्र की जय 🚩
महावीर हनुमान की जय 🚩

विश्व में बज रहा है क्षत्रिय धर्म का डंका |🚩राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩
05/07/2023

विश्व में बज रहा है क्षत्रिय धर्म का डंका |🚩

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩
क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩⚔️🚩क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩🏵️🙏🏼 #भगवान  #कृष्ण  #श्रीकृष्ण  #क्षत्रिय  #क्षत्रिय_धर्म  #राजपूत...
05/07/2023

राजा कृष्णचन्द्र की जय |🚩⚔️🚩
क्षत्रिय धर्म की जय |🚩⚔️🚩🏵️🙏🏼

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