प्राचीन माँ चंडी स्थान

प्राचीन माँ चंडी स्थान Chandi Sthan Mandir an ancient temple has been cared by the Devhar (देवहर) family for centuries. A centuries-old Shivling was recently discovered in the temple.

Every Tuesday, prayers are offered, and during MahaSaptmi, devotees gather in large numbers.

31/03/2026

जय मां चंडी🙏🙏

आज रामनवमी के शुभ अवसर पर प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर प्रांगण में स्थित बजरंग बली मंदिर के पास देवहर परिवारों के द्वारा...
27/03/2026

आज रामनवमी के शुभ अवसर पर प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर प्रांगण में स्थित बजरंग बली मंदिर के पास देवहर परिवारों के द्वारा ध्वजा स्थापित किया गया। मंदिर परिसर में स्थित मां चंडी, भगवान शिव, बुधाय सुधाय बाबा एवं बाबा बजरंगबली का पूजन का पूजन किया गया।

जयश्री राम🚩🙏
जय बाबा बजरंगबली🚩🙏

कोशी सहित पूरे बिहार वासियों के लिए बेहद गर्व और प्रसन्नता की बात है कि प्राचीन माँ चंडी स्थान कुमारखंड, मधेपुरा को समग्...
06/01/2026

कोशी सहित पूरे बिहार वासियों के लिए बेहद गर्व और प्रसन्नता की बात है कि प्राचीन माँ चंडी स्थान कुमारखंड, मधेपुरा को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन अब तैयार हो गया है। मां चण्डिका शिव सेवा समिति पूर्ण रूप से चंडी स्थान कुमारखंड मधेपुरा में भव्य मंदिर निर्माण शीघ्र पूरा कराने हेतु कृतसंकल्पित हैं। माँ चंडी मंदिर और उसके साथ बनने वाली संरचनाओं का डिजाइन नोएडा की प्रतिष्ठित डिजाइन कंसल्टेंसी द्वारा तैयार कराया गया है।

यह केवल मंदिर का निर्माण नहीं, हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का पुनर्जन्म है। बिहार अब अपने वैभवशाली अतीत को वर्तमान में जीवंत कर, एक नई पहचान की ओर अग्रसर है। मां चंडी स्थान मंदिर परिसर अब सांस्कृतिक वैभव के नए युग की ओर अग्रसर है। प्राचीन माँ चंडी स्थान का विकास, केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं — यह हमारी आस्था, परंपरा और गौरव की पुनर्स्थापना है। बिहार, अब अपने सांस्कृतिक वैभव की नई इबारत लिखने को तैयार है।

अपनी धर्म एवं संस्कृति को जीवित रखने के साथ साथ मेरा मुख्य सोच है पर्यटन के क्षेत्र में विकास एवं समाज को रोजगार का साधन उपलब्ध कराना। मंदिर निर्माण से विकास के लिए विधिक और प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाएगा। प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर अब केवल एक आस्था का केन्द्र नहीं, बल्कि भारत के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक भव्य प्रतीक के रूप में स्थापित होने जा रहा है।

हमें विश्वास है चंडी स्थान का समग्र विकास होने पर यह देश-विदेश के श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का एक बड़ा केंद्र बनेगा, क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और विकास को रफ्तार देगा तथा मिथिला और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

आस्था और संस्कृति के प्रतीक प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर कुमारखंड मधेपुरा का जल्द ही नए स्वरूप में कायाकल्प किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस पवित्र स्थान को आधुनिक और आकर्षक रूप देने की योजना बनाई गई है।

मंदिर कमेटी द्वारा मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर मार्ग, स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, पारंपरिक धार्मिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले भक्तों को एक दिव्य और सुव्यवस्थित अनुभव मिल सके।

इस पहल से न केवल मां चंडी नगरी की धार्मिक गरिमा और बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और क्षेत्र के समग्र विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। हमें उम्मीद है कि प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर प्रांगण आने वाले समय में एक भव्य धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

मां चण्डिका शिव सेवा समिति
(लक्ष्मीपुर चंडीस्थान, कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार।)
संपर्क सूत्र:-
9162505702/ 9006758616/ 9006989501/ 8406875106/ 9931055961.
ईमेल:- [email protected]

प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार का विराट मंदिर कैंपस। इतिहास का गौरव बयां करता है, मधेपुरा का प्रस...
25/12/2025

प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर कुमारखंड, मधेपुरा, बिहार का विराट मंदिर कैंपस। इतिहास का गौरव बयां करता है, मधेपुरा का प्रसिद्ध माँ चंडिका एवं भगवान शिव मंदिर। 🙏🙏

गौरवशाली इतिहास और अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत की भूमि, उत्तर बिहार के प्राचीनतम मंदिरों में से एक मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड के लक्ष्मीपुर चंडीस्थान गांव स्थित हजारों साल प्राचीन शक्तिपीठ मां चण्डिका का विशाल मंदिर है। यह सम्पूर्ण भारत में प्रसिद्ध सिद्धपीठों में से एक व जाग्रत अवस्था में है। जो मां चण्डिका स्थान के नाम से प्रचलित है। यह मंदिर उत्तरी बिहार में सबसे ऐतिहासिक मंदिर है। मंदिर से लगे विशाल वटवृक्ष है जो मंदिर एवं आसपास के जगहों को छायादार रखता है। आसपास की आबादी कम होने की वजह से यह स्थल अत्यंत शांत व सुन्दर तथा वातावरण स्वच्छ है। मंदिर के गर्भगृह में मां चण्डिका की प्रतिमा है। इस स्थल की सबसे विचित्र बात यह है कि मां चण्डिका की भगवती को कितना भी जल चढ़ाया जाए। फिर भी जल जमीन के अंदर ही समा जाता है। मंदिर में प्रकृतिक के अदभूत और मनोहारी दृश्य दर्शनीय है। इस दृश्य को देखकर जीव और ब्रह्म की सत्ता का ज्ञान अपने आप होती है। यहां सालों भर प्रत्येक मंगलवार को विशेष पूजा अर्चना होती है। दशहरा पर्व में सभी दस दिन भव्य मेला में दूर-दूर से आए भक्तों की भीड़ रहती है।
कोसी के सांस्कृतिक इतिहास में अहम स्थान रखने वाले श्रद्धा, विरासत, इतिहास और ऐतिहासिक धरोहर का परिचायक शक्तिपीठ प्राचीन माँ चण्डी स्थान मंदिर।
जय माँ चण्डिका...⛳💐🙏

