26/05/2026
🌺 जय सियाराम 🌺
📖 श्री योगवशिष्ठ ग्रंथ के दिव्य ज्ञान से जीवन में संसार के प्रति सच्चा विवेक प्राप्त होता है।
मनुष्य को संसार में सेवा, सद्भाव और धर्म का व्रत लेकर रहना चाहिए, परंतु किसी भी वस्तु या व्यक्ति के प्रति अत्यधिक आसक्ति नहीं रखनी चाहिए। ✨🙏
आज आचार्य श्री संतोष भाई जी के सान्निध्य में आयोजित नव दिवसीय कार्यक्रम का मंगलमय विश्राम हुआ। 🌸
📍 कथा स्थल — श्री हरि मंदिर, हैहय वंशी वाटिका, निकट आईआईएम इंस्टिट्यूट, लखनऊ
इस पावन अवसर पर मुख्य रूप से —
श्री सत्य प्रकाश हैहयवंशी,
श्रीमती रेखा श्रीवास्तव,
श्री नवीन विश्वकर्मा,
श्री प्रदीप दीक्षित,
श्री गणेश अग्रवाल,
श्रीमती सुनीता अग्रवाल,
श्री वीर सिंह,
श्री निर्मल वर्मा,
श्रीमती मोनिका गुप्ता,
श्री इंद प्रकाश श्रीवास्तव,
श्रीमती मिथिलेश श्रीवास्तव,
श्री आरके सिंह,
श्री घनश्याम जी,
एवं अनेक श्रद्धालु भक्तगण उपस्थित रहे। 🙏🌺
सभी भक्तों के प्रेम, सहयोग एवं सहभागिता के लिए हृदय से आभार। 🌼