22/11/2020
भारत का इतिहास जब भी पढ़ाया जाता है ,एक झूठ सबसे पहले पढ़ा दिया जाता है ।
और वह झूठ है कि
हम हिन्दू ( आर्य) भारत के नही है । हम भी मुसलमानों और ईसाइयों की तरहः बाहर से आये है।
यह बात सरासर झूठ है ।
ऐसा किया क्यों गया अब यह सवाल उठता है?
भाइयों , इसका कारण बहुत आसानी से आप समझ सकतें है , सीधी सी बात है ईसाईयों ( अंग्रेजों) को भारत पर अपना अधिकार पूरी तरह घोषित करना था , उसके लिए उन्हें आप के दिमाग मे बैठाना था कि हम भी बाहर से यहां आए , हम से पहले मुसलमान और मुसलमानों से पहले तुम यानी कि आर्य भारत मे आये । ये धरती किसी की मातृ भूमि नही है , यह तो बस केवल एक मुसाफिर खाना भर है जहां तुम हिन्दू हमसे बस थोड़ा पहले पहुंच गए हो और कुछ नही।
मैक्स मुलर जैसे लोग आप को आपका इतिहास बताते है और हम मूर्खों की तरहः उसे ही सच मान लेते हैं ।
जो सनातन धर्म को मानने वाला ही नही वो भला हमारे धर्म और इतिहास को सही सही समझ कहा सकता है।
ऊपर से राज नैतिक दबाव होते है । उन्हें तो यह कहना ही था कि आप पिछड़े लोग हो हम अब आपको सिखाएंगे और सभ्य बनाएंगे।
जो मुसलमान आज तक जिहालत के भवर से नही निकल पाएं है वो कहते है कि हम हिन्द वासियों को इल्म और जहिनियत देने के लिये अल्हा ने उनको यहां भेजा है।
खैर एक सवाल है मेरे मुल्ले और सूली चढ़े इतिहास कारों से --
अगर हम सनातन धर्म के अनुयायी भारत में बाहर से आये हैं तो हमारे धर्म स्थल भारत में ही क्यों सारे मौजूद हैं। प्राचीन भारत के भीतर मौजूद क्षेत्र में ही सभी मुख्य धार्मिक स्थल आ जाते है । हमें अपनी धार्मिक यात्राओं केलिए किसी और देश मे नही जाना होता, जबकि कोई मक्का मदीना जाता है तो कोई येरुशलम ।
वर्टिकन सिटी हिंदुस्तान में नही है ये तो मैं पक्का जनता हूँ।
यह धरती केवल और केवल सनातन धर्मी बन्धुओ की है किसी आक्रमण कारी मलेक्षों की नही।
हमारे इतिहास को, ज्ञान विज्ञान को धर्म को इन्होंने केवल हानि ही पहुचाई है । सौहार्द्र की बाते करके पीठ में छुरा ही भोंक है।
तक्षशिला , नालंदा क्या थे मेरे भाइयों???
इन्हें किस ने जलाया था।
हमारी गुरुकुल परम्परा को किसने नष्ट किया??
मैकाले ने क्या घोषणा करते हुए शिक्षा पद्धति को पूरी तरह बदल डाला?
वेद क्या है , और कब से है?
ये अंग्रेजों से नही पूछों खुद खोंजे करो।
पृथ्वी के जन्म से लेकर आज तक का क्रमवार डेटा रिकॉर्ड में रखने वाले गाड़ित ज्योतिष के पुरोधाओं से पूछों ।
गणना में अरब खराब से बही अधिक की संख्यानों क् हिसाब रखने वाली सभ्यता कितनी पुरानी है उनसे पूछों जो यह विद्या हजारों लाखों सालों से प्रयोग कर राह हैं । जिन्हें यह ज्ञान अपने पूर्वजों से विरासत में मिलता आया है।
मितियाँ क्या होती है यह जानो तो पता चलेगा आप की सभ्यता और ज्ञान कितना पुराना है और कितना गहराई तक पहुचां हुआ है।
ये कम्युनिस्ट झूठे और अय्याश रहे हैं , नाम के हिन्दू है बाकी ये अंदर से अधर्मी नीच और गद्दार है।
चीन सेयुद्ध में एआपनी राज नैतिक रोटियां सेंक रहे थे। मुक्ति सेना का नाम दिया था चीन की सेना को और उसका भारत में स्वागत कर रहे थे। ऐसा इन्होंने क्यों किया , इसमें कौनसा राष्ट्र हित था इनसे यह सवाल पूछों?
अपने आप को जानो मित्रों ,
अपने गौरवशाली इतिहास को पहचानों।
आप के मन मे जो सवाल हो और कहीं से उत्तर ना मिल रहा हो तो आप हम से पूछों ?
आप क् हम स्वागत करेंगे।