Rashtriya Kisan Manch "राष्ट्रीय किसान मंच"

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Rashtriya Kisan Manch "राष्ट्रीय किसान मंच" राष्ट्रीय किसान मंच (Rashtriya Kisan Manch)

इधर देश रो रहा है उधर कांग्रेस नेता राज बब्बर के बेशर्म बेटे ने शेयर की पत्नी के साथ ऐसी तस्वीरें14 फरवरी 2019 को यानि क...
18/02/2019

इधर देश रो रहा है उधर कांग्रेस नेता राज बब्बर के बेशर्म बेटे ने शेयर की पत्नी के साथ ऐसी तस्वीरें
14 फरवरी 2019 को यानि कल पूरे देशभर में वैलेंटाइन डे मनाया गया। तो वहीं इस खास मौके पर बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर और कांग्रेसी नेता राज बब्बर के बेटे प्रतीक बब्बर ने भी अपनी पत्नी सान्या के साथ वैलेंटाइन-डे सेलिब्रेट किया। इतना ही नहीं प्रतीक ने इस वैलेंटाइन की कुछ तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर की हैं। प्रतीक और सान्या की ऐसी तस्वीर देख कर उनके खुछ फैंस ने तो काफी पसंद की लेकिन ज्यादातर लोगों ने उनकी इस तस्वीर के लिए काफी ट्रोल भी किया।
दरअसल, सोशल मीडिया शेयर की हुए तस्वीर में प्रतीक अपनी पत्नी के साथ शार्ट्स में नजर आ रहे हैं। वहीं सान्या भी फोटो में टॉपलेस होकर पोज देती हुई दिखाई दे रही हैं और इतना ही नहीं तस्वीर में प्रतीक अपनी पत्नी के प्राइवेट पार्ट पर हाथ रखे हुए नजर आ रहे हैं। प्रतीक और सान्या की यह तस्वीर सोशल मीडिया खूब वायरल हो रही है।
बता दें कुछ दिनों पहले ही प्रतीक और सान्या ने लखनऊ में शादी मराठी रीति रिवाज से शादी की थी। प्रतीक और सान्या की शादी में बॉलीवुड से लेकर कई राज नेताओं ने शिरकत की थी। शादी के बाद उन्होंने मुंबई में एक रिसेप्शन पार्टी भी दी। बता दें प्रतीक बब्बर राज बब्बर की दूसरी पत्नी स्मिता पाटिल के बेटे हैं। प्रतीक की पत्नी सान्या पेशे से एक फैशन डिजाइनर हैं और 2 साल रिलेश्नशिप में रहने के बाद दोनों ने शादी की है।
"इनको देश के क्या लेना देना बड़े विदेशों मे नाम और पैसा कमाने यहाँ आ गए"

* क्या है धारा 370 जो जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को अन्य भारतीयों से अलग अधिकार देती है|*धारा 370जम्मू-कश्मीर और वहां की र...
18/02/2019

* क्या है धारा 370 जो जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को अन्य भारतीयों से अलग अधिकार देती है|*
धारा 370
जम्मू-कश्मीर और वहां की राजनीति में क्या खास बात है। वह भारत से किस तरह अलग है। जम्मू-कश्मीर राज्य को कुछ विशेष अधिकार मिले हैं। और यह धारा 370 के कारण मुमकिन हुआ। आइए आपको बताते हैं क्या है धारा 370 और यह कैसे एक देश को दो हिस्सों में बांटती है। धारा 370 पर भारतीय राजनीति में उठा पटक होती रहती है। 2014 के आम चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था की आखिर इस धारा से आम कश्मीरियों को कितना फायदा पहुंचा। जिसके बाद राजनीतिक दलों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी थी। कई राजनीतिक दल इस धारा को हटाने की मांग करते रहे है|

क्या है धारा 370

- भारतीय संविधान की धारा 370 जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करती है। धारा 370 भारतीय संविधान का एक विशेष अनुच्छेद यानी धारा है, जो जम्मू-कश्मीर को भारत में अन्य राज्यों के मुकाबले विशेष अधिकार प्रदान करती है। भारतीय संविधान में अस्थायी, संक्रमणकालीन और विशेष उपबन्ध सम्बन्धी भाग 21 का अनुच्छेद 370 जवाहरलाल नेहरू के विशेष हस्तक्षेप से तैयार किया गया था।

