18/09/2025
📢 औपचारिक अधिसूचना 📢
त्रिगुणातीत श्री विष्णु मतलोड़ा "बड़ा देव सराज" पेज📍
महानारायणो देवः सर्वेश्वरः जगत्पतिः।
श्री-विष्णु-मतलोड़ेशः विश्वस्वरूपोऽवतु नः॥
त्रिगुणातीतसत्त्वोऽयं भक्तानां रक्षणं करोतु।
आयुरारोग्यमैश्वर्यं, धर्मभक्तिं च ददातु नः॥"
प्रिय श्रद्धालुगण,
यह पावन फ़ेसबुक पेज 09/07/2016 को देव आज्ञा से प्रारंभ किया गया था। स्थापना के उस क्षण से ही यह एक संकल्प का प्रतीक रहा –
👉 देव नीति का पालन करना,
👉 देव नीति की मर्यादा की रक्षा करना,
👉 और भक्तजनों तक उतनी ही सत्कार्यपूर्ण जानकारी पहुँचाना, जितनी उनके जीवन को अपने आराध्य देव से जोड़े रखे।
बीते वर्षों की इस यात्रा में इस पेज पर कभी भी कोई अवांछित या असत्य सामग्री साझा नहीं की गई। यदि कभी भूलवश कोई त्रुटि रह भी गई, तो उसे तुरंत सुधारकर दिया गया अथवा हटा दिया गया। उद्देश्य केवल यही रहा कि दूर-दराज़ बैठे श्रद्धालु भी देवता जी से जुड़े रहें, मेलों-त्योहारों की झलक पा सकें और अपने आराध्य के आशीर्वाद का अनुभव करते रहें।
📌 इस पृष्ठ का ध्येय न तो अनुयायियों की संख्या बढ़ाना था और न ही निजी प्रसिद्धि या लाभ पाना।
📌 आज तक इस पृष्ठ से किसी भी प्रकार की आर्थिक प्राप्ति (earning) नहीं हुई है। यदि कभी भविष्य में ऐसी कोई राशि प्राप्त होती भी, तो वह पूरी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार सात हार भंडार में अर्पित की जानी अथवा देव कार्यों में ही समर्पित होनी सुनिश्चित थी। यह निर्णय पृष्ठ की स्थापना के दिन से ही स्पष्ट और स्थिर रहा है।
अब, समिति के हालिया निर्णय को देव आज्ञा मानकर, विनम्रतापूर्वक यह निवेदन किया जा रहा है कि—
🔹 अब से इस पृष्ठ पर श्री देवता जी के नाम से कोई नई सामग्री प्रकाशित नहीं होगी।
🔹 अब तक साझा की गई सामग्री स्मरण और आस्था के रूप में फिलहाल यथावत उपलब्ध रहेगी।
🔹 भविष्य में पेज का नाम, स्वरूप अथवा संचालन परिस्थितियों के अनुसार बदल दिया जाएगा, एक या दो दिन तक आपको ये पेज प्रदर्शित हो सकता है, तत्पश्चात, इस पेज की स्थिति परिवर्तित कर दी जाएगी।
🙏 आप सभी श्रद्धालुओं का इस संपूर्ण यात्रा में सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद के लिए हृदय से धन्यवाद।
आपके स्नेह और आस्था ने इस छोटे से माध्यम को ईश्वर और भक्तजनों के बीच एक पवित्र सेतु बनाया है।
"सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥"
#श्रीमन्नारायण