30/08/2026
"जैसे बोओगे, वैसा ही काटोगे।"
सनातन धर्म के पावन ग्रंथ गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद जीवात्मा के सफर का जो वर्णन मिलता है, वह हमें डराने के लिए नहीं, बल्कि इस जन्म में सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करता है।हम इस संसार में जो भी अच्छे या बुरे कर्म करते हैं, उसका सूक्ष्म प्रभाव हमारी आत्मा पर पड़ता है। यमलोक की यात्रा और वहां मिलने वाले दंड केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि कर्मों के अटल सिद्धांत को दर्शाते हैं।आइए, आज से ही अपने विचारों, वचनों और कर्मों में सत्य, दया और धर्म को स्थान दें ताकि हमारी आत्मा का यह सफर कल्याणकारी बने।