आर्यन राठौर जिला सह प्रभारी हिंदू युवा वाहिनी मैंनपुरी

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🚩🚩🚩आवश्यक सूचना🚩🚩🚩 #हिन्दू_युवा_वाहिनी_जनपद_मैनपुरी के सभी नगर एवं ब्लॉक पदाधिकारियो को सूचित किया जाता है कि प्रदेश नेत...
14/12/2019

🚩🚩🚩आवश्यक सूचना🚩🚩🚩
#हिन्दू_युवा_वाहिनी_जनपद_मैनपुरी के सभी नगर एवं ब्लॉक पदाधिकारियो को सूचित किया जाता है कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार हिन्दू युवा वाहिनी ैनपुरी_की_समीक्षा_बैठक
कल दिनांक 15 /12/2019 दिन रविवार को दोपहर 3 बजे #राज_मैरेज_होम_स्टेशन_रोड पर आयोजित की जा रही है जिसमे #मुख्य_अतिथि के रूप में #प्रदेश_मंत्री_एवं_आगरा_विभाग_प्रभारी #श्री_पीयूष_श्रीवास्तव_जी

#आगरा_हरिगढ़_संभाग_प्रभारी
#श्री_संपूर्णानंद_जी सम्मिलित होंगे,
अतः आप सभी नगर एवं ब्लॉक के #अध्यक्ष , #प्रभारी, #संयोजक , #महामंत्री सहित मुख्य पदाधिकारी अपने नगर के पदाधिकारियों की सूची के साथ बैठक में उपिस्थित रहें ..
सेठ आर्यन राठौर
जिला सहप्रभारी/ जिला I.T. संयोजक
हिन्दू युवा वाहिनी जनपद मैनपुरी
उत्तर प्रदेश

02/10/2019

अहिंसा परमो धर्म, धर्म हिंसा तथैव च......
इस वाक्य को धरातल पर उतारने बाले दोनों ही महापुरुष की जयंती पर शत शत नमन...
जय जवान जय किसान...
भारत माता की जय
💐💐🙏💐💐

 #ह्रदयाघात सुषमा स्वराज अब हमारे बीच नहीं रहींईश्वर आपको अपने श्री चरणों मे स्थान दें....निःसन्देह यह एक अवांछित क्षति ...
06/08/2019

#ह्रदयाघात सुषमा स्वराज अब हमारे बीच नहीं रहीं
ईश्वर आपको अपने श्री चरणों मे स्थान दें....
निःसन्देह यह एक अवांछित क्षति है....
पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी की सीनियर लीडर सुषमा स्वराज जी का दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया।
वे 67 साल की थी और लंबे अर्से से बीमार चल रही थीं। सुषमा स्वराज जी का किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। बीमारी की वजह से ही उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव से खुद को अलग रखा था।
वर्ष 2014 में सुषमा स्वराज को विदेश मंत्रालय का प्रभार मिला था।
बीजेपी के शासन के दौरान सुषमा दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही थी।
उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ था।
निधन से करीब चार घंटे पहले ही सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर संसद में जम्म कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पारित होने को लेकर खुशी जताई थी और प्रधानमंत्री की तारीफ की थी। सुषमा ने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा-
'प्रधान मंत्री जी - आपका हार्दिक अभिनन्दन. मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।'

वहीं एक अन्य ट्वीट में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी थी। उन्होंने लिखा-
श्री अमित शाह जी को उत्कृष्ट भाषण के लिए बहुत बहुत बधाई।"
आपको कभी भूल नहीं पाएंगे...😢😢😢😢

02/02/2019

जिस नरसंहार पर आज स्टिंग कर छाती पीटीं जा रही है उस नरसंहार को बचपन से सुन सुन कर बड़े हुए हैं....
ख़ैर शुक्रिया न्यूज़ चैनल आज देश को पता लग गया , पूर्वांचल के हिंदुओं को इसका दंश कबसे और कितना चुभ रहा है यह अब शायद बाक़ी लोग भी उतना ही महसूस कर सकेंगे.....
राम भक्तो पर गोली चलाने वालेे मुलायम सिंह को लेकर रिपब्लिक टीवी पर एक बड़ा खुलासा हुआ...
जिसे देखकर आपकी आँखे भी भर जायेगी.....
सौजन्य- Republic Bharat

