Aadi Astrology

Aadi Astrology What exactly is astrology?

The stars and planets have always inspired a sense of wonder. ... Astrology is the study of patterns and relationships — of planets in motion, our birth chart, relation with others, the make-up of elements.

28/01/2023
24/11/2022
08/05/2020

23 सितंबर जब राहु वृष राशि में आएंगे अक्टूबर, नवंबर , दिसंबर भारत के राजनीतिज्ञों के लिए भारी ।सजा हो सकती है कइयों को।
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कैसे होते है  दुश्मन धनु लग्न वालों के   धनु लगन का स्वामी बृहस्पति होता है यह गुरु की अग्नि तत्व राशि है यहाँ आपको तपना...
07/05/2020

कैसे होते है दुश्मन धनु लग्न वालों के

धनु लगन का स्वामी बृहस्पति होता है यह गुरु की अग्नि तत्व राशि है यहाँ आपको तपना है गुरु यहाँ आपको मेहनत के लिए प्रेरित करता है लग्नेश और मन का स्वामी गुरू ही है जैसी आत्मा है वैसा ही निर्मल मन होता है !
कमजोर गुरु और ताक़तवर गुरु में क्या अंतर होता है गुरु धन संतान पति भाग्य कर्म और लाभ इन चीज़ों का कारक होता है अगर आपकी कुंडली में अच्छा हुआ तो यह भाव अच्छे हो जायँगे नहीं तो कमजोर हो जायगे !
भाव स्वामी अपनी स्थिति के अनुसार आपको फल करेगा लकिन उतना अच्छा नहीं आप बोलोगे वो ग्रह अच्छा था फिर भी उतना अच्छा परिणाम नहीं आया क्योकि कारक कमजोर है गुरु अगर कमजोर होगा वो कुछ नहीं करेगा आपको पूजा पाठ में लगा देगा !
अगर स्ट्रांग हुआ आपको पैसा देगा अच्छी जगह शादी करवाएगा ,भाग्य को और कर्म को चमका देगा आपको आपकी मेहनत का फल देगा प्रतिभाशाली बना देगा आपके सम्बन्ध काफी उच्च वर्ग से करवा देगा । क्योकि भगवान् शिव ने बृहस्पति को कुंडली में 12 भाव में से 6 भाव का अधिकार दिया है 6 भाव आप अकेले रूल करोगे ।दोस्तों धनु लगन के लोगो की वाणी कड़वी होती है वो बहुत कड़वा बोलते है
अगर शनि वाणी स्थान पर राहु और बुध के साथ हुआ और गुरु 8 भाव में ऐसा इंसान काली जुबान हो जाता है और अगर चंद्रमा भी शनि राहु बुध के साथ हुआ दूसरे भाव में फिर तो जो बुरा बोल दिया वो होना ही होना है
8 भाव का स्वामी चंद्रमा, शनि ,वाणी का कारक बुध और उसके साथ राहु इंसान को काली जुबान बना देता है !
शुक्र की वृष राशि 6 भाव में है और 6 से 6 भाव मे तुला राशि (11 भाव में )
शुक्र यहा अच्छा फल नहीं करता औरतो से गलत सम्बन्ध इनको बदनामी देते है यह कई बार बहक जाते है और अनेतिक सम्बन्ध बना लेते है फिर इनकी बदनामी का कलंक इनको अंदर ही अंदर तड़पाता है और कई बार यह आत्महत्या करने तक की कोशिश भी कर बैठते है स्त्री पक्ष से इनको नुक्सान होता है इनको बर्बाद करने में कोई गलत सम्बन्ध कोई कसर नहीं छोड़ते और यह मन ही मन में खुद को कोसते रहते है और इनका बीता हुआ कल आज को ख़राब कर देता है !
शुक्र रोग का स्वामी है इसलिए गलत सम्बन्ध से जितना हो उतना दूर रहे अगर यहाँ से बच गये फिर तो आप अपने दुश्मन से निपट सकते हो ।

दुश्मन मकर लग्न दोस्तों ज्योतिष एक बहुत गहरा विज्ञानं है और हम रोज़ जीवन में कुछ खट्टे कुछ मीठे अनुभव से हमेशा गुजरते है ...
06/05/2020

दुश्मन

मकर लग्न

दोस्तों ज्योतिष एक बहुत गहरा विज्ञानं है और हम रोज़ जीवन में कुछ खट्टे कुछ मीठे अनुभव से हमेशा गुजरते है

दोस्ती और दुश्मनी कुछ नहीं पता कब किससे हो जाए

आपका सबसे विश्वास पात्र इंसान ही कई बार आपका सबसे बड़ा दुश्मन बन जाता है

और आपका सबसे बड़ा दुश्मन सब कुछ भूलकर भी आपके आगे दोस्ती का हाथ बड़ा लेता है

जीवन में परिवर्तन क्या होगा यह कोई नहीं जानता

हम जिससे सबसे ज्यादा प्यार करते है कई बार दर्द भी सबसे ज्यादा वो ही दे जाता है

मकर लग्न में बुध भगयेश भी है और 6 भाव स्वामी भी है

त्रिकोण अधिपति है यह और एक राशि इसकी बुरे भाव 6 भाव में भी पड़ी है

ऐसे गृह को दोषयुक्त त्रिकोनाधिपति कहा जाता है जो कही आपको जीवन में कामियाबी भी दे रहा है और बुराइया भी

