Shree Shree 108 Durga Puja samiti Beta parsa

Shree Shree 108 Durga Puja samiti Beta parsa shree Shree 108 Durga Puja samiti beta parsa

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना की जाती है, जो पूरे नौ दिनों की पूजा का आधार होता है। यहाँ इसकी चरण-दर-चरण...
21/09/2025

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना की जाती है, जो पूरे नौ दिनों की पूजा का आधार होता है। यहाँ इसकी चरण-दर-चरण विधि दी गई है:
कलश स्थापना की तैयारी
सामग्री: मिट्टी का कलश (या तांबे/चांदी का), पवित्र मिट्टी, जौ या सप्तधान्य (सात अनाज), गंगाजल, कलावा (मौली), सुपारी, अक्षत (कच्चे चावल), सिक्का, हल्दी की गांठ, आम या अशोक के पाँच पत्ते, नारियल, लाल कपड़ा या चुनरी, रोली, चंदन, फूल और फूलमाला।
स्थान: पूजा स्थान को साफ करें, गंगाजल का छिड़काव करके उसे शुद्ध करें। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में एक चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं।
कलश स्थापना की विधि
जौ बोना: सबसे पहले मिट्टी के एक चौड़े बर्तन में पवित्र मिट्टी फैलाएँ और उसमें जौ या सप्तधान्य बो दें।
कलश तैयार करना: अब कलश पर कलावा बांधें और उस पर रोली से स्वास्तिक बनाएँ। कलश में गंगाजल के साथ शुद्ध जल भरें।
कलश में सामग्री डालें: कलश के जल में सुपारी, अक्षत, सिक्का, हल्दी की गांठ, दूर्वा और लौंग डालें।
पल्लव रखना: कलश के ऊपर आम या अशोक के पाँच पत्ते रखें।
नारियल की स्थापना: एक नारियल पर लाल चुनरी लपेटकर उसे कलावे से बांधें। फिर इसे कलश के मुख पर रखें, ध्यान रखें कि नारियल का मुख आपकी तरफ हो।
घट स्थापित करना: कलश को जौ वाले बर्तन के ठीक बीच में स्थापित करें।
अखंड ज्योत: कलश के पास ही एक अखंड ज्योति जलाएँ, जो पूरे नौ दिनों तक जलती रहनी चाहिए।
कलश और माता की पूजा
संकल्प: हाथ में अक्षत, फूल और जल लेकर नौ दिनों के व्रत और पूजा का संकल्प लें।
गणेश पूजा: सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें।
वरुण देव का आह्वान: कलश में सभी पवित्र नदियों और वरुण देव का आह्वान करें।
माता का आह्वान: अब माता दुर्गा का आह्वान करते हुए मंत्रों का जाप करें। आप "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे" मंत्र का जाप कर सकते हैं।
पंचोपचार पूजा: कलश और माता की प्रतिमा की पंचोपचार पूजा करें, जिसमें फूल, कपूर, अगरबत्ती, दीप आदि अर्पित करें।
दुर्गा सप्तशती का पाठ: नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
विसर्जन
नवरात्रि के आखिरी दिन यानी दशमी को कलश और जौ वाले बर्तन को विसर्जित कर दें। जौ के अंकुरित दानों को प्रसाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री का होता है । इन्हें प्रथम नवदुर्गा भी कहते हैं। इस दिन मां को सफेद चीजों का भोग जैसे ...
21/09/2025

नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री का होता है । इन्हें प्रथम नवदुर्गा भी कहते हैं। इस दिन मां को सफेद चीजों का भोग जैसे पेड़ा,खीर या नारियल का भोग लगना चाहिए। भक्तगण नवरात्रि के नौ दिन तक उपवास रखते हैं। जो लोग पूरे व्रत नहीं रखते हैं, वो पहले दिन और आखिरी दिन उपवास रखते हैं। मां का ये रूप बहुत ज्यादा प्यारा है। माना जाता है कि शैलपुत्री की पूजा करने से इंसान को अपने सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।

21/09/2025

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🙏

21/09/2025
Jai Mata Dee
29/04/2025

Jai Mata Dee

02/10/2024

जय माता दी 🙏🙏🙏

09/04/2024
09/04/2024

Jai Mata Di

Jai Mata Di happy navratri
09/04/2024

Jai Mata Di happy navratri

Address

Durga Mandir Beta Parsa, Harlakhi, Madhubani
Madhubani
847230

Telephone

+918340262535

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shree Shree 108 Durga Puja samiti Beta parsa posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Shree Shree 108 Durga Puja samiti Beta parsa:

Share

Category