#देवहर_फैमिली #सांस्कृतिकधरोहर #आस्था_और_परंपरा #समरसता #भारतकीसंस्कृति

जब कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भगवान का विरोध किया तो उस सबका क्या हाल हुआ पूरा भारतवर्ष देखा। तुम किस खेत का मू...
22/11/2025

जब कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों ने भगवान का विरोध किया तो उस सबका क्या हाल हुआ पूरा भारतवर्ष देखा। तुम किस खेत का मूली हो मां चंडी एवं भगवान शिव के काम में अर्चन लगाकर तुम्हारा कुछ नहीं होगा। प्राचीन माँ चंडी स्थान मंदिर निर्माण में जो भी किया है या करना चाहता है, उसको एक बात याद दिला हूं तुम्हारा पतन निश्चित होगा। यहां भव्य मंदिर निर्माण हो कर रहेगा। देवहर परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ता है किसी का। देवहर परिवार का खुला चैलेंज है, किसी को औकात है तो खुलकर मंदिर का विरोध करके देखो। भगवान के काम में या समाज हित से जुड़े किसी भी कार्य में हर कोई सहयोग करता है, लेकिन यहां कुछ ऐसे भी आदमी है, जो भगवान के नाम में भी फायदा चाहता है, तुम्हारा मंसूबा कभी पूरी नहीं होगा। भगवान सबकुछ देख रहा है। मां चंडी एवं भगवान शिव तुमको कभी माफ़ नहीं करेगा।

जय मां चंडी 🙏🙏
हर हर महादेव 🙏🙏

#देवहर_फैमिली #सांस्कृतिकधरोहर #आस्था_और_परंपरा #समरसता #भारतकीसंस्कृति

हे मां चंडिका🙏🙏आप तो इस संसार की जननी हैं। आपके बिना कुछ भी नहीं चलता — न पत्ता हिलता है, न समय रुकता है। आपने ही असुरों...
15/11/2025

हे मां चंडिका🙏🙏

आप तो इस संसार की जननी हैं। आपके बिना कुछ भी नहीं चलता — न पत्ता हिलता है, न समय रुकता है। आपने ही असुरों का संहार किया, आपने ही अधर्म का अंत किया। आपने हमेशा सत्य, धर्म और न्याय का साथ दिया।

इतिहास गवाह है, आपने रंक को राजा और राजा को रंक बना दिया। आपकी कृपा हो जाए तो सूखा जंगल भी हरा हो जाता है। लेकिन आज एक सवाल है — और वो सवाल सिर्फ एक भक्त का नहीं, पूरी आस्था का है।

अगर आप वहां साक्षात निवास करती हैं, जहां भक्त आपका उत्सव मनाते हैं, तो फिर वहां अनदेखी क्यों हो रही है? आपके महोत्सव को आज तक सरकारी मान्यता क्यों नहीं दी गई? क्यों प्रशासन की आंखें बंद हैं? क्या आपके भक्तों का उत्साह, उनकी भक्ति, उनकी परंपरा किसी सरकारी दस्तावेज़ के लायक नहीं?

सवाल सिर्फ मान्यता का नहीं है — सवाल सम्मान का है।
क्यों कुछ पर्वों को विशेष दर्जा मिलता है, जबकि कुछ आयोजनों को लगातार नजरअंदाज किया जाता है?
क्या यह भेदभाव नहीं है?

नेता धर्म की बातें तो बहुत करते हैं, मंचों से देवी-देवताओं का नाम भी लेते हैं, लेकिन जब बात आस्था के साथ खड़े होने की आती है — तो सब चुप क्यों हो जाते हैं?
क्या धर्म अब राजनीति के लिए सिर्फ एक दिखावा बनकर रह गया है?

मां, हम जानते हैं कि आप सब देखती हैं। लेकिन हम ये भी जानते हैं कि आप सिर्फ देखने वाली देवी नहीं हैं — आप निर्णय लेने वाली देवी हैं। आप न्याय करती हैं। और इस समय न्याय की जरूरत है।

आपके भक्तों ने कभी आपसे कुछ नहीं माँगा — सिवाय आपकी कृपा के।
लेकिन आज हम आपसे प्रार्थना नहीं, एक प्रश्न कर रहे हैं। और यह प्रश्न सिर्फ आपसे नहीं, समाज और शासन से भी है।

अगर हम आपकी शक्ति में विश्वास रखते हैं —
तो क्या हमारी संस्कृति और हमारे उत्सव को भी उतना ही अधिकार नहीं मिलना चाहिए, जितना किसी और को मिलता है?

मां, अब समय आ गया है कि इस भेदभाव का अंत हो।
आपके महोत्सव को वो पहचान मिले, जो उसका अधिकार है। और यह तभी होगा जब आप मार्ग दिखाएँगी — और जब जनता एक साथ खड़ी होगी।

जय मां चंडिका🙏❤️

Address

Laxmipur Chandi Sthan
Madhepura
852122

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when प्राचीन माँ चंडी स्थान posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category