25/04/2025
कुलदेवी का पता न चले तो करें ये उपाय कीजिए
किसी भी दिन साबुत सुपारी खरीदें ( सुपारी खंडित ना हो साबुत होनी चाहिए ) शुक्रवार सुबह नित्ये कर्म से निबटकर पूजा के स्थान पर एक सिक्का रखें ,उस पर सुपारी रखें ,पास में घी का दीपक जलाएं।
जल की कुछ बुँदे सुपारी को अर्पित कीजिए , सुपारी के ऊपर मौली रख कर कहिए - माता जी वस्त्र अर्पित कर रहे हैं।
सुपारी पर सिंदूर लगा कर कहें - माता जी श्रृंगार ग्रहण कीजिए।
और हाथ जोड़ कर कहें - हे माता जी कोई भूल चूक हुई हो तो अपना समझ कर माफ़ कीजिए। हमारे घर पर स्थान ग्रहण कीजिए। घर के सभी सदस्यों को आशीर्वाद दीजिए और मार्गदर्शन कीजिए।
और मुझे दर्शन दीजिए। सुपारी को कुलदेवी मान कर वहीँ रहने दीजिए।
मौली चढ़ते ही सुपारी गौरी गणेश का रूप ले लेती है। अब हर रोज शाम को घी का दीपक जलाएं ,और प्रार्थना करें माता जी दर्शन दीजिए।
अगर पता चल जाता है , तो लगातार 7 शुक्रवार को माता का घी का दीपक करो। ,उसके बाद महीने में एक दिन होता है , उस दिन शाम को खीर बनाओ बनाओ और माता का भोग लगाओ
माता प्रसन्न होते ही दर्शन देगी ,या कोई रास्ता दिखाएगी।