मेरठ से प्रयागराज तक बनेगा एक्सप्रेसवे...36 हजार करोड़ रुपये का आएगा खर्च...12 जिलों से होकर गुजरेगालखनऊ: इतिहास में पहल...
30/01/2019

मेरठ से प्रयागराज तक बनेगा एक्सप्रेसवे...
36 हजार करोड़ रुपये का आएगा खर्च...
12 जिलों से होकर गुजरेगा
लखनऊ: इतिहास में पहली बार कुम्भ मेले में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री परम पूज्य योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रयागराज को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने के लिए दुनिया के सबसे बड़े #गंगा_एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को सैद्धांतिक सहमति दी है.
मेला क्षेत्र में स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया सेंटर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बताया,
"उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग को प्रयागराज से जोड़ने के लिए मंत्रिमंडल ने गंगा एक्सप्रेसवे को सैद्धांतिक सहमति दी है."
मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेसवे, पर 36000 करोड़ रुपये खर्च होंगे...
इन 12 जिलों से होकर गुजरेगा मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेसवे,
मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ प्रयागराज

एक्सप्रेसवे जब बनेगा तो दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा. यह लगभग 600 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे होगा.
मुख्यमंत्री ने बताया, "इस एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 6,556 हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी. फोर लेन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे का छह लेन तक विस्तार किया जा सकेगा.
आर्यन राठौर जिलासहप्रभारी
जिला संयोजक(IT Cell)
हिंदू युवा वाहिनी मैनपुरी (UP)

कुछ दिनों पहले हिंदुस्तान पेपर में एक खबर छपी थी कि सात साल की अनाथ बालिका जिसका नाम रिमझिम शर्मा है वो मुख्यमंत्री आदित...
25/01/2019

कुछ दिनों पहले हिंदुस्तान पेपर में एक खबर छपी थी कि सात साल की अनाथ बालिका जिसका नाम रिमझिम शर्मा है वो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मिलकर उनको वो खड़ाऊ देना चाहती है जो उसके दिवंगत पिता ने मुख्यमंत्री को देने के लिए रखा था

रिमझिम शर्मा के पिता एक हस्त शिल्पी कारीगर थे और बिजली विभाग के संविदाकर्मी थे जिनकी मृत्यु कुछ दिनों पहले करेंट की चपेट में आने से हो गई थी , रिमझिम की मां का देहांत बहुत पहले हो चुका है

अखबार के इस छोटे से खबर पर किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का ध्यान नहीं दिलाया बल्कि परम पूज्य योगी जी ने खुद इस खबर को पढ़कर अखबार के कार्यालय पर मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कराया और रिमझिम को आज मुख्यमंत्री आवास पर बुला लिया जहां उसके इच्छा पूरी करते हुए उसके पिता के बनाए खड़ाऊ को स्वीकार किया तथा रिमझिम को पांच लाख रूपए अपने व्यक्तिगत एकाउंट से देने के साथ ही उसके नाम पर पांच लाख रुपए जमा कराए और उसके आगे की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की इच्छा जताई

इस मानवीय संवेदना से भरे महान कार्य के लिए योगी आदित्यनाथ जी को कोटि कोटि धन्यवाद
💐💐🙏💐💐

आज  #हिन्दू_युवा_वाहिनी_मैनपुरी जिला कार्यकारिणी की एक बैठक श्री. Pradeep P P Chauhanजी के फार्म हाउस पर  संगठन के वरिष्...
24/01/2019

आज #हिन्दू_युवा_वाहिनी_मैनपुरी जिला कार्यकारिणी की एक बैठक श्री. Pradeep P P Chauhan
जी के फार्म हाउस पर संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री राजेन्द्र सोनी जी की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि #प्रदेश_मंत्री श्री पीयूष शरन जी उपिस्थित हुए बैठक में प्रदेश के निर्देश के अनुसार जिला कार्यकारिणी की सहमति से मुझे का #जिला_संयोजक नियुक्त किया गया..
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्री विनय चौहान जी
जिला सैंयोजक श्री दीपक चौहान जी
सहप्रभारी श्री सुरेंद्र सिंह जी
सह संयोजक प्रदीप प्रदीप सिंह जी,
महामंत्री श्री चेतन चौहान जी,
उपाध्यक्ष श्री सुमित सिकरवार जी,
वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री प्रवीण गुप्ता जी,
मीडिया प्रभारी श्री अवधेशजी,
जिला मंत्री श्री असित मिश्रा जी, ,
कोषाध्यक्ष श्री त्रिलोकी गुप्ता जी,
मंडल अध्यक्ष अरविंद जी,
संरक्षक श्री प्रदीप चौहान जी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।।
मैं आपको ये विस्वास दिलाता हूं कि अपने जो मुझ पर जो भरोसा जताया है उस पर शतप्रतिशत खरा उतरने का प्रयास करूंगा और परम पूज्य योगी आदित्यनाथ जी के निर्देशित कार्यों में अपनी सम्पूर्ण निष्ठा के साथ क्रियाशील रहूँगा..