कैसे हुआ भारत में विलय

- 1947 में विभाजन के समय जब जम्मू-कश्मीर को भारतीय संघ में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई तब जम्मू-कश्मीर के राजा हरिसिंह स्वतंत्र रहना चाहते थे। इसी दौरान तभी पाकिस्तान समर्थित कबिलाइयों ने वहां आक्रमण कर दिया जिसके बाद बाद उन्होंने भारत में विलय के लिए सहमति दी।

कैसे बनी थी धारा 370

उस समय की आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर कश्मीर का भारत में विलय करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने का समय नहीं था। इसलिए संघीय संविधान सभा में गोपालस्वामी आयंगर ने धारा 306-ए का प्रारूप पेश किया। यही बाद में धारा 370 बनी। जिसके तहत जम्मू-कश्मीर को अन्य राज्यों से अलग अधिकार मिले हैं।

- 1951 में राज्य को संविधान सभा को अलग से बुलाने की अनुमति दी गई।

- नवंबर 1956 में राज्य के संविधान का कार्य पूरा हुआ। 26 जनवरी 1957 को राज्य में विशेष संविधान लागू कर दिया गया।

जम्मू कश्मीर के पास क्या विशेष अधिकार हैं

- धारा 370 के प्रावधानों के मुताबिक संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है।

- किसी अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू करवाने के लिए केंद्र को राज्य सरकार की सहमति लेनी पड़ती है।

- इसी विशेष दर्जे के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती। राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।

- 1976 का शहरी भूमि कानून भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता।

- भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। धारा 370 के तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि खरीदने का अधिकार है।

- भारतीय संविधान की धारा 360 यानी देश में वित्तीय आपातकाल लगाने वाला प्रावधान जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता.

जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय करना उस वक्त की बड़ी जरूरत थी। इस कार्य को पूरा करने के लिए जम्मू-कश्मीर की जनता को उस समय धारा 370 के तहत कुछ विशेष अधिकार दिए गए थे। इसी की वजह से यह राज्य भारत के अन्य राज्यों से अलग है।

धारा 370 की बड़ी बातें

- जम्मू-कश्मीर का झंडा अलग होता है।

- जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।

- जम्मू-कश्मीर में भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं है। यहां भारत की सर्वोच्च अदालत के आदेश मान्य नहीं होते।

- जम्मू-कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उस महिला की जम्मू-कश्मीर की नागरिकता खत्म हो जाएगी।

- यदि कोई कश्मीरी महिला पाकिस्तान के किसी व्यक्ति से शादी करती है, तो उसके पति को भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जाती है।

- धारा 370 के कारण कश्मीर में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी भारतीय नागरिकता मिल जाती है।

- जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं।

- जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 साल होता है। जबकि भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 साल होता है।

- भारत की संसद जम्मू-कश्मीर के संबंध में बहुत ही सीमित दायरे में कानून बना सकती है।

- जम्मू-कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू है।

- जम्मू-कश्मीर में पंचायत के पास कोई अधिकार नहीं है।

- धारा 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में सूचना का अधिकार (आरटीआई) लागू नहीं होता।

- जम्मू-कश्मीर में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) लागू नहीं होता है। यहां सीएजी (CAG) भी लागू नहीं है।

- जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले चपरासी को आज भी ढाई हजार रूपये ही बतौर वेतन मिलते हैं।

- कश्मीर में अल्पसंख्यक हिन्दूओं और सिखों को 16 फीसदी आरक्षण नहीं मिलता है।

देश के जवानों के साथ -राष्ट्रीय किसान मंचलखनऊ। राष्ट्रीय किसान मंच ने धुरधुरी तालाब पर हजारो किसानों के साथ जम्मू कश्मीर...
18/02/2019

