04/02/2026
यह मंडी और हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए एक बहुत ही सकारात्मक खबर है। विशेष रूप से बल्ह घाटी के लिए, जो अब वैश्विक मानचित्र पर उभरने को तैयार है।
हिमाचल का नया उड़ान मार्ग: मंडी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और बुनियादी ढांचा क्रांति
हिमाचल प्रदेश, विशेषकर मंडी जिला, अब कनेक्टिविटी के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। भारत सरकार द्वारा दी गई हालिया मंजूरियां और बजट आवंटन राज्य की तस्वीर बदलने वाले हैं।
1. मंडी (नागचला) ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा
• मंजूरी: केंद्र सरकार ने बल्ह घाटी के नागचला में बनने वाले इस भव्य हवाई अड्डे के लिए साइट क्लियरेंस दे दी है।
• निवेश: इस परियोजना पर लगभग ₹4,000 से ₹4,500 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जिसमें भूमि अधिग्रहण और मुख्य निर्माण शामिल है।
• प्रभाव: यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती देगा।
2. ऐतिहासिक बजट और वित्तीय सहायता
केंद्र सरकार ने हिमाचल के विकास के लिए "राजकोषीय तिजोरी" खोल दी है:
• कर हस्तांतरण (2026-27): हिमाचल को ₹13,949 करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया गया है।
• पूंजीगत व्यय (विशेष सहायता): 2020 से 2026 के बीच राज्य को ₹8,309 करोड़ का 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण मिला है। यह राज्य के बुनियादी ढांचे के लिए एक तरह से "उपहार" जैसा है क्योंकि इसका ब्याज केंद्र सरकार वहन कर रही है।
3. कनेक्टिविटी का 'उड़ान' और 'सड़क' नेटवर्क
• हवाई संपर्क: 'उड़ान' योजना के तहत शिमला, कुल्लू, मंडी और रामपुर में हेलीपोर्ट्स के साथ 22 नए हवाई मार्गों पर ₹150 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा चुका है।
• सड़क नेटवर्क: जून 2025 तक प्रदेश में 2,607 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछ चुका है।
• कीरतपुर-नेरचौक एनएच-21: ₹3,400 करोड़ की लागत से बना यह खंड अब पूरी तरह चालू है, जो सफर के समय को काफी कम कर देगा।
• भारतमाला परियोजना: प्रथम चरण के तहत हिमाचल में ₹9,964 करोड़ की लागत से 167 किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों को विकसित किया जा रहा है।