सेठ आर्यन राठौर (जिला सहप्रभारी)
जिला संयोजक IT Cell
हिन्दू युवा वाहिनी मैनपुरी।।

 #आवश्यक_सूचनागत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी हिन्दू युवा वाहिनी भोगांव के तत्वावधान में अमर शहीद नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी...
22/01/2019

#आवश्यक_सूचना
गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी हिन्दू युवा वाहिनी भोगांव के तत्वावधान में अमर शहीद नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की 122 वीं जयंती के उपलक्ष्य में कल दिनांक 23 जनवरी को मैनपुरी भोगाँव में शोभायात्रा का कार्यक्रम होना सुनिश्चित हुआ है।
अतः आप सभी नेताजी प्रेमियों से निवेदन है कि माँ भारती के लाल सुभाषचंद्र बोस जी की शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मजबूती प्रदान करें।
समय- प्रातः10 बजे
स्थान- पुरानी आलू मंडी [चुंगी]

अधिक से अधिक संख्या में आकर कार्यक्रम को सफल बनायें।
निवेदक- हिन्दू युवा वाहिनी

 ौंग्रेस #इंदिरा_जयसिंह,  #राजीव_धवन और  #शांतिभूषण ये तीनों ही वो वकील थे ...जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SC/ST एक्ट में...
19/12/2018

ौंग्रेस

#इंदिरा_जयसिंह,
#राजीव_धवन और
#शांतिभूषण

ये तीनों ही वो वकील थे ...
जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SC/ST एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने की लड़ाई लड़ी थी और सुप्रीम कोर्ट से ऐसा आदेश पारित भी करा लिया था ।

अब इस तिगड़ी के विषय मे सब जानते हैं ...
कि ये तीनो सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के घोषित और पोषित वकील (पिट्ठू) हैं
इन तीनों ने सुप्रीम कोर्ट से SC/ST एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगवाई और कांग्रेस ने तत्काल इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार बताते हुए पूरे देश मे दंगे कराए....
फिर भाजपा पर यह दबाव बना दिया कि वह फिर से SC/ST एक्ट में तत्काल गिरफ्तारी का कानून संसद में बना दे...और भाजपा ने ऐसा ही किया भी ।
अब कांग्रेस ने सवर्णों को इस कानून के विरुद्ध भड़काया, और उन्हें NOTA दबाकर इसका विरोध करने के लिए उकसाया...

अब आप इन 3 राज्यों के चुनाव परिणामों में NOTA ने जो भूमिका निभाई ...उससे अंदाजा लगा सकते हैं कि कांग्रेस की रणनीति किस हद तक कामयाब हुई ।

भाजपा को कांग्रेस की तरह न्यायपालिका,
कार्यपालिका, मीडिया और शिक्षण संस्थानो में
ऐसा eco system develop करने में और समय आने पर उसे अपने हिसाब से प्रयोग करने में बहुत समय लगेगा ।
उसके लिए भाजपा को कुछ रणनीतिकार चाहियें जो अभी उसके पास नही हैं ।
फिलहाल तो भाजपा के पास कांग्रेस की इन कुत्सित रणनीतियों को समय रहते समझने, ... उसे expose करने और उनका उपयुक्त प्रत्युत्तर देने वाले भी नही हैं। ak A. K. Rathore

29/11/2018

कल से देख रहा हूँ आदरणीय गोरक्षधाम के पिठाधीश व प्रदेश के मुख्यमंत्री परम पूज्य योगी आदित्यनाथ जी द्वारा बजरंगबली पर की गई टिप्पणी से काफ़ी लोगों को तकलीफ़ हो रही है

हालाँकि मैं विवादित मुद्दों पर लिखने से बचता हूँ लेकिन एक तो योगी आदित्यनाथ की सेना का एक बानर हूँ दूसरा योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश का इतना अहसान है हमारे जिले और प्रदेश पर की फ़ेसबुकिया क्रांतिवीरों के कटु शब्द बर्दाश्त नहीं हो पा रहे वैसे भी बाबा ने क्या ग़लत कह दिया ??

