25/08/2026
मान्यवर,
देवलोक जिनालय admin महोदय
सादर जय जिनेन्द्र🙏
आपने नीचे वाले पोस्टर में लिखा जो आपके पेज पर डाला हुआ है।👇
Que.*तेलंगाना को नए मंदिर की जरूरत है लेकिन कुलपाक जी को नही*
Ans.आदरणीय इसका निर्णय ट्रस्ट मंडल करेगा। आप नहीं।
तेलंगाना को नए मंदिरों और तीर्थी की आवश्यकता हो सकतीं है..
Que.*लेकिन क्या उसके लिए कुलपाकजी जैसे प्राचीन तीर्थ को ही चुना जाए ?*
Ans. किसने चुना आग्रह आमजन और ट्रस्ट मंडल का ही था और ट्रस्ट मंडल ने भी अच्छा सोचकर ही कदम आगे बढ़ाए थे।
तेलंगाना बहुत बड़ा प्रदेश है! जहॉ आज जैन मंदिरों और तीर्थीं की कमी है वहाँ नए जिनालयों का निर्माण होना चाहिए।
Que.*ऐसे स्थान पर केवल नया नाम जोड़ने के उद्देश्य से नए जिनालय बनाना आवश्यक नहीं लगता।*
इससे नए क्षेत्र विकसित होंगे नई श्रद्धा-धाराएँ जुड़ेगी और तेलंगाना को नए तीथीं की पहचान मिलेगी।
Ans. *कई बड़े तीर्थो में जीर्णोद्धार और नव निर्माण होते है। उसका हेतु नया नाम जोड़ना नहीं बल्कि उस तीर्थ की गरिमा और जाहोजलाली बढ़े इस हेतु ट्रस्ट मंडल के आग्रह पर कोई भी साधु साध्वी भगवंत कार्य करवाने की सहमति प्रदान करते है*
आपकी सोच और तर्क गलत है।
*लेकिन कुलपाक जी में...*
चक्रवर्ती जैसे प्रभावशाली प्रभु विराजमान है...
प्राचीनता से भरा भव्य जिनालय पहले से विद्यमान है...
और इसकी तीर्थ-महिमा अद्वितीय एवं अनुपम है।
Que.*ऐसे स्थान पर केवल नया नाम जोड़ने के उद्रेश्य से नए जिनालय बनाना आवश्यक नहीं लगता।*
Ans. आपका कथन पूर्णतः गलत है।
नाम जोड़ने के उद्देश्य से नया जीनालय नहीं बनाया जा रहा था।
और बना भी रहे थे तो ट्रस्ट मंडल बहुत समझदारी से उपयुक्त खाली स्थान पर ही बना रहे था।
उसमें किसी को आपत्ति क्यों..?
Que. *लेकिन प्राचीन तीर्थ की मूल पहचान और संरचना के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।*
Ans. आदरणीय मूल पहचान और मूल संरचना के साथ कोई छेड़छाड़ जैसा कुछ कार्य हो ही नहीं रहा था।
नव निर्माण तो कुलपाक जी तीर्थ परिसर में ही उपयुक्त खाली स्थान पर किया जा रहा था। फिर किसी को आपत्ति क्यों...?
आदरणीय आप द्वारा भ्रामक और गलत जानकारी प्रेषित की जा रही है।
Que. कुलपाकजी का विकास हो लेकिन उसकी प्राचीनता, मूल स्वरूप और तीर्थ-गरिमा की रक्षा के साथ।
Ans. परिसर में ही नये स्थान नव निर्माण से तीर्थ की की प्राचीनता और मूल स्वरूप तो सुरक्षित ही था।
Que *प्राचीन तीर्थीं का सम्मान ही हमारी धार्मिक विरासत का सम्मान है।*
Ans. इस तीर्थ और तीर्थ के सम्मान में कभी कोई कमी नहीं आएगी। इस तीर्थ के प्रति आस्था सबके हृदय में है और हमेशा रहेगी।
Que. *तेलंगाना को नए जिनालय मिलें.. लेकिन कुलपाकजी की महिमा यथावत् बनी रहे!*
Ans. कुलपाक जी तीर्थ की महिमा में कभी कोई कमी हो ही नहीं सकती।
*आपके सभी कथन पूर्णतः गलत और निराधार है।*
*माननीय देवलोक जिनालय पेज के admin महोदय आप इस पेज के माध्यम से आपसी दूरिया बढ़ाने का प्रयास नहीं करें।*
मेरी किसी बात से आपका हृदय दुःखा हो तो *मिच्छामि दुक्कडम* करता हूँ🙏