Jai bholenaath

Jai bholenaath HAR HAR MAHADEV Bhole ji k Dham
jai kara bhole bhandhari ka
jai kara damaroo dhari ka
jai bholenaath ki. unhe khaber hr baat ki.... jai jai bholenaath ki......

24/05/2026

उत्तर भारत में जेठ के महीने में जब गर्मी अपने प्रचंड रूप में होती है, तब शुरू होता है नौतपा। यह साल के वे 9 दिन होते हैं जब गर्मी अपने चरम पर होती है। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होगा और 2 जून तक चलेगा। इस दौरान चलने वाली तेज लू और झुलसा देने वाली धूप सीधे हमारे शरीर पर असर डालती है।

ज्यादा पसीने के कारण शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से बाहर निकल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी, सिरदर्द और पाचन संबंधी परेशानियां आम हो जाती हैं। इस भीषण गर्मी से बचने और खुद को अंदर से ठंडा रखने के लिए हमारी डाइट का सही होना बेहद जरूरी है।

#नौतपा_के_दौरान_क्या_खाना_चाहिए?
नौतपा के दौरान खाने का सबसे पहला नियम है कि ऐसा खाना खाएं, जो पचाने में हल्का हो और जिसमें पानी की भरपूर मात्रा हो।

#पानी_से_भरपूर_मौसमी_फल_और_सब्जियां:
प्रकृति हमें मौसम के हिसाब से ही फल देती है। इन दिनों अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसी चीजें जरूर शामिल करें। इनमें 90% से ज्यादा पानी होता है, जो शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखता है। सब्जियों में लौकी, तोरई, कद्दू और टिंडा जैसी हरी सब्जियां खाएं, जो पेट के लिए हल्की होती हैं।

#देसी_ड्रिंक्स: बाजार के पैक्ड जूस या कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय घर के बने पारंपरिक ड्रिंक्स को डाइट में शामिल करें।

#छाछ_और_दही- दोपहर के खाने में एक गिलास पुदीने और भुने जीरे वाली छाछ या एक कटोरी दही अमृत से कम नहीं है। यह पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाती है और पाचन दुरुस्त रखती है।

्ना- कच्चे आम का पन्ना लू से बचाने का अचूक इलाज है।

#सत्तू_का_शरबत- चने का सत्तू न सिर्फ शरीर को तुरंत ठंडक देता है, बल्कि लंबे समय तक एनर्जी भी बनाए रखता है।

#नारियल_पानी_और_नींबू_पानी- यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करते हैं।

#हल्का_और_आसानी_से_पचने_वाला_खाना:
दोपहर और रात के खाने में भारी खाने की जगह सादा और हल्का खाना खाएं।मूंग दाल की खिचड़ी,दाल,चावल, दलिया या पतली रोटी और हरी सब्जी सबसे अच्छे ऑप्शन हैं।

#नौतपा_में_किन_चीजों_से_करें_परहेज:
गर्मी के दिनों में कुछ चीजें हमारे शरीर का तापमान और बढ़ा देती हैं और पाचन तंत्र को धीमा कर देती हैं।

#ज्यादा_मसालेदार_और_तला_भुना_खाना- मिर्च-मसाले, समोसे, कचोरी और प्रोसेस्ड फूड पचाने में भारी होते हैं। ये पेट में एसिडिटी और गर्मी बढ़ाते हैं, जिससे आप दिनभर सुस्त और थका हुआ महसूस कर सकते हैं।

#चाय_और_कॉफी- चाय और कॉफी में कैफीन होता है, जो डाईयूरेटिक का काम करता है। इससे बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

#ज्यादा_मीठी_चीजें_और_शराब- ज्यादा चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स और अल्कोहल भी डिहाइड्रेशन को बढ़ावा देते हैं।

#बासी_और_खुला_हुआ_खाना- गर्मियों में तेज तापमान के कारण बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं, जिससे खाना जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए हमेशा ताजा बना भोजन ही खाएं।

#नौतपा_के_लिए_जरूरी_टिप्स:
नौतपा के दौरान प्यास लगने का इंतजार न करें। हर आधे-एक घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर निकलने से बचें। सही खान-पान अपनाकर आप नौतपा की इस भीषण गर्मी को भी सेहतमंद रहकर आसानी से मात दे सकते हैं।