आपकी धर्म पर समझ कितनी है..?
इतिहास पर कितनी है..?
उनका मंतव्य क्या था कुछ भी बिना सोचे समझे आप इस प्रकार की ओछि टिप्पणिया कैसे कर सकते हैं ??

मैं भी बजरंगबली बाबा का भक्त हूँ...

हे बजरंगबली पहली बार आप पर लिखने की कोशिश कर रहा हूँ होने वाली ग़लतियों के लिए क्षमा प्रार्थी रहूँगा

!! ॐ अंजनी सुताय विद्धमहे वायु पुत्राय धिमहि
तंनो हनुमते प्रचोदयात ॐ !!

वैसे तो मैं ईश्वर को जाति के बंधन से बाधने का ही पक्षधर नहीं हूँ परन्तु अगर आज के परिदृश्य में देखा जाए तो बाबा द्वारा कही गई बात कहीं से भी ग़लत नहीं है..

बजरंगबली वनवासी थे जंगल में निवास करते थे ऐसा सभी मानते हैं
हिंदू संस्कृति के ह्रास के पूर्व सभी वनवासी भी वनवासी ही थे न की दलित या महादलित लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सत्य है कि

तब के वनवासी आज या तो दलित या महादलित हैं (SC/ST भले उसका कारण गोरे ईसाई समुद्री डकैत हों या मलेक्ष ) और इसका एक बड़ा कारण कहीं न कहीं अभिजात्य हिंदू वर्ग भी है !
अगर आपने अपने लाचार भाइयों का हाथ नहीं छोड़ा होता तो शायद वह आज उसी या बेहतर स्थिति में होते....
जिस प्रकार वनवासी दलित और महादलित हैं उसी प्रकार हनुमान जी भी वनवासी थे..
और योगी जी के कहने का भी संदर्भ वही था न कि कुछ और...
आप बजरंगबली की भक्तों की फ़ौज देखेंगे तो सबसे अधिक लोग हैं उनको पूजने वाले क्या मात्र आप ही उनके उपासक हैं ??

राम चरित मानस में खुद हनुमान जी ने कहा कि
"कहहु कवन मै परम् कुलीना।
कपि चंचल सबहीं बिधि हीना।।"
अर्थात
"मै बहुत कुलीन अर्थात बड़ी और पवित्र जाति का नही हूँ ।
बनवासी हूँ गिरिवासी हूँ वंचित वर्ग से हूं,..."

अब दूसरा बिंदु देखते हैं बजरंग बली हमेशा श्री राम के सेवक रहे भक्त रहे जो की आपकी बनाई गई वर्ण व्यवस्था का हिस्सा है उससे भी आप हम अस्वीकार नहीं कर सकते

फिर तुलसीदास जी लिखते हैं “काँधे मूँज जनेऊ छाजे ....!

जनेऊ पर ही मनन करके देख लीजिए शूद्र /सेवक वर्ग के लिए रस्सी नूमा जनेउ पहनने का विधान है इस पर विस्तार से फिर कभी परंतु नकारने से पहले ज्ञात करके आए

तुलसी दास जी रेशम का जनेऊ भी लिख सकते थे न ?? इन सब बातों को देखने समझने के पश्चात मुझे कदापि आपत्ति नहीं की योगी जी ने जो कहा वह सही है या नहीं

परशुराम जी को ब्राह्मण भगवान राम को क्षत्रिय बुद्ध को क्षत्रिय इत्यादि कहने वाले किस मुँह से बजरंगबली पर कही गई इस बात से पीड़ित हैं ??

कही गई बातों को समझने में विवेक ख़र्च कीजिए हर बात की आलोचना ही ज़रूरी नहीं अगर उनके दलित कहने से दलित वर्ग ख़ुद को हिंदुओ के साथ खड़ा पाता है तो मुझे नहीं लगता स्वयं बजरंगबली भी इस बात से आहत हों

भांड़ मीडिया एक शब्द को पकड़ कर तिल का ताड़ बना देती है।ये कहकर दलितों का मान बढ़ाया योगी जी ने,वहाँ पर चुनावी सभा सम्बोधित कर रहे थे प्रवचन नही सुना रहे थे....!
जय सियाराम
जय बजरंगबली

इतनी यातनाएं दी गईं आजादी के दीवानों को और नेहरू कहते है कि चरखा से आजादी आई....???? नीरा आर्य की कहानी। जेल में जब मेरे...
27/11/2018

इतनी यातनाएं दी गईं आजादी के दीवानों को
और नेहरू कहते है कि चरखा से आजादी आई....????