देश के जवानों के साथ -राष्ट्रीय किसान मंच

लखनऊ। राष्ट्रीय किसान मंच ने धुरधुरी तालाब पर हजारो किसानों के साथ जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सी.आर.पी.एफ. के काफिले पर आतंकवादी हमले के खिलाफ श्रंद्धाजलि अर्पित की पूरे देश मे ग़म और गुस्से का माहौल, गाँव देहात के लोग भी इस घटना से आहत हुए गाँव के किसानों में भी कुछ कर गुज़रने की तमन्ना है मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने कहा आज महा पंचायत को हम श्रद्धांजलि/पुष्पांजलि में तबदील कर रहें है संवैधानिक किसान आयोग के गठन के मामले को अगली पंचायतों में तय कर लेंगे, आज की ये शाम वीर जवानों के नाम है जिन्होने अपने प्राणों की आहूति दी है कार्यक्रम का आरम्भ पुष्पांजलि से हुआ मंच से देश भक्त से गीत/तराने गूंज रहे थे हज़ारो किसान पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगा रहे थे लोगो का जोश व जूनून देखने लायक था

देश का जवान और किसान दोनो ही लोग भारत की सरज़मी पर कर्मयोगी की भूमिका निभाते है दोनो का किरदार इतना कठिन है जिसे निभाना हर किसी के बूते की बात नही, देश की सीमाओ पर जवान अपने प्राणों की आहूति दे रहे है और किसान भाई देश की मिटटी से सवा अरब लोगो का पेट पाल रहे है। पीड़ा यह है कि हमारी सरकारे दोनो को न सम्ममान दे रही है न सहूलियते आज की महापंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष पं. शेखर दीक्षित ने हज़ारों किसानों के लिए संवैधानिक किसान आयोग के गठन की आवाज़ बुलंद करते हुए कहा आज़ादी के 70 वर्ष बीत जाने के बाद की आयोग का गठन नही किया गया, व्यापारी और किसानों के लिए दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है सरकारे अब यह बर्दाशत नही करेगा राष्ट्रीय किसान मंच संवैधानिक किसान आयोग की स्थापना जब जक देश में नही हो जाती सरकारों को हम लोग चैन से सोने नही देंगें। सम्बोधन के पूर्व में पुलवामा अटैक में शहीद 42 जवानों को भाव भीनी श्रधांजलि/पुष्पांजलि दी गई।

वही पंचायत में विशिष्ट अतिथि श्री स्वामी सारंग कहा कि देश का किसान परेशान है धर्म की राजनीति से देश तरक्की नही कर सकता हमें मिलकर संवैधानिक किसान आयोग के लिए संघर्ष करना होगा, तभी किसान खुशहाल रहेगा।

वही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष फरहद जी ने किसानों को इस हक की लड़ाई में राष्ट्रीय किसन मंच का पूर्ण समर्थन देते हुए इसे मंजिल तक पहुचाने की बात रखी एवं भरोसा दिलाया कि मै तन-मन-धन से किसानों के लिए संघर्ष करूंगा।

वही इसके पूर्व राष्ट्रीय कवि वेदव्रत बाजपेयी ने शहीद सैनिको को श्रद्धांजलि अर्पित की, वही सर्वेश पाल, अवध क्षेत्र के महासचिव, मोहित मिश्रा महासचिव, वेद प्रकाश मिश्रा अवध क्षेत्र के सगठन मंत्री ने भी किसानों की समस्याओं पर प्रकाश डाला, वही शुएब खान जी ने कहा देश के सैनिको पर ये हमला कायराना है देश का जवान और किसान एक साथ इस हमले का बदला लेगा। वही मो0 साजिद जी ने कहा कि मै इश्क भी लिखना चाहूँ तो मेरी कलम से इन्कलाब लिख जाता है ए.एस.नोमानी बुंदेलखण्ड सेना ने संवैधानिक किसान आयोग को जायज़ बताया और सहयोग करने के लिए कहा, वही धुरधुरी तालाब पर आये सभी किसानों का राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार द्विवेदी ने आभार जताया। कार्यक्रम मे बाँदा जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह, राम स्वरूप, सौरभ मिश्रा इत्यादि हज़रों कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

