29/09/2026
सच्चा प्रेम क्या है? 💖
बिना किसी अपेक्षा के केवल शुभ सोचना ही वास्तविक प्रेम है!
॥ सच्चा प्रेम: व्यापार नहीं, समर्पण ॥ 🪈✨
"आजकल लोग जिसे प्रेम कहते हैं, वह केवल व्यवहार और लेन-देन है—जैसे हमने चाय पिलाई तो तुमने पिलाई, दो रुपये दिए तो दो रुपये लिए। यह प्रेम नहीं, केवल सौदा है।"
📌 सच्चे प्रेम का वास्तविक अर्थ:
सामने वाला कुछ न करे, कोई उत्तर या प्रत्युत्तर न दे, फिर भी उसके लिए सदैव शुभ सोचना ही प्रेम है।
बिना किसी स्वार्थ और अपेक्षा के सामने वाले का केवल मंगल चाहना ही सच्चा प्रेम है।
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⏰ समय: प्रत्येक रविवार, प्रातः 11:00 बजे
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🎙️ वक्ता: (PRABHU KRIPA)
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जय श्री कृष्णा! जय श्री राधे! 🚩
SantoshBhaiJi, , , , , , , , , , , , ,