नीरा आर्य की कहानी। जेल में जब मेरे स्तन काटे गए !

स्वाधीनता संग्राम की मार्मिक गाथा। एक बार अवश्य पढ़े, नीरा आर्य (१९०२ - १९९८) की संघर्ष पूर्ण जीवनी:

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नीरा आर्य का विवाह ब्रिटिश भारत में सीआईडी इंस्पेक्टर श्रीकांत जयरंजन दास के साथ हुआ था | नीरा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अंग्रेजी सेना में अपने अफसर पति श्रीकांत जयरंजन दास की हत्या कर दी थी |

नीरा ने अपनी एक आत्मकथा भी लिखी है | इस आत्म कथा का एक ह्रदयद्रावक अंश प्रस्तुत है -

5 मार्च 1902 को तत्कालीन संयुक्त प्रांत के खेकड़ा नगर में एक प्रतिष्ठित व्यापारी सेठ छज्जूमल के घर जन्मी नीरा आर्य आजाद हिन्द फौज में रानी झांसी रेजिमेंट की सिपाही थीं, जिन पर अंग्रेजी सरकार ने गुप्तचर होने का आरोप भी लगाया था।

इन्हें नीरा ​नागिनी के नाम से भी जाना जाता है। इनके भाई बसंत कुमार भी आजाद हिन्द फौज में थे। इनके पिता सेठ छज्जूमल अपने समय के एक प्रतिष्ठित व्यापारी थे, जिनका व्यापार देशभर में फैला हुआ था। खासकर कलकत्ता में इनके पिताजी के व्यापार का मुख्य केंद्र था, इसलिए इनकी शिक्षा-दीक्षा कलकत्ता में ही हुई।

नीरा नागिन और इनके भाई बसंत कुमार के जीवन पर कई लोक गायकों ने काव्य संग्रह एवं भजन भी लिखे | 1998 में इनका निधन हैदराबाद में हुआ।

नीरा आर्य का विवाह ब्रिटिश भारत में सीआईडी इंस्पेक्टर श्रीकांत जयरंजन दास के साथ हुआ था |

नीरा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अंग्रेजी सेना में अपने अफसर पति श्रीकांत जयरंजन दास की हत्या कर दी थी।

आजाद हिन्द फौज के समर्पण के बाद जब लाल किले में मुकदमा चला तो सभी बंदी सैनिकों को छोड़ दिया गया, लेकिन इन्हें पति की हत्या के आरोप में काले पानी की सजा हुई थी, जहां इन्हें घोर यातनाएं दी गई।

आजादी के बाद इन्होंने फूल बेचकर जीवन यापन किया, लेकिन कोई भी सरकारी सहायता या पेंशन स्वीकार नहीं की।

नीरा ने अपनी एक आत्मकथा भी लिखी है | इस आत्म कथा का एक ह्रदयद्रावक अंश प्रस्तुत है -
‘‘मैं जब कोलकाता जेल से अंडमान पहुंची, तो हमारे रहने का स्थान वे ही कोठरियाँ थीं, जिनमें अन्य महिला राजनैतिक अपराधी रही थी अथवा रहती थी।

हमें रात के 10 बजे कोठरियों में बंद कर दिया गया और चटाई, कंबल आदि का नाम भी नहीं सुनाई पड़ा। मन में चिंता होती थी कि इस गहरे समुद्र में अज्ञात द्वीप में रहते स्वतंत्रता कैसे मिलेगी, जहाँ अभी तो ओढ़ने बिछाने का ध्यान छोड़ने की आवश्यकता आ पड़ी है?