संजय द्विवेदी

राष्ट्रीय संगठन मंत्री

07/02/2019

राष्ट्रीय किसान मंच
सरकार द्वारा 2019- 2020के बजट मे किसानो को फिर से छलने की तैयारी ल

सरकार द्वारा पेश किया गया बजट फिर से आँकड़ो की बाज़ीगरी की तरह है क्यूँकि जहाँ एक तरफ़ 500 करोड़ रुपए किसानो के चीनी मिल दबाए बैठी है वही सरकारी मिलो की हालत ख़स्ता है हम फिर से याद दिलवाना चाहेंगे योगी जी को 14 दिनो मे गन्ना भुगतान का वायदा परन्तु हालत अभी भी किसान जगह जगह आत्महत्या करने को मज़बूत है बिजनोर मे एसा कुछ दिन पहले ही देखने को मिला और 50 करोड़ मे बन्द चीनी मिलो मे यह क्या करेंगे जब देनदारियाँ बहुत ज़्यादा है । बन्द चीनी मिले पी पी पी प्रोजेक्ट पर 25 करोड़ शायद मज़ाक़ जैसा है । जब तक सरकार ज़मीन पर किसानो के लिए रोड मैप नहीं तैयार करवा पाएगी गन्ना किसानो के लिए एसे बजट छलावा जैसे ही होंगे।
इस्योरेंस के लिए 450 करोड़ टाटा को ईनाम के रूप मे देंगे या फिर रिलायंस को जब की फ़सल बीमा पर इतना रुपया ख़र्चा होने के बावजूद आम किसान से लाभ दूर कंपनियों को ज़्यादा है ।कृषि विकास मे टी 892 करोड़ विज्ञापन मे ख़र्चा करके बतलाते है की हमने क्या किया सिर्फ़ सरकार ख़ुद का महिमा मंडन करती है और किसानो से काफ़ी दूर ,उर्वरकों के 50 किलो के बोरे हो 45और 40 किलो मे बदलकर पहले ही किसानो को बेवक़ूफ़ और आँकड़ो से संतुष्ट करने मे सरकारी तंत्र व्यस्त है एसे मे आम किसान को लाभ काम किसानी अब घाटे का सौदा ज़्यादा होती जा रही है ।
गेहूँ की ख़रीद पर मंच पहले ही कई सबूत दे चुका है की किस तरीक़े से बन्दर बाँट बिचोलीयो और सरकारी तन्त्र मे फँसकर किसान को सिर्फ़ 1400 से 1450 तक का मूल्य मिल पता है सत्ता मे आने से पहले भाजपा ने वायदा किया था की सर्वप्रथम बिछोलिया तन्त्र का ख़ात्मा करेगी परंतु ख़ुद के नेताओ के संलिपत्त होने जे कारण यह सम्भव नहीं हो पता ।
बीज के मानक भी बहुत ही ख़राब है और समय पर कभी किसानो को प्राप्त नहीं होते ये जगज़ाहिर है परन्तु फिर भी 77.26 लाख मैट्रिक टन की बात हवा मे किए गए वायदों की तरह नज़र आती है ।
यह बजट भी किसानो के साथ आँकड़ो की बाज़ीगरी से ज़्यादा कुछ नहीं जब तक सरकार ज़मीनी तन्त्र सही नहीं करेगी बिचोलीयो और कम्पनीतंत्र पर लगाम नहीं लगाएगी पूर्वोतर की सरकारों की तरह विपक्ष मे जाने के बाद पछताएयी अब किसान अपने हक़ों को समझने लगा है जायदादिनो तक उसको बेवक़ूफ़ नहीं बना पाएँगी सरकारें इसलिए बजट सिर्फ़ एक छलावा है।
शेखर दीक्षित
(अध्यक्ष)
राष्ट्रीय किसान मंच

05/02/2019

फसल बीमा योजना की नियमावली बदले सरकार- राष्ट्रीय किसान मंच
सामूहिक क्षति का आधार हटाकर कृषक स्तर पर योजना का लाभ लागू किया जाए।