#नौतपा_को_लेकर_धार्मिक_मान्यताएं:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा में सूर्य देव की तपिश सबसे अधिक होती है. इस दौरान सूर्य देव की पूजा, जल अर्पित करना और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे स्वास्थ्य, ऊर्जा और सकारात्मकता मिलती है. कहा जाता है कि नौतपा जितना तेज पड़ता है, मानसून उतना ही अच्छा होता है. पुराने समय में किसान इसे अच्छी बारिश और बेहतर फसल का संकेत मानते थे. नौतपा को तप का समय भी माना जाता है. धार्मिक रूप से यह आत्मसंयम, साधना और धैर्य का प्रतीक माना जाता है. कई लोग इस दौरान व्रत, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करते हैं. भीषण गर्मी के कारण इस समय प्यासे लोगों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य का काम माना जाता है। कई जगहों पर प्याऊ लगाई जाती हैं और जल सेवा की जाती है।

24/05/2026
क्या आप जानते हैं पुरुषोत्तम मास क्या है ?क्या है इसके पीछे की कहानी?तो चलिए हम बताते हैं....पुरुषोत्तम मास (जिसे अधिक म...
19/05/2026

क्या आप जानते हैं पुरुषोत्तम मास क्या है ?
क्या है इसके पीछे की कहानी?
तो चलिए हम बताते हैं....

पुरुषोत्तम मास (जिसे अधिक मास या मलमास भी कहा जाता है) हिंदू पंचांग में लगभग हर 32 महीने बाद आने वाला एक विशेष महीना होता है। यह महीना भगवान Lord Vishnu को समर्पित माना जाता है, इसलिए इसे “पुरुषोत्तम” कहा गया है — पुरुषोत्तम यानी सर्वोत्तम पुरुष, जो भगवान विष्णु का एक नाम है।
💫पुरुषोत्तम मास क्यों आता है?
हिंदू कैलेंडर चंद्रमा के हिसाब से चलता है, जबकि ऋतुएँ सूर्य के हिसाब से। दोनों में लगभग 11 दिनों का अंतर हर साल हो जाता है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए लगभग 3 साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे अधिक मास कहते हैं।

🌺एक समय की बात है सभी महीना को लोग आदर और महत्व देते थे, लेकिन एक अतिरिक्त महीने को कोई नहीं पूछता था। दुखी होकर वह महीना भगवान विष्णु के पास गया और बोला, “प्रभु, सभी मुझे अशुभ कहकर ठुकराते हैं।"

भगवान विष्णु मुस्कुराए और बोले, "आज से तुम मेरे नाम से जाने जाओगे। तुम्हारा नाम पुरुषोत्तम मास होगा, और जो भी इस महीने में भक्ति, दान और अच्छे कर्म करेगा, उसे विशेष पुण्य प्राप्त होगा।"

तभी से यह महीना सबसे पवित्र माना जाने लगा।

यह महीना हमें सिखाता है कि जिसे दुनिया कम समझे, ईश्वर उसे भी सबसे श्रेष्ठ बना सकते हैं। इसलिए कभी खुद को कम मत समझिए ।

इस पुरुषोत्तम मास में भक्ति, सेवा और सकारात्मकता को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए।