जैसे-तैसे जमीन पर ही लोट लगाई और नींद भी आ गई। लगभग 12 बजे एक पहरेदार दो कम्बल लेकर आया और बिना बोले-चाले ही ऊपर फेंककर चला गया। कंबलों का गिरना और नींद का टूटना भी एक साथ ही हुआ। बुरा तो लगा, परंतु कंबलों को पाकर संतोष भी आ ही गया।

अब केवल वही एक लोहे के बंधन का कष्ट और रह-रहकर भारत माता से जुदा होने का ध्यान साथ में था।

‘‘सूर्य निकलते ही मुझको खिचड़ी मिली और लुहार भी आ गया। हाथ की सांकल काटते समय थोड़ा-सा चमड़ा भी काटा, परंतु पैरों में से आड़ी बेड़ी काटते समय, केवल दो-तीन बार हथौड़ी से पैरों की हड्डी को जाँचा कि कितनी पुष्ट है।

मैंने एक बार दुःखी होकर कहा, ‘‘क्याअंधा है, जो पैर में मारता है?’’‘‘पैर क्या हम तो दिल में भी मार देंगे, क्या कर लोगी?’’

उसने मुझे कहा था।‘‘बंधन में हूँ तुम्हारे कर भी क्या सकती हूँ...’’ फिर मैंने उनके ऊपर थूक दिया था, ‘‘औरतों की इज्जत करना सीखो?’’

जेलर भी साथ थे, तो उसने कड़क आवाज में कहा, ‘‘तुम्हें छोड़ दिया जाएगा,यदि तुम बता दोगी कि तुम्हारे नेताजी सुभाष कहाँ हैं?’’

‘‘वे तो हवाई दुर्घटना में चल बसे,’’ मैंने जवाब दिया, ‘‘सारी दुनिया जानती है।’’

‘‘नेताजी जिंदा हैं....झूठ बोलती हो तुम कि वे हवाई दुर्घटना में मर गए?’’ जेलर ने कहा।
‘‘हाँ नेताजी जिंदा हैं।’’

‘‘तो कहाँ हैं...।’’

‘‘मेरे दिल में जिंदा हैं वे।’’

जैसे ही मैंने कहा तो जेलर को गुस्सा आ गया था और बोले, ‘‘तो तुम्हारे दिल से हम नेताजी को निकाल देंगे।’’ और फिर उन्होंने मेरे आँचल पर ही हाथ डाल दिया और मेरी आँगी को फाड़ते हुए फिर लुहार की ओर संकेत किया...लुहार ने एक बड़ा सा जंबूड़ औजार जैसा फुलवारी में इधर-उधर बढ़ी हुई पत्तियाँ काटने के काम आता है, उस ब्रेस्ट रिपर को उठा लिया और
मेरे दाएँ स्तन को उसमें दबाकर काटने चला था...लेकिन उसमें धार नहीं थी, ठूँठा था और उरोजों (स्तनों) को दबाकर असहनीय पीड़ा देते हुए दूसरी तरफ से जेलर ने मेरी गर्दन पकड़ते हुए कहा,
‘‘अगर फिर जबान लड़ाई तो तुम्हारे ये दोनों गुब्बारे छाती से अलग कर दिए जाएँगे...’’

उसने फिर चिमटानुमा हथियार मेरी नाक पर मारते हुए कहा,
‘‘शुक्र मानो महारानी विक्टोरिया का कि इसे आग से नहीं तपाया, आग से तपाया होता तो तुम्हारे दोनों स्तन पूरी तरह उखड़ जाते।’’
सलाम हैं ऐसे देश भक्त को। आजादी के बाद इन्होंने फूल बेचकर जीवन यापन किया, लेकिन कोई भी सरकारी सहायता या पेंशन स्वीकार नहीं की।
जय हिन्द, जय माँ भारती, वन्देमातरम !!!

26/11/2018

निम्न श्लोक मेरे उन मित्रों के लिए है जो आजकल यह उद्घोष कर रहे हैं कि--राम मंदिर नहीं तो सरकार नहीं ।

अहो सुरम्य वदनारविन्दं सुनासिका बिम्बफलाधरोष्ठम्।
प्रफुल्लपद्मायतलोचनायाः पुच्छं विना तुच्छमिदं हि सर्वम।

इस श्लोक का शब्दार्थ जिन्हें समझ आ गया है तो ठीक, नहीं समझ में आया है तो उसे लिखने से पहले अपनी बात कह दूं

2014 में जिन खास मुद्दों पर बीजेपी/मोदी को वोट दिया था उनके लिए बीजेपी ने कहा था कि परिवर्तन और विकास के लिए वोट दीजिए। 370 की समीक्षा की जायेगी और संविधान के दायरे में राम मंदिर बनाया जायेगा

