11/08/2026
भंवरी देवी के न्याय की लड़ाई में पूर्व विधायक किसानाराम 5 दिन से अनशन पर… लेकिन सरकार और प्रशासन की चुप्पी कब टूटेगी?
लोहावट की धरती पर एक मां की हत्या को लेकर न्याय की मांग लगातार उठ रही है।
भंवरी देवी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक किसानाराम 5 दिन से अनशन पर बैठे हैं।
5 दिन बीत गए…
लेकिन सवाल आज भी वहीं खड़ा है—भंवरी देवी को न्याय कब मिलेगा?
किसानाराम का अनशन सिर्फ एक व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि उस परिवार की आवाज है जो अपनी मां को खो चुका है और अब इंसाफ का इंतजार कर रहा है।
पूर्व विधायक का यह कदम निश्चित रूप से काबिले-तारीफ है। सत्ता और पद से ऊपर उठकर किसी पीड़ित परिवार के लिए आवाज उठाना आसान नहीं होता। पांच दिन से भूखे बैठकर न्याय की मांग करना बताता है कि मामला उनके लिए सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि इंसानियत का सवाल है।
लेकिन कड़वा सवाल सरकार और प्रशासन से भी है—
अगर एक पूर्व विधायक को न्याय की मांग के लिए 5 दिन तक अनशन पर बैठना पड़ रहा है, तो आम आदमी अपनी आवाज किसके दरवाजे पर लेकर जाए?
क्या पांच दिन का अनशन भी प्रशासन की नींद नहीं खोल पा रहा?
क्या एक मां की मौत का सच सामने लाने के लिए इतना इंतजार जरूरी है?
क्या पीड़ित परिवार को न्याय मांगने के लिए सड़क पर बैठना ही पड़ेगा?
सरकार से अपील नहीं, अब सवाल है—
भंवरी देवी को न्याय कब मिलेगा और इस मामले का सच कब सामने आएगा?
किसानाराम जी की लड़ाई को सलाम।
लेकिन इस लड़ाई का असली अंत तभी होगा, जब भंवरी देवी के परिवार को न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
Kishna Ram Vishnoi CMO Rajasthan Rajasthan Police