🙏🌺जय श्री हरि🌺🙏

28/02/2026

अगर आप अपने और अपनों के संकट निवारण कर काम की सफलता और मनोरथ पूर्ण करने के लिए प्रयासरत हैं? अगर किसी ऐसे दिव्य साधन की खोज मेंं हैं जो ्रबिना किसी प्रपंच, बिना किसी खर्च और बहुत कम समय में केवल प्रार्थना और दर्शन मात्र से अपना प्रभाव दिखा सके तो यहां आकर आपकी तलाश खत्म होती है।
माता का नाम और परिचय ही सन्तोषी है, इसीलिए माता अपने भक्तों के बहुत ही कम प्रयास में भी संतुष्ठ होती है और मनोरथ पूरे करती है। अगर आप सच्चे मन से अपनी इच्छा मां के सामने प्रकट करते हैं और केवल प्रार्थना, पाठ और नियमित दर्शन करते हैं तो कठिन व्रत उपवास हमेशा जरूरी नहीं होता। ऐसा मेरा निजी अनुभव है। आप भी करके देखिए...
करना बस इतना है कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए उसे प्रार्थना की तरह बार-बार दोहराइए। कहते हैं 24 घंटे में एक समय ऐसा अवश्य आता है जब जबान पर मां शारदा वास करती है और उस समय कही गई बात पूरी होती है। यह शुभ बेला आए इसके लिए केवल मां संतोषी की चालिसा का पाठ अपने आप में पूरी स्तुति और पाठ है। यह चालिसा आप को इसी ब्लॉग में मिल जाएगी। यह माता की साइट पर भीे उपलब्ध है।
इसके बाद आता है दर्शन... तो यह और भी आसान है। यहां ब्लॉग पर माता की छवि है ही, वरना यह किसी भी धार्मिक छवि की दुकान पर मिल सकती है।
यह उपाय आप कहीं भी रहते हुए कर सकते हैं। माता बहुत भोली है...और संतोषी तो है ही। ऐक बार माँ को अपना कष्ठ कह कर तो देखिए और महसूस कीजिए कि निवारण कितना जल्दी और सरल होता है।जय सन्तोषी माता सन्तोषी माता की जय,शुक्रवार (संतोषी माता) व्रत विधि सूर्योदय से पूर्व उठें।
जय श्री सन्तोषी माता की जय, मैया जय सन्तोषी माता
घर की सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाएँ।
घर के ही किसी पवित्र स्थान पर संतोषी माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
संपूर्ण पूजन सामग्री तथा किसी बड़े पात्र में शुद्ध जल भरकर रखें।
जल भरे पात्र पर गुड़ और चने से भरकर दूसरा पात्र रखें।
संतोषी माता की विधि-विधान से पूजा करें।
इसके पश्चात संतोषी माता की कथा सुनें।
तत्पश्चात आरती कर सभी को गुड़-चने का प्रसाद बाँटें।
अंत में बड़े पात्र में भरे जल को घर में जगह-जगह छिड़क दें तथा शेष जल को तुलसी के पौधे में डाल दें।
इसी प्रकार 16 शुक्रवार का नियमित उपवास रखें।
अंतिम शुक्रवार को व्रत का विसर्जन करें।
विसर्जन के दिन उपरोक्त विधि से संतोषी माता की पूजा कर 8 बालकों को खीर-पुरी का भोजन कराएँ तथा दक्षिणा व केले का प्रसाद देकर उन्हें विदा करें।
अंत में स्वयं भोजन ग्रहण करें। शुक्रवार (संतोषी माता) के दिन क्या करें
इस दिन व्रत करने वाले स्त्री-पुरुष खट्टी चीज का न ही स्पर्श करें और न ही खाएँ।
गुड़ और चने का प्रसाद स्वयं भी अवश्य खाना चाहिए।
भोजन में कोई खट्टी चीज, अचार और खट्टा फल नहीं खाना चाहिए।
व्रत करने वाले के परिवार के लोग भी उस दिन कोई खट्टी चीज नहीं खाएँ।
संतोषी माता व्रत फल
संतोषी माता की अनुकम्पा से व्रत करने वाले स्त्री-पुरुषों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
परीक्षा में सफलता, न्यायालय में विजय, व्यवसाय में लाभ और घर में सुख-समृद्धि का
पुण्यफल प्राप्त होता है। अविवाहित लड़कियों को सुयोग्य वर शीघ्र मिलता है।दिल से कहो जय श्री आदि शक्ति राज राजेश्वरीश्री भगवती सन्तोषी माँ जी ये खाली नहीं भेजती *प्रेम से बोलो भगवती सन्तोषी माँ जी की जय !!!! *प्रेम से बोलो भगवती सन्तोषी माँ जी की जय !!!! *प्रेम से बोलो भगवती सन्तोषी माँ जी की जय !!!! परम पूज्य श्री नवदुर्गा भगवती गौरी संतोषी महारानी माताजी का दरबार गांव ठाणा(मोहि) पोस्ट ऑफिस गोपालपुर तहसील सरकाघाट जिला मंडी हिमाचल प्रदेश बोलो जय जय श्री भगवती गौरी संतोषी मां
देवभूमि हिमाचल प्रदेश *भारतमाता की जय*****
*जयहिंद**********