विकास के नाम पर वर्ल्ड बैंक और दुनिया की तमाम रेटिंग एजेंसी भारत की प्रशंसा कर रहीं हैं लेकिन भारत की सासें अभी भी वही बहुएं ढूंढतीं हैं जो सुई के छेद में से ऊंट निकाल दें।
370 पर पहुंचने से पहले 35ए पर ठीकठाक विवाद हुआ।

अब आते हैं राम मंदिर के मुद्दे पर। शायद संविधान के दायरे में इस मुद्दे को सुलझाने की सोच रखने वाले ये सोच रहे थे कि पांच साल में सुप्रीम कोर्ट में लम्बित मुकदमे का हल कोर्ट से निकल आयेगा।
पांच साल में सुप्रीम कोर्ट में शायद छह मुख्य न्यायाधीश आये लेकिन किसी ने इसको सलटाने के लिए कोई खास रुचि नहीं दिखाई।
इसका लाभ यह हुआ कि लोगों में बढ़ते आक्रोश को ठंडा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने छह राज्यों को समेटते हुए रामायण सर्किट बनाने की घोषणा कर दी। रामकथा संग्रहालय बनाने की घोषणा कर दी।
अयोध्या से जनकपुर तक की बस सेवा शुरू कर दी।रामायण एक्सप्रेस चला दी। फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर दिया और 221 मीटर ऊंची श्रीराम जी की मूर्ति प्रतिष्ठित करने की घोषणा कर दी।
सोचिए, यदि राम मंदिर पहले साल में बन जाता तो क्या ये सब कदम उठते???
संविधान और सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना करके बीजेपी उसी विपक्ष जो आज राम मंदिर की तारीख पूछता है उसके हाथ में ये हथियार नहीं देना चाहती कि बीजेपी को ही संवैधानिक संस्थाओं में भरोसा नहीं है और इनकी अवहेलना कर रही है।
अब आइए समझें ऊपर लिखे श्लोक का अर्थ । इसका अर्थ समझने के लिए आपको इसका संदर्भ समझना भी जरूरी है।
बात तब की है जब श्रीराम ने रावण की मार दिया तो विभीषण और हनुमान जी को माता सीता को अशोक वाटिका से पालकी में बैठाकर लाने के लिए भेजा। सीता माता की पालकी आ रही थी लेकिन वानरों और रीछों में यह देखने का कौतूहल था कि वे कौन हैं कैसी दिखतीं हैं जिनके लिए इतना भंयकर युद्ध हुआ और रावण जैसे पराक्रमी राजा ने अपने प्राण दे दिये।
सेना का मनोभाव समझते हुए श्रीराम ने सीताजी को पालकी से उतर कर पैदल आने के लिए कहा। सीता जी पालकी से उतर कर चलने लगीं तो वानरों और रीछों ने उन्हें निहारते हुए उपरोक्त श्लोक कहा---
'अरे!अरविंद-सदृश यह वदन कितना रमणीय है, इनकी नाक कितनी नुकीली है और होंठों में बिम्ब फल की लालिमा को भी मात करने की क्षमता है ; इनके लोचन विकसित नलिन की तरह आकर्षक हैं।'
तदन्तर उन्होंने अन्वेषण आरम्भ किया कि सीता माता के पूंछ है या नहीं।जब उन्हें विश्वास हो गया कि पूंछ है ही नहीं, तब उनका निर्णय हुआ कि पूंछ के बिना सारा सौंदर्य व्यर्थ है-- #पुच्छं_विना_तुच्छमिदं_हि_सर्वम् ।

राम मंदिर नहीं तो सरकार नहीं, इसलिए कांग्रेस सपा और बसपा को ही वोट देना है।
वैसे कभी अपने गिरेबान में झांक कर भी देखने का कष्ट करना कि कल्याण सिंह ने 1992 में सुप्रीम कोर्ट मेंबाबरी मस्जिद की सुरक्षा का एफिडेविट देने के बाद भी मस्जिद विध्वंस होने दी थी और 2014/17 तक आप लोग चादर ओढ़ कर सो गए थे । वर्ल्ड बैंक क्या कह रहा है, रेटिंग एजेंसियां क्या कह रहीं हैं आंकड़े क्या कह रहे हैं सब बेकार --
#पुच्छं_विना_तुच्छमिदं_हि_सर्वम्।

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