लखनऊ। देश का किसान फसलो के नष्ट होने के कारण अपनी पहचान खोता जा रहा है सरकार ने किसानो को गुमराह करते हुए बीमा योजना व्यवस्था लागू की लेकिन वह किसानो की नष्ट होने वाली फसलो की भरपाई के लिए पर्याप्त नही है। और न ही इसका लाभ देश के सभी किसानो को मिल पा रहा है। सरकार द्वारा यह भ्रम फैलाया गया कि किसानो की फसल विभिन्न तरीको से नष्ट होने पर व आपदा की स्थित में उसकी क्षति पूर्ति कृषि बीमा योजना द्वारा भरपाई की जाएगी फसल बीमा योजना किसानो की नष्ट हुई फसल की भरपाई करने के लिए किसी भी दशा में उपयुक्त नही है इसके लिए जो प्रीमियम का निर्धारण किया गया उनमें भी विरोधाभाष है इस योजना के अर्न्तगत किसानो को बीमा कम्पनियो द्वारा निश्चित खरीफ और रवी फसल के लिए अलग-अलग पी्रमियम का भुगतान करना होगा जो बीमा कम्पनियो द्वरा मनमाने ढंग से निर्धारित किया जाएगा इसी क्रम में योजना के लाभ हेतु जो अनिवार्यताए निर्धारित की गयी उन प्राविधानो के आधार पर बहुसंख्यक किसान इस योजना से बंचित हो गया योजना का लाभ किसान से ज्यादा बीमा कम्पनियो को हो रहा है मानक के अनुसार योजना का लाभ अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलो के लिए ही मिलेगा और अधिसूचित करने का अधिकार कुछ ही नौकरशाहो को होगा जो बीमा कम्पनियो की लाभ हानि का निर्धारण करने के पश्चात ही किया जाएगा ऐसी दशा में किसान को न्याय या उचित मुआवजा मिल पाना सम्भव ही नही हैं कृषक द्वारा परिस्थितियो की सूचना प्रशासन को दी जाए एवं प्रशासन द्वारा उस सूचना की पुष्टि की जाए उसके बाद भी शासन स्तर से जारी होने के पूर्व संबन्धित कृषक का प्रीमियम बीमा कम्पनी में जमा हो योजना रिणी किसानो के लिए अनिवार्य है अरिणी किसानो को भूअधिकार पुस्तिका व बुआई का प्रमाणपत्र प्रस्ताव फार्म व बैक खाते की जानकारी एवं पहचान पत्र के साथ आवेदन करना होगा। साथ ही यह भी निश्चित किया गया है कि योजना का लाभ केवल चार परिस्थितियो में ही प्राप्त होगा लेकिन यदि किसी व्यवसायी की दुकान का बीमा हो तो उसमें न तो जिला प्रशासन की आवश्यकता है और न ही शासन की दुकान में क्षति होने की दशा में सीधे बीमा कम्पनी को सूचना करनी होती है उसकी अधिकृत अधिकारी स्वयं आ कर उसका संज्ञान ले लेता है लेकिन किसानो के लिए जो योजना सरकार द्वारा बनायी जाती है उसमें इतनी जटिलताए होती है कि किसान किसी भी योजना का लाभ आसानी से नही ले सकता। उक्त के साथ ही यह भी विचारणीय प्रश्न है दिनांक 18.01.2019 को कृष्ण कुमार त्रिपाठी निवासी ग्राम व पोस्ट महगवां तहसील व ब्लाक संण्डीला जनपद हरदोई द्वारा पीएमओ को पत्र के माध्यम से अपनी समस्या को अवगत कराया गया कि ग्रामीण वैक आफ आर्यावर्त द्वारा 2017 में प्रार्थी के खाते से बिना किसी पूर्व सूचना के प्रीमियम की धनराशि काट ली गयी पूछने पर अवगत कराया कि टाटा ए आई जी बीमा कम्पनी द्वारा क्षतिपूर्ति की जाएगी जब कि किसी भी सत्र में किसी भी किस्म की क्षतिपूर्ति नही की गयी इसकी जानकारी व शिकायत संबन्धित विभागो को की गयी लेकिन न ही कोई कार्यवाही हुई और न ही किसी प्रकार की क्षति पूर्ति की गयी इससे किसानो की तुलना में बीमा कम्पनियो को फायदा हो रहा है किसान को कोई लाभ प्राप्त नही हो पा रहा है जो अनुचित है। गौर तलब है कि फसल बुआई में यदि अंकुरण नही होता है तो कुल लागत फसल का पच्चीस प्रतिशत मुआवजा फिर पालिशी समाप्त, अंकुरण से कटाई तक पटवारी हल्के में पच्चास प्रतिशत से कम होने की आंशंक होने पर पहले पच्चीस प्रतिशत शेष अन्तिम परिणामो के बाद ,कटाई के बाद 14 दिनो तक खेत में कटी हुई विभिन्न परिस्थितियो में फसल नष्ट होने पर पच्चीस प्रतिशत अधिक क्षेत्र में हानि होने पर पूरे अधिसूचित क्षेत्रमें और पच्चीस प्रतिशत से कम होने पर कृषक स्तर पर बीमा देय होगा ,ओला बृष्टि एवं भूस्खलन बाढ आने की दशा में होने वाली क्षति के लिए कृषक स्तर पर कटाई प्रयोग के आधार पर बीमा का लाभ दिया जाएगां। गभीर बात यह है जब ओला बृष्टि और बाढ में फसल नष्ट हो जाएगी जो कटाई का मानक कैसे पूरा किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान मंच की माग है कि उक्त अव्यवस्था को समाप्त कर कृषक स्तर पर बीमा लाभ देने की योजना लागू की जाए। अन्यथा संगठन आन्दोलन करेगा देशव्यापी ।
वेद प्रकाश मिश्रा
संगठन मंत्री
(उत्तर प्रदेश )
09415053323

