20/02/2026
*💫ॐ श्री गणेशाय नमःॐ💫*
*🌞आपका दिन मंगलमय हो🌞*
*🌞आज का सनातन पञ्चाङ्ग🌞*
*🔻कलियुगाब्द - 5127*
*🔻संवत - सिद्धार्थ*
*🔻संवत्सर राजा - सूर्य*
*🔻संवत्सर मंत्री - सूर्य*
*🔻दिनांक - 20 फरवरी 2026*
*🔻दिन - शुक्रवार*
*🔻विक्रम संवत् - 2082*
*🔻अयन - उत्तरायण*
*🔻ऋतु - वसंत*
*🔻मास - फाल्गुन*
*🔻पक्ष - शुक्ल*
*🔻तिथि - तृतीया दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात् चतुर्थी*
*🔻नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद रात्रि 08:07 तक तत्पश्चात् रेवती*
*🔻योग - साध्य शाम 06:23 तक तत्पश्चात् शुभ*
*🔻राहुकाल - सुबह 11:15 से दोपहर 12:41 तक*
*🔻सूर्योदय - 06:56*
*🔻सूर्यास्त - 06:26*
*🔻दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*🔻ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:16 से प्रातः 06:06 तक*
*🔻अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:18 से दोपहर 01:04 तक*
*🔻निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:15 फरवरी 21 से रात्रि 01:05 फरवरी 21 तक*
*🔻व्रत पर्व विवरण - अमृतसिद्धि योग, सर्वार्थसिद्धि योग (रात्रि 08:07 से प्रातः 06:55 फरवरी 21 तक)*
*🔻विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔻पति-पत्नी में झगड़े होते हों, तलाक को नौबत आ जाए अथवा पति-पत्नी में मन नहीं बनता है तो पति अपने सिर के नीचे सिन्दूर रख के सो जाए और पत्नी अपने सिर के नीचे कपूर रख के सो जाए । सुबह उठे तो कपूर की आरती कर डालें और पति सिन्दूर घर में फ़ेंक दें, तो पति-पत्नी का स्वभाव अच्छा हो जायेगा ।*
*🌞रोजी – रोटी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी🌞*
*🔻जीवन को यदि तेजस्वी, सफल और उन्नत बनाना हो तो मनुष्य को त्रिकाल संध्या जरुर करनी चाहिए ।हमारी आंतरिक अवस्था ऊँची करने में संध्या के समय आध्यात्मिकता का आश्रय बड़ी मदद करता है ।इस समय की हुई भगवद-आराधना विशेष लाभ करती है।व्यक्ति का चित्त शीघ्र निर्दोष एवं पवित्र हो जाता है।ईश्वर- प्रसाद पचाने का सामर्थ्य आ जाता है।*
*🔻नित्य नियम से त्रिकाल संध्या करनेवाले के जीवन में किसीके सामने हाथ फैलाने का दिन नहीं आता।रोजीरोटी की चिंता नहीं करनी पडती।*
*🔻किसी को गर्मी खूब लगती हो तो पीपल के कोमल-कोमल पत्ते टुकड़े-टुकड़े करके उबाल कर उनका मुर्रब्बा बना लें। इससे ताकत भी बहुत आएगी ।*
*🌞अंतःकरण के दोष व उनकी निवृत्ति🌞*
*🔻(१) चंचलता : सत्य अथवा स्थिर तत्त्व से योग न होने के कारण मन में चंचलतारूपी दोष है, इसीसे अंदर दुर्बलता रहा करती है ।*
*🔻जगत के देहादिक असत् पदार्थों एवं विषय-सुखों से वैराग्य दृढ होने पर जब अभ्यास के द्वारा एक सत्य आधार में मन स्थिर होता है, तभी इस दोष की निवृत्ति होती है ।*
*🔻(२) मलिनता : चित्त में असत् संबंध के कारण असत् चिंतन होते रहने से मलिनतारूपी दोष है, इसीसे खिन्नता रहा करती है ।*
*🔻मन के स्थिर होने पर एक ‘सत् पदार्थ के चिंतन में जब चित्त तल्लीन होता है तभी यह दोष दूर होता है ।*
*🔻(३) अज्ञान : बुद्धि में आत्मज्ञानी संतपुरुष का संग (सत्संग) न मिलने के कारण अज्ञानरूपी दोष है, इसीसे मनुष्य में मूढता रहा करती है ।*
*🔻मन तथा चित्त के स्थिर और शुद्ध होने पर ही मानव-बुद्धि स्वस्थ एवं शांत होकर संत, सद्गुरुदेव से, सुसंग से सद्ज्ञान-प्रकाशपूर्ण होती है । इसीसे अज्ञानरूपी दोष का नाश होता है ।*
*🔻(४) ममता : अहं में देहादिक पदार्थों के प्रति ममतारूपी दोष है । इसीके कारण आसक्ति एवं जड़ता रहा करती है ।*
*🔻सद्ज्ञान-प्रकाश में ही अहं का मिथ्या पदार्थों के प्रति अहमन्यता (अहंता-इदंता) रूपी दोष सत्स्वरूपाभिमान में परिणत हो जाता है, इसीसे जड़तारूपी दोष की निवृत्ति होती है ।*
*🌞दैनिक राशिफल🌞*
*20 फरवरी 2026, शुक्रवार*
*🔻मेष राशि: किसी पारिवारिक सदस्य के कारण तनाव मिल सकता है। भावुकता पर नियंत्रण रखना होगा। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी।*
*🔻वृष राशि: बुद्धि कौशल से किया गया कार्य सफल होगा। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा।*
*🔻मिथुन राशि: निजी संबंध प्रगाढ़ होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। यात्रा देशाटन की स्थिति सुखद होगी।*
*🔻कर्क राशि: किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। कर्म क्षेत्र में सफलता मिलेगी। जबकि भावनात्मक मामलों में तनाव मिल सकता है।*
*🔻सिंह राशि: आर्थिक योजना साकार होगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी।*
*🔻कन्या राशि: भावुकता पर नियंत्रण रखें। उत्तेजना की स्थिति तनावपूर्ण है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। व्यस्तता बढ़ेगी।*
*🔻तुला राशि: पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।*
*🔻वृश्चिक राशि: रिश्तों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य मिलेगा। उपहार या सम्मान का लाभ मिलेगा।*
*🔻धनु राशि: सामाजिक कार्यों में रुचि लेंगे। सांस्कृतिक एवं व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। व्यर्थ के वाद-विवाद में न पड़ें।*
*🔻मकर राशि : बहु प्रतीक्षित कार्य के संपन्न होने से आपके प्रभाव तथा वर्चस्व में वृद्धि होगी। शासनसत्ता का सहयोग मिलेगा।*
*🔻कुंभ राशि: पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। संबंधों में मधुरता आएगी। यात्रा देशाटन की स्थित सुखद होगी।*
*🔻मीन राशि: पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। गृह कार्य में व्यस्त हो सकते हैं। भागदौड़ रहेगी, लेकिन ससुराल पक्ष का सहयोग मिलेगा।*
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*ll जय श्री राम ।।"*
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