21/08/2026
🚩 कलियुग में हनुमान जी का विशेष महत्त्व
कलियुग को ऐसा युग माना गया है जिसमें मनुष्य के भीतर भय, अशांति, नकारात्मकता, मोह, क्रोध और मानसिक अस्थिरता अधिक बढ़ती है। ऐसे समय में रुद्रावतार श्री हनुमान जी की उपासना को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।
हनुमान जी को “कलियुग के जागृत देवता” कहने की परंपरा भी प्रचलित है। इसका भाव यह है कि वे आज भी अपने भक्तों के लिए सहज सुलभ और शीघ्र कृपा करने वाले देवता माने जाते हैं।
उनकी उपासना के प्रमुख आध्यात्मिक फल माने जाते हैं:
* 🔱 भय और संकट से रक्षा
* 🚩 नकारात्मक शक्तियों एवं बाधाओं से संरक्षण
* 🕉️ मन में साहस और आत्मबल का जागरण
* 🔥 अहंकार, क्रोध और दुर्बलता पर विजय
* 📿 श्रीराम नाम और भक्ति में मन लगना
* 🙏 कठिन परिस्थितियों में धैर्य और विश्वास प्राप्त होना