Deen ki talimaat

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07/03/2023

रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:

जब नुतफ़ा (Semen) चालीस या पैंतालीस रातें रहम में ठहरा रहता है तो (अल्लाह का मुक़र्रर किया हुआ) फ़रिश्ता उस के पास जाता है और कहता है ऐ रब ये ख़ुशनसीब होगा या बदनसीब होगा? तो दोनों (बातों में से अल्लाह जो बताए उसको) लिख लिया जाता है, फिर कहता है..
ऐ रब ये मर्द है या औरत? फिर दोनों (में से जो अल्लाह बताए उस) को लिख लिया जाता है, फिर उसका अमल, उसके क़दमों के निशानात, उस की मुद्दत-ए-उम्र और उसका रिज़्क़ लिख लिया जाता है, फिर सहीफ़े लपेट दिए जाते हैं, फिर उनमें कोई चीज़ ना बढ़ाई जाती है, ना कम की जाती है।
📓(सहीह मुस्लिम:6725)

रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:-कयामत के रोज लोगो के दरमियान सबसे पहले खूनों (नाहक़ कत्ल ) के बारे में फैसला किया जाएगा !(मिशका...
05/03/2023

रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:-

कयामत के रोज लोगो के दरमियान सबसे पहले खूनों (नाहक़ कत्ल ) के बारे में फैसला किया जाएगा !

(मिशकात शरीफ हदीस न.3448)

अल्लाह फरमाता है -तुम्हारा ख़ुदा एक ही ख़ुदा है। उस रहमान और रहीम के सिवा कोई और ख़ुदा नहीं है।(सूरह बक्र आयत न. 163 )
05/03/2023

अल्लाह फरमाता है -

तुम्हारा ख़ुदा एक ही ख़ुदा है। उस रहमान और रहीम के सिवा कोई और ख़ुदा नहीं है।

(सूरह बक्र आयत न. 163 )

हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया        “मुबारक हो उस शख़्स को जिसके नामाए आमाल में ज़्यादा अस्तगफ़ार मिला”(इब्ने माजा 3818)
26/02/2023

हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया

“मुबारक हो उस शख़्स को जिसके नामाए आमाल में ज़्यादा अस्तगफ़ार मिला”

(इब्ने माजा 3818)

26/02/2023

रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:

जो मुसलमान मस्जिद को नमाज़ और ज़िक्र इलाही के लिए अपना घर बना ले तो अल्लाह तआला उस से ऐसा ख़ुश होता है जैसे की कोई शख़्स बहुत दिन ग़ायब रहने के बाद घर वापिस लौटे, तो घर वाले ख़ुश होते हैं।

( इब्ने माज़ा हदीस न. 800 )

27 रज्जब-उल-मुरज्जब 💐शबे मेअराजुन्नबी ﷺ तमाम अहले इमान को मुबारक़ हो ❤"शबे-ए-असरा के दुल्हा पे करोड़ों दुरूदनौ शाह-ए-बज़...
18/02/2023

27 रज्जब-उल-मुरज्जब 💐
शबे मेअराजुन्नबी ﷺ तमाम अहले इमान को मुबारक़ हो ❤

"शबे-ए-असरा के दुल्हा पे करोड़ों दुरूद
नौ शाह-ए-बज़्म-ए-जन्नत पे लाखों सलाम"
~आला हज़रत ✍️

18/02/2023

रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया: “इस्लाम ये है के तुम इस बात की गवाही दो के अल्लाह त’आला के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं और मुहम्मद ﷺ उसके रसूल हैं। नमाज़ का एहतमाम करो, जकात अदा करो, रमदान के रोज़े रखो, और अल्लाह के घर का रास्ता तय करने की इस्तीतात् हो तो हज करो”

सही मुस्लिम 93

Alhamdulillah रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया: अल्लाह किसी बिदअती का रोज़ा, नमाज़, सदका, हज,उमराह, जिहाद, फर्ज, नफिल, ( कुछ भी क...
15/02/2023

Alhamdulillah
रसूल अल्लाह ﷺ ने फरमाया:

अल्लाह किसी बिदअती का रोज़ा, नमाज़, सदका, हज,उमराह, जिहाद, फर्ज, नफिल, ( कुछ भी कुबूल नहीं करता)वह (बिदअती शख्स) इस्लाम से इस तरह निकल जाता है, जैसे गुंदे हुए आटे से बाल निकल जाता है

(सुनन इब्ने माजा हदीस न .49 )

11/12/2022

Qabil-e- rashk hain woh shakhs, jo dur reh kr bhi dil ke qareeb rehta hai...❤❤️‍🔥

11/12/2022

Masha Allah 🥰🥰🥰🥰🥰🥰

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