मकर लग्न के लोगो का भाग्य उदय जल्दी हो जाता है क्योंकि बुध फुर्तीला गृह है अगर इसकी स्थति कुंडली में अच्छी हो

पर जैसे जैसे आप तरक्की करोगे वैसे वैसे आपके दुश्मन भी खूब बन जायँगे

और आपकी सबसे बड़ी कमी यह है आप सोचते हो अपने दुश्मन को देखकर यह बच्चा है मेरा क्या बिगाड़ लेगा

और यही आप मार खा जाते हो

आपका दुश्मन डबल माइंड का होता है

आपसे प्यार से अपना काम निकालना जानता है आपके भेद लेना जानता है

और उसके बाद आपकी ही दूकान के आगे अपनी दुकान खोलेगा और बोलेगा कर मुझसे कॉम्पिटिशन

आपकी सारी ताक़त सारे भेद जान कर ही वो आप पर वार करता है

बुद्धिमानी का परिचय आपके दुश्मन खूब दिखाते है

आप जिन की दिल से मदद करोगे वही आप पर पत्थर मारेगा

आपके दुश्मन शार्प माइंड है

और तेज तर्रार संभलकर रहे

05/05/2020

ग्रहों के दोष दूर करते हैं श्री गजानन ।🙇🙇
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पुराणों में कहा गया है कि हमें श्वेत गणपति की पूजा करनी चाहिए। इससे जीवन में भौतिक सुख एवं समृद्धि का प्रवाह होता है। श्री गणेश के शरीर का हर हिस्सा किसी न किसी ग्रह के दोष को दूर करता है।

धर्मग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि श्री गणेश की स्थापना व पूजा-पाठ अगर विधि-विधान से की जाए तो नौ ग्रहों के दोष आसानी से दूर हो जाते हैं।

सूर्य ग्रह

गणेशजी के हाथी जैसे मुख की अलग ही मान्यता है। गणेश का गजमुख बुद्धि का अंकुश, नियंत्रण, अराजक तत्वों पर लगाम लगाने का प्रतीक माना जाता है। उनके चेहरे पर तिलक लगाने से सूर्य ग्रह के दोष दूर होते हैं।

चंद्र ग्रह

गणेश शब्द का अर्थ है गणों का स्वामी। श्री गणेश के ह्रदय पर तिलक लगाने से चंद्र ग्रह की शा‍ंति होती है।

मंगल ग्रह

हमारे शरीर में पांच ज्ञानेन्द्रियां, पांच कर्मेन्द्रियां तथा चार अंतःकरण हैं तथा इनके पीछे जो शक्तियां हैं उन्हीं को चौदह देवता कहते हैं। श्री गणेश के आयुध की पूजन करने से मंगल ग्रह की शांति होती है।

राहु

गणेश जी का मूषक जासूसी से सूचनाएं एकत्र करने का प्रतीक है। यह राहु के दोष को भी दूर करता है।

बुध ग्रह

गणेशजी विद्या और बुद्धि के अधिष्ठाता देवता हैं। तर्क-वितर्क में उनका सानी कोई नहीं। उनके अाशीर्वाद वाला हाथ अगर पूजा जाए तो बुध ग्रह की शांति होती है। अगर इस हाथ पर हरी दूब चढ़ाई जाए तो चार गुना लाभ मिलता है।

गुरु ग्रह

गणेशजी की आराधना करने से निश्चित ही विद्यार्थियों को विद्या प्राप्त होती है। उनके पीले अंगवस्त्र यानी पीतांबर पर हल्दी चढ़ाई जाए तो गुरु ग्रह की शांति होती है।

शनि ग्रह

श्री गणेश के पूजन से धन की चाह रखने वालों को धन एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति भी होती है। गणेश जी के हाथों का लड्डू पूजने से केतु ग्रह शांत होते हैं तथा उन पर नीला पुष्प चढ़ाने से शनि ग्रह के दोष से मुक्ति मिलती है।
रिद्धि सिद्धी दाता की जै 🌹🙏💐🌹

04/05/2020

यदि केन्द्र में शुभ ग्रह हों, तो उसे शुभ ग्रह अपनी दशा के प्रारम्भ में ही शुभ फल प्रदान कर देते हैं।

03/05/2020

यदि केन्द्र या त्रिकोण में क्रूर ग्रह हों, तो ऐसे ग्रह दरिद्रता लाने में सहायक होते हैं।

02/05/2020

यदि सप्तम भाव का स्वामी पापग्रह हो और वह सप्तम भाव में ही हो, तो कई विवाह कराता है। पर यदि स्त्री को कुण्डली में हो, तो ऐसी स्त्री को अपने जीवन में पूर्ण पति सुख प्राप्त नहीं हो पाता।

01/05/2020

यदि पापग्रह चौथे भाव का स्वामी होकर चौथे भाव में ही हो, तो शुभ फल नहीं देता।

30/04/2020

यदि दशम भाव का स्वामी पापग्रह हो, पर यदि वह दशम भाव में होता है तो शुभ फल देता है।

29/04/2020

लग्न का स्वामी पापग्रह हो या सौम्य ग्रह हो, पर यदि वह लग्न में ही हो, तो शुभ फल देता है।

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