01/09/2025
🍃🌾😊परमात्मा में यह जो 'पर' लगा है इससे भ्रांति में मत पड़ जाना। परमात्मा की खोज दूसरे की नहीं,'स्व' की खोज है।यह खोज आंतर...
20/05/2024

🍃🌾😊
परमात्मा
में यह जो 'पर' लगा है
इससे भ्रांति में मत पड़ जाना।
परमात्मा की खोज दूसरे की नहीं,
'स्व' की खोज है।
यह खोज आंतरिक है।
यहां आँखें भीतर लौटानी हैं।
सारी की सारी यात्रा अंतर्मुखी करनी है।
आँखें खोलकर बहुत खोजा,
अब आँखें बंद करके खोजना है।
बहुत सुना बाहर का संगीत,
मनोरंजन भी किया,
अब भीतर का संगीत सुनना है।
अब अनहद नाद सुनना है।
बैठा है पूरा का पूरा परमात्मा
आपके भीतर।
हरी ओम

🍃🌾🌾

*!!!...जो चीज़ें आपको प्रार्थना करने पर भी परमात्मा से प्राप्त नहीं हुई उनके बारे में सोचने के बजाय उन चीजों के बारे में सोचें जो परमात्मा ने आपको बिना मांगे ही दी है...!!!*

*!!  सुप्रभात  !!*1️⃣5️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣4️⃣         फूलों को कभी इत्र लगाने की आवश्यकता नहीं होती वो अपनी सुगंधी से स्व...
15/05/2024

*!! सुप्रभात !!*

1️⃣5️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣4️⃣

फूलों को कभी इत्र लगाने की आवश्यकता नहीं होती वो अपनी सुगंधी से स्वयं के साथ-साथ समस्त प्रकृति को सुगंधित करते हैं।

इत्र की सुगंध तो केवल हवा की दिशा में बहती है पर सद्गुणों की सुगंधी वायु के विपरीत अथवा सर्वत्र बहती है। आपकी प्रशंसा तब नहीं होती जब आप चाहते हैं अपितु तब होती है, जब आप अच्छे कर्म करते हैं।

पानी पीने से प्यास स्वतः बुझती है, अन्न खाने से भूख स्वतः मिटती है और औषधि खाने से आरोग्यता की प्राप्ति स्वतः हो जाती है। इसी प्रकार अच्छे कर्म करने से जीवन में श्रेष्ठता आती है और समाज में आपका सम्मान भी स्वतः बढ़ जाता है।

*!!!...सबका भला सदा ही चाहें, करें भला अपना ही जान...!!!*

*जय श्री कृष्ण*🙏🙏

*आज का दिन शुभ मंगलमय हो।*

*!!  सुप्रभात  !!*0️⃣9️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣4️⃣जिस जीवन में संघर्ष नहीं होगा उस जीवन में सुख - समृद्धि एवं शांति रुपी मधुर ...
09/05/2024

*!! सुप्रभात !!*

0️⃣9️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣4️⃣

जिस जीवन में संघर्ष नहीं होगा उस जीवन में सुख - समृद्धि एवं शांति रुपी मधुर फलों की प्राप्ति भी नहीं हो सकती।

अक्सर हम लोग मधुर फल तो चाहते हैं लेकिन संघर्ष रूपी कड़वाहट का स्वाद नहीं लेना चाहते हैं। हम ये भूल जाते हैं कि जीवन की मधुरता की जड़ संघर्ष है।

जिसके जीवन का संघर्ष जितना बड़ा होगा उसके जीवन में उतनी मिठास होगी। पहले संघर्ष और फिर मिठास यही तो जीवन का नियम है।

*!!!...मन वो सफेद कपड़ा है, उसे जिस रंग में डुबो दोगे उस पर वही रंग चढ़ जाएगा…!!!*

*जय श्री कृष्ण*🙏🙏

*आज का दिन शुभ मंगलमय हो।*

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