बिजनौर में गन्ना किसानों पर लाठीचार्ज, आंदोलन की चेतावनीबिजनौर में गन्ना किसानों ने भुगतान न किए जाने पर कलेक्ट्रेट परिस...
05/02/2019

बिजनौर में गन्ना किसानों पर लाठीचार्ज, आंदोलन की चेतावनी
बिजनौर में गन्ना किसानों ने भुगतान न किए जाने पर कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। इस दौरान एक किसान ने सूइसाइड की भी कोशिश की।
बिजनौर
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में सोमवार को मिल मालिकों द्वारा भुगतान न होने पर गन्ना किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। इस दौरान यहां एक किसान ने आत्महत्या करने की भी कोशिश की।

नाराज किसानों को पुलिस अधिकारियों द्वारा काफी समझाने की कोशिश की गई लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद किसानों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई, जिसके बाद पुलिसवालों ने उन पर लाठीचार्ज किया। राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने बिजनौर में गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए आए हुए किसानों पर लाठीचार्ज की घोर निंदा की।

'किसानों के प्रति गंभीर नहीं है सरकार'
शेखर दीक्षित ने कहा, 'जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथजी ने पेराई सत्र प्रारंभ होने से पहले ही घोषणा की थी कि 14 दिनों में ही भुगतान हो जाएगा तो फिर इतना विलंब होने पर भी गन्ना मिलों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों के प्रति गंभीर नहीं है। अपना ही पैसा मांगने पर गरीब किसानों के साथ यह सलूक किया गया है। अगर जल्द ही दोषियों पर करवाई और जल्द पूर्ण भुगतान नहीं हुआ तो राष्ट्रीय किसान मंच सड़क पर उतरने के लिये बाध्य होगा और लखनऊ मे विधानसभा घेराव करेगी।'

