27/06/2023
उज्जैन में एक और विश्व कीर्तिमान...
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड
में
108 वर्षीय अखंड महायज्ञ
अखंड महायज्ञ...अप्रतिम अवसर...
*108 वर्षीय अखंड महायज्ञ को मिला वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड*
* मौनतीर्थ में सात वर्षों से निरंतर हो रहा महामृत्युंजय महायज्ञ
समूचे विश्व में महाकाल नगरी उज्जैन की कीर्ति पताका एक बार पुनः लहराई है। शिप्रा नदी के पावन तट गंगाघाट पर श्री मौनतीर्थ पीठ में सात वर्षों से नित्य, निरंतर चल रहे 108 वर्षीय अखंड महामृत्युंजय महायज्ञ को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल कर लिया गया है। शनिवार, 24 जून को इंदौर में बायपास रोड पर होटल एग्जोटिका के पास सिटी क्लब, डीएलएफ गार्डन में आयोजित समारोह में मौनतीर्थ पीठ को यह अवार्ड महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में प्रदान किया गया।
सात वर्ष पूर्व सिंहस्थ 2016 में ब्रह्मर्षि श्री श्री मौनीबाबा ने राष्ट्र कल्याण के उद्देश्य से महायज्ञ आरंभ किया था। उनके बाद अब मौनतीर्थ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज के सान्निध्य में यह महायज्ञ प्रतिदिन होता है। महायज्ञ में मुख्य रूप से राष्ट्र कल्याण के उद्देश्य से आहुतियां दी जाती हैं। यज्ञ में गाय का घी, गाय का गोबर, आम आदि की लकड़ियों सहित ऐसी औषधियों का उपयोग होता है, जिनसे वातावरण शुद्ध होता है। शास्त्रों में वर्णित मंत्रों से आहुतियां दी जाती हैं।
*असाध्य रोग होते हैं ठीक*
असाध्य रोगों के निवारणार्थ 3 साल 3 माह और 3 दिन का विशिष्ट यज्ञ भी इस अखंड महायज्ञ के अंतर्गत होता है। इससे कैंसर जैसे असाध्य रोगों का निवारण होता है। दिल्ली निवासी श्री उमंग मेहंदी दत्ता व पूजा मेहंदी दत्ता के 7 साल के पुत्र को भी असाध्य बीमारी थी। उसकी मांसपेशियां काम नहीं करती थी। इस कारण वह चल-फिर नहीं पाता था। सभी डॉक्टरों ने भी कह दिया था कि उसका ठीक होना संभव नहीं। दत्ता दंपति ने यह विशिष्ट यज्ञ कराया, जिससे बच्चे में अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिले।
*देवी देवताओं के निमित्त यज्ञ में आहुतियां*
* अकाल मृत्यु, रोग निवारण और भय मुक्ति के लिए आहुतियां।
* पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए आहुतियां।
* वर्ष की चारों नवरात्रियों में देवी की प्रसन्नता के निमित्त आहुतियां।
* मां गायत्री की प्रसन्नता के लिए आहुतियां।
* कार्तिक कृष्ण पक्ष में धन प्राप्ति और व्यापार वृद्धि के लिए यक्षपति कुबेर की प्रसन्नता के लिए आहुतियां।
* हनुमान जयंती पर शत्रु नाश के लिए आहुतियां।
* समस्त देवी देवताओं के निमित्त भी आहुतियां।
*महायज्ञ इसलिए महत्वपूर्ण...*
* भारत का पहला ऐसा यज्ञ जो 108 वर्षों तक चलेगा।
* सिंहस्थ 2016 में महामृत्युंजय महायज्ञ आरंभ हुआ था।
* हिमालय के त्रिजुगी नारायण से अग्नि लाई गई थी। इसी अग्नि से महायज्ञ में अग्नि प्रज्वलित की गई।
* लगभग 80 वर्ष पहले ब्रह्मर्षि श्री श्री मौनीबाबा त्रिजुगी नारायण से पैदल जाकर अग्नि लाए थे।
* त्रिजुगी नारायण हिमालय का वह स्थान है, जहां भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था।
* महायज्ञ की पूर्णाहुति सिंहस्थ 2124 में होगी।
*राजनेताओं और फिल्म से जुड़ी हस्तियों ने भी दी यज्ञ में आहुतियां*
* प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु योगीराज पायलट बाबा
* ब्रह्मलीन अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरी
* मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं साध्वी उमा भारती।
* संगीतज्ञ उस्ताद अमजद अली खान
* फिल्म निर्देशक गोविंद पहलानी
* प्रसिद्ध गायक अमाल अरमान मलिक ने अपनी माता के साथ आहुतियां दी थीं।
* उद्योगपति मनीष सहारा
* समाजवादी पार्टी के राजनेता अमरसिंह
* पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल
* उड़ीसा के राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल जी
राष्ट्र कल्याण का उद्देश्य
* पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बड़े भाई श्री रामस्वरूप भारती।
* जी टीवी के प्रमुख सुभाष चंद्रा।
* पार्श्व गायिका और सूफी संगीत की कलाकार कविता सेठ
* सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरण और आर्थिक विचारक गोविंदाचार्य।
* शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष।