Geeta Pujan Sansthan

Geeta Pujan Sansthan गीता पूजन संसथान - आस्था का केंद्र
संगमरमर की कलात्मक मूर्तियों का विशाल संग्रह

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते, चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा व हिन्दू ...
22/03/2023

ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते,

चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा व हिन्दू नव वर्ष संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं !!! 💐🙏

#जयमातादी

सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे! तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: !!🙏अधिक जानकारी के लिए कॉल करें 📞9506711777,...
25/12/2021

सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे!
तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: !!🙏

अधिक जानकारी के लिए कॉल करें 📞9506711777, 9415016298
पता : 92/77, लाटूश रोड प्रथम तल, लखनऊ
📍 विवेक खंड-3, गोमती नगर, लखनऊ

आप सभी को भाई दूज एवं चित्रगुप्त पूजा की हार्दिक शुभकामनायें
06/11/2021

आप सभी को भाई दूज एवं चित्रगुप्त पूजा की हार्दिक शुभकामनायें


दिवाली के अगले दिन हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विधान है. गोवर्धन पूजा में पशु धन की पूजा  की जाती है. गोवर्धन पूजा को...
05/11/2021

दिवाली के अगले दिन हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विधान है. गोवर्धन पूजा में पशु धन की पूजा की जाती है. गोवर्धन पूजा को अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन गाय और बछड़ों की पूजा का विधान है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण को 56 भोग लगाया जाता है.
मान्यता है कि श्री कृष्ण ने इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुल वासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था. इससे सभी गोकुलवासियों की रक्षा हुई और इंद्रदेव का घंमड टूट गया.

"दीपावल्याः सहस्रदीपाः भवतः जीवनं सुखेन, सन्तोषेण, शान्त्या आरोग्येण च प्रकाशयन्तु।"दीपावली के हजारों दीप आपके जीवन को ख...
04/11/2021

"दीपावल्याः सहस्रदीपाः भवतः जीवनं सुखेन, सन्तोषेण, शान्त्या आरोग्येण च प्रकाशयन्तु।"

दीपावली के हजारों दीप आपके जीवन को खुशी, आनंद, शांति और स्वास्थ्य के साथ रोशन करें।


विजय पर्व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें। प्रभु श्री राम सभी के जीवन के विकारों का नाश कर प्रगति के पथ पर अग्रसर करें।...
15/10/2021

विजय पर्व विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें। प्रभु श्री राम सभी के जीवन के विकारों का नाश कर प्रगति के पथ पर अग्रसर करें।


"सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्ति प्रदायिनी।त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः।।"नवरात्र के नौवें दिन दुर्गाजी के ...
14/10/2021

"सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्ति प्रदायिनी।
त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः।।"

नवरात्र के नौवें दिन दुर्गाजी के नौवें स्वरूप मां सिद्धदात्री की पूजा और अर्चना का विधान है। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली देवी हैं मां सिद्धदात्री। ऐसा विश्वास है कि इनकी पूजा पूरे विधि विधान के साथ करने वाले उपासक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इनके चार हाथ हैं और ये कमल पुष्प पर विराजमान हैं। वैसे इनका वाहन भी सिंह ही है। इनके दाहिनी ओर के नीचे वाले हाथ में चक्र है और ऊपर वाले हाथ में गदा है।


"श्वेते वृषे समारूढा,श्वेताम्बरधरा शुचि:।महागौरी शुभं दद्यात्, महादेवप्रमोददाद।।"नवरात्र के आठवें दिन दुर्गाजी के आठवें ...
13/10/2021

"श्वेते वृषे समारूढा,श्वेताम्बरधरा शुचि:।
महागौरी शुभं दद्यात्, महादेवप्रमोददाद।।"

नवरात्र के आठवें दिन दुर्गाजी के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा और अर्चना का विधान है। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है कि इनका वर्ण पूर्ण रूप से गौर अर्थात् सफेद है। इनके वस्त्र भी सफेद रंग के हैं और सभी आभूषण भी श्वेत हैं जिस कारण इन्हें श्वेतांबरी भी कहा जाता है। इनका वाहन वृषभ अर्थात् बैल है और इनके चार हाथ हैं। इनका ऊपर वाला दाहिना हाथ अभयमुद्रा में है और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। बाईं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू है और नीचे वाला हाथ वरमुद्रा में है।


सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा करने का विधान है। मां दुर्गा की सातवीं स्वरूप और चार भुजाओं वाली मां कालरात्रि असुर...
12/10/2021

सप्तमी तिथि को मां कालरात्रि की पूजा करने का विधान है। मां दुर्गा की सातवीं स्वरूप और चार भुजाओं वाली मां कालरात्रि असुर रक्तबीज का संहार करने के लिए उत्पन्न हुई थीं। मां कालरात्रि को शुभंकरी भी कहते हैं।

"ॐ ऐं सर्वाप्रशमनं त्रैलोक्यस्या अखिलेश्वरी।
एवमेव त्वथा कार्यस्मद् वैरिविनाशनम् नमो सें ऐं ॐ।।"


नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। ये कात्यायन ऋषि की थीं इसी के चलते ही इनका नाम देवी कात्यायनी पड़ा...
11/10/2021

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। ये कात्यायन ऋषि की थीं इसी के चलते ही इनका नाम देवी कात्यायनी पड़ा है।मां कात्यायनी को शत्रु और संकटों से मुक्त करने वाली माना गया है।मां ने महिषासुर का वध किया था और उसके बाद शुम्भ और निशुम्भ का भी वध किया था। सिर्फ यही नहीं, सभी नौ ग्रहों को उनकी कैद से भी छुड़ावाया था।

"कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।"


नवरात्र के पांचवे दिन दुर्गाजी के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा और अर्चना की जाती है। स्कंद शिव और पार्वती के दूस...
10/10/2021

नवरात्र के पांचवे दिन दुर्गाजी के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा और अर्चना की जाती है। स्कंद शिव और पार्वती के दूसरे और षडानन (छह मुख वाले) पुत्र कार्तिकेय का एक नाम है। मां के इस रूप की चार भुजाएं हैं और इन्होंने अपनी दाएं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद अर्थात् कार्तिकेय को पकड़ा हुआ है और इसी तरफ वाली निचली भुजा के हाथ में कमल का फूल है। बाईं ओर की ऊपर वाली भुजा में वरदमुद्रा है और नीचे दूसरा श्वेत कमल का फूल है। सिंह इनका वाहन है।

"सिंहासनगता नित्यं,पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी,स्कंदमाता यशस्विनी।।"


नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। चंद्रघंटा का अर्थ है, ‘जिसके सिर पर अर्ध चंद्र घंटे के रूप में श...
09/10/2021

नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। चंद्रघंटा का अर्थ है, ‘जिसके सिर पर अर्ध चंद्र घंटे के रूप में शोभित है’, यह चंद्रमा शीतलता और शुभ्र प्रकाश का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप को चंद्रघंटा कहा जाता है। माता के गले में सफेद फूलों की माला शोभा पाती है, उनका सीना सोने की तरह चमकता है और देवी दुर्गा का यह स्वरूप बाघ की सवारी करता है। चंद्रघंटा मां की 10 भुजाएं हैं। मां भगवती के यह रूप को साहस और वीरता का अहसास कराता है। यह मां पार्वती का रौद्र रूप है।

"पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।।"

Address

532/146 Kha Murti Wali Gali
Lucknow
226024

Opening Hours

Monday 8am - 7pm
Tuesday 8am - 7pm
Wednesday 8am - 7pm
Thursday 8am - 7pm
Friday 8am - 7pm
Saturday 8am - 7pm
Sunday 8am - 7pm

Telephone

+917800650001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Geeta Pujan Sansthan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Geeta Pujan Sansthan:

Share