15/10/2021
प्रणाम 🙏
जय गिरनार जी🐚
जय नेमिनाथ दादा 🐚
⛰️🤩2 story🤩⛰️
*वर्तमान श्री नेमिनाथ परमात्मा की प्रतिमा का पुनः प्रकटीकरण और रत्नसार श्रावक*
परन्तु वह मेरुसम निश्चल रहा । तब गर्जना करते हुए सिंहवाहन के ऊपर बैठकर चारों दिशाओं को प्रकाशित करती हुई अंबिकादेवी पुनः प्रत्यक्ष होकर कहती है , "हे वत्स ! तेरे दृढ सत्व से में प्रसन्न हुंँ , तुम मुझसे वरदान माँगो ।" देवी के इन वचनों को सुनकर रत्नश्रावक कहता है , "हे माँ ! इस महातीर्थ के उद्धार के सिवाय मेरा अन्य कोई मनोरथ नहीं है , आप मुझे श्री नेमिनाथ प्रभु की ऐसी वज्रमय मूर्ति की जो शाश्वत रहे , और जिसकी पूजा से मेरा जन्म कृतार्थ बने एवं पूजा करनेवाले अन्य जीव भी हर्षोल्लास को प्राप्त करें ।" अंबिका देवी कहते है, "सर्वज्ञ भगवंत ने तेरे द्वारा तीर्थ का उद्धार होगा ऐसा कहा है इसीलिए तुम मेरे साथ चलो ! मेरे पीछे-पीछे इधर-उधर देखे बिना चले आओ"। रत्नश्रावक देवी के पीछे-पीछे चलने लगा । बायीं तरफ के अन्य शिखरों को छोडती हुई देवी पूर्व दिशा की तरफ , हिमाद्रि पर्वत के कंचन शिखर पर गयी , जहाँ सुवर्ण नामक , गुफा के पास आकर देवी सिद्धविनायक देव को विंनती करती है-
To be continued.
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*वर्तमान श्री नेमिनाथ परमात्मा की प्रतिमा का पुनः प्रकटीकरण और रत्नसार श्रावक* story इस ग्रुप में आयेगी.... आगे गिरनार जी की बहुत सी stories आयेगी! आप सभी गिरनारमय रहो , गिरनार के बारे में जानो , गिरनार की यादों में जिंदगी के सफर को सुहाना करो , यही प्रभु से हमारी प्रार्थना है!
*दीवाने दादा के* 🐚
*एक नजर गिरनार की ओर* 🐚
*हर कदम गिरनार की ओर* 🐚
*पोस्ट के साथ कोई छेडछाड ना करे अदतादान के महापाप से बचे* 🙏🏻🙏🏻