04/02/2019

राष्ट्रीय किसान मंच.
लखनऊ - राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष श्री शेखर दीक्षित जी ने बिजनौर मे गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए आए हुए किसानो पर लाठी चार्ज की घोर निन्दा की और कहा जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने पेर्राई सत्र प्रारम्भ होने से पहले ही घोषणा की थी की १४ दिनो मे ही भुगतान हो जाएगा तो फिर इतना विलम्ब होने पर भी गन्ना मिलों पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं कि गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों के प्रति गंभीर नही है। अपना ही पैसा माँगने पर ग़रीब किसानो के साथ यह सलूक ।
अगर जल्द ही दोषियों पर करवाई और जल्द पूर्ण भुगतान नहीं हुआ तो राष्ट्रीय किसान मंच सड़क पर उतरने के लिये बाध्य होगा । और लखनऊ मे विधानसभा घेराव करेगी।श्री दीक्षित ने कहा कि अब किसानो के सब्र का बाँध टूट रहा है वो पहले से ही परेशान था पर सरकारों की सिर्फ़ काग़ज़ी वादों से अब और भी ज़्यादा समस्या से जूझ रहा है।
धन्यवाद
शेखर दीक्षित
(अध्यक्ष)

Rashtriya Kisan Manch "राष्ट्रीय किसान मंच"
04/02/2019

Rashtriya Kisan Manch "राष्ट्रीय किसान मंच"

धान क्रय केन्द्रो पर फर्जी धान खरीद की हो उच्चस्तरीय जाँच-रा.कि.म.किसानो को लूट रहे निरंकुश नौकरशाहबिचैलियो से खरीदा गया...
02/02/2019

धान क्रय केन्द्रो पर फर्जी धान खरीद की हो उच्चस्तरीय जाँच-रा.कि.म.

किसानो को लूट रहे निरंकुश नौकरशाह

बिचैलियो से खरीदा गया करोड़ो का धान

पूछने पर जबाब देने में नाकाम रहे अफसर

लखनऊ। सरकार लगातार किसानो की आय दोगुनी करने की बात कह कर किसानो को गुमराह करने का काम कर रही रही है धान क्रय केन्द्रो पर मनमाने ढंग से धान खरीद की गयी किसान तो अपना धान बेचने के लिए दर दर भटकता रहा लेकिन निरंकुश नौकरशाही ने उन किसानो से धान खरीदना दर्शाया है जिनके पास धान खरीद के सापेक्ष उपयुक्त जमीन भी नही है मामला विभिन्न धान खरीद एजेन्सियो का है गैर जनपद का धान खरीद कर नया कारनामा कर दिखाया जनपद सीताापुर में उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन सीतापुर जसरथपुर तहसील मिश्रिख के धान क्रय केन्द्र पर दिनांक 31.12.2018 को किसान आई0डी0 1550114345 प्रेमलाल ग्राम उगपुर तहसील सण्डीला जनपद हरदोई का 98 कुन्तल व 1550114347 रामानंद ग्राम उगपुर तहसील सण्डीला जनपद हरदोई का 80कुन्तल धान खरीदा गया जबकि खसरा सं0-00177 के आधार पर रामानंद व प्रेमलाल सगेभाई इनका कुल रकबा 1.5370 दर्ज है जबकि उक्त धान बिक्री के लिए पर्याप्त भूमि नही है साथ ही विभागीय निर्देश के क्रम में बिना अनुमति के गैर जनपद का धान नही खरीदा जा सकता तो फिर नियमो को ताख पर रख कर धान की खरीद किस आधार पर की गयी जब कि सण्डीला जनपद हरदोई में भी धान क्रय केन्द्र संचालित हो रहे थे। इसी प्रकार उ0प्र0 खादय एवं आवश्यक वस्तु निगम सीतापुर के परसेण्डी धान क्रय केन्द्र पर ग्राम जवाहिरपुर के तीन लोगो के नाम 7.01.2019 धान खरीद की गयी शांति 48 कु0,सुनीता देबी 100 कु0, प्रदीप कुमार 100 कु0 धान की खरीद दर्ज जो पूर्णतयः फर्जी है इस नाम के लोग जवाहिरपुर गांव में चिन्हित नही हो पाये दूसरी ओर यह भी सत्य है कि जवाहिर पुर गांव में धान की खेती नही होती डालमियां शुगर्स लि0 की चीनी मिल गांव में ही संचालित हो रही है यहा के किसान मूल रूपसे गन्ने की खेती करते हैं परसेण्डी धान क्रय केन्द्र पर ही दिनांक 9.1.2019 को रामभूषण ग्राम उमरिया से 100 कु0 व उसी दिन फिर 100 कु की खरीद की गयी यह नियमो की धज्जियां उडाना नही तो और क्या है।

