Shri Mukesh Ji Maharaj

Shri Mukesh Ji Maharaj श्री राम कथा । श्रीमद भागवत कथा । श्री शिव महापुराण कथा । आयोजन हेतु संपर्क करें– +919452738841

*“आप सभी का भावलोकम् परिवार में हार्दिक अभिनन्दन।भावलोकम् पर हम पारंपरिक एवं शास्त्रीय विधि अनुसार समस्त धार्मिक अनुष्ठा...
07/12/2025

*“आप सभी का भावलोकम् परिवार में हार्दिक अभिनन्दन।
भावलोकम् पर हम पारंपरिक एवं शास्त्रीय विधि अनुसार समस्त धार्मिक अनुष्ठान—जैसे श्रीमद्भागवत कथा ,देवि भागवत ,शिव महापुराण ,समस्त धार्मिक अनुष्ठान ,हवन, विवाह-संस्कार, नामकरण एवं अन्य पूजाएँ—सद्भाव एवं अनुशासन के साथ सम्पन्न कराते हैं।
साथ ही, हमारे अनुभवी ज्योतिष एवं वास्तु विशेषज्ञ जीवन-सम्बन्धी समस्याओं का समाधान, वास्तु–सलाह तथा व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श भी प्रदान करते हैं।
हम ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों माध्यमों से सेवा उपलब्ध कराते हैं।
किसी भी प्रश्न, बुकिंग या मार्गदर्शन हेतु निःसंकोच हमसे संपर्क करें।
भावलोकम् — धर्म, ज्ञान और समाधान।”

सम्पर्क सूत्र —9452738841

“जो व्यक्ति व्यर्थ बोलता है, वह स्वयं अपने शब्दों का मूल्य गिराता है,और जो सुनता है, वह केवल मुस्कुरा कर आगे बढ़ जाता है...
06/12/2025

“जो व्यक्ति व्यर्थ बोलता है, वह स्वयं अपने शब्दों का मूल्य गिराता है,
और जो सुनता है, वह केवल मुस्कुरा कर आगे बढ़ जाता है।”

04/12/2025

11 दिसंबर 2025 को शुक्र ग्रह अस्त हो रहे हैं, उसके बाद मांगलिक कार्य नहीं होंगे। मूल नक्षत्र एवं धनु राशि की सूर्य संक्रांति 16 दिसंबर मंगलवार को दिन में 1:24 बजे से आएगी, और इसी के साथ खरमास प्रारम्भ हो जाएगा।

शास्त्र कहता है एक पुत्री के पालन पोषण के पुण्य दस पुत्रों के समान है  ,,
03/12/2025

शास्त्र कहता है एक पुत्री के पालन पोषण के पुण्य दस पुत्रों के समान है ,,

“कृष्ण वही जो दुःख हर ले,गोविंद वही जो जीवन भर साथ चले।कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने…”     शुभ रात्रि
02/12/2025

“कृष्ण वही जो दुःख हर ले,
गोविंद वही जो जीवन भर साथ चले।
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने…”

शुभ रात्रि

02/12/2025

1️⃣ लाजा होम (लाजाहोम)

• इसमें वधू अपने भाई के साथ मिलकर लावा अग्नि में समर्पित करती है।
• इसका अर्थ है — पति-पत्नी का जीवनभर सुख-समृद्धि, अन्न-वृद्धि और गृहस्थ धर्म की सिद्धि की प्रार्थना।
• भाई वधू को तीन बार अक्षत प्रदान करता है — यह भाई का अपनी बहन के प्रति आजीवन सहयोग और रक्षा का वचन माना जाता है।



2️⃣ अंगुष्ठ ग्रहण
• विवाह में वर, वधू का दाहिना अंगूठा (अंगुष्ठ) पकड़ता है।
• इसका अर्थ है — पति पत्नी का मार्गदर्शन, साथ देना, सुरक्षा और दायित्व निभाने का संकल्प लेता है।
• यह संस्कार दांपत्य जीवन में सहयोग और एकता का प्रतीक है।



3️⃣ सीला रोहण (सीलारोहन)
• इसे शिला रोहण भी कहते हैं।
• विवाह में वधू को एक शिला (पत्थर) पर चढ़ाया जाता है।
• इसका अर्थ है:
• वधू जीवन में आने वाली कठिनाइयों का धैर्य से सामना करेगी।
• गृहस्थ जीवन में दृढ़ता, स्थिरता और साहस का प्रतीक।



4️⃣ परिक्रमा (फेरे)
• पति-पत्नी अग्नि के चार फेरे लेते हैं।
• इसका अर्थ है — अग्नि साक्षी लेकर जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन।
• प्रत्येक फेरा विशेष संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे—
• धर्म
• अर्थ
• काम
• मोक्ष

शरीर की शुद्धि के लिए सात साधन-
02/12/2025

शरीर की शुद्धि के लिए सात साधन-

30/11/2025

जिस जल को कोई व्यक्ति पीने के बाद थोड़ा छोड़ दे (पीत-शेष जल),
• जिस जल का उपयोग संध्या-वंदन आदि में किया गया हो (संध्या-शेष जल),
• या जिसे पैर लग गया हो (पाद-शेष जल),

👉 यह सारा जल अशुद्ध (अपवित्र) माना गया है।
• ऐसा जल कुत्ते के मूत्र के समान अशुद्ध बताया गया है।
• यदि कोई भूल से यह जल पी ले, तो उसे चांद्रायण व्रत करके प्रायश्चित करना चाहिए। #

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