भारतीय खाद्य निगम एफ सीआई की जनपद सीतापुर के मण्डी में धान क्रय केन्द्र पर दिनांक 01.11.2018 को बलराम का धान खरीदा गया जो मूल रूप से ग्राम प्रेमपुर तहसील फतेहपुर जिला बाराबंकी के निवासी है

उ0प्र0 सहकारी संघ खादय विभाग की विपणनशाखा दिनांक 29.02.2018 को धान क्रय केन्द्र औलियापुर पिसांवा में अमित कुमार निवासी ग्राम सेजकलां तहसील मिश्रिख जिला सीतापुर से 100 कु0 धान खरीद की गयी खतौनी खाता संख्या 00109 के आधार पर अमित कुमार नाबालिक उम्र 8 वर्ष दर्ज है जिसके संरक्षक जिला जज सीतापुर दर्ज है धान खरीद के सापेक्ष पर्याप्त भूमि भी नही दर्ज है तो किस आधार पर धान की खरीद की गयी । सरकार का स्पश्ट दिशा निर्देश था कि किसी भी दशा में धान क्रय केन्द्र से किसानो को धान खरीद से मना न किया जाए लेकिन बिचैलियो की मिली भगत से क्रय केन्द्र प्रभारी किसानो से सीधे धान खरीदने के वजाय बिचैलियो से खरीद करते है पूरा तंत्र मूक दर्शक बना देखता रहा कई बार राष्ट्रीय किसान मंच के पदाधिकारियो से किसानो की धान बिक्री को लेकर विवाद भी हुआ लेकिन केन्द्र प्रभारी अपनी मनमानी पर आमादा रहे राज्य सरकार द्वारा किसानो की परेशानी को देखते हुए यह निर्देश भी दिये कि 100 कु0 की खरीद पर किसी जाॅच पडताल की आवश्यकता नही है इसी का फायदा उठाते हुए मनमानी की गयी राष्ट्रीय किसान मंच उक्त पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच की मांग करता है।

भवदीय

वेद प्रकाश मिश्र

संगठन मंत्री (र.कि.म.)

मो0 9415053323

आज दो बजे खुलेगी धान खरीद की पोल प्रेस क्लब लखनऊ मे राष्ट्रीय किसान मंच लाया कच्चा चिठ्ठा।नाबालिग से सरकार ने खरीदा 98 क...
01/02/2019

आज दो बजे खुलेगी धान खरीद की पोल प्रेस क्लब लखनऊ मे राष्ट्रीय किसान मंच लाया कच्चा चिठ्ठा।
नाबालिग से सरकार ने खरीदा 98 कुतल धान।वो भी दो बीघे जमीन मे दिखाई पैदावार ओर भी बहुत कुछ।
पत्रकार साथी इसे ही मेरा आमंत्रण समझे।आईये किसानो के हित की लङाई मे अपना योगदान करे।

संजय दिवेदी
संगठन मंत्री
राष्ट्रीय किसान मंच

मैं श्री स्वामी सारंग भारत के अन्नदाता किसानों का अभिनंदन करता हूँ। देश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए एवं किसानो क...
01/02/2019

मैं श्री स्वामी सारंग भारत के अन्नदाता किसानों का अभिनंदन करता हूँ।

देश के किसानों की आय दोगुना करने के लिए एवं किसानो के सम्पूर्ण विकास के लिए “ किसान आयोग “की ज़रूरत है,इसके लिए हम सभी को दिन-रात प्रयत्नशील रहना है।

किसानों की हर जरूरत को समझते हुए, उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए किसानों को साथ ले कर विश्वशान्ति की राह पर चलने के लिए संकल्पित विचारधारा के साथ समाज में “जय जवान जय किसान” के नारे के साथ नवजवानो को आगे आना होगा।
इसी कड़ी में अगले कार्यक्रम की सूचना जल्दी ही उपलब्ध कराऊँगा।
#मेरा चिन्तन-6

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