23/03/2026
*🌹।।जयगुरुदेव नाम प्रभु का।।🌹*
*👉देश की समस्त जयगुरुदेव संगत को (मुक्ति दिवस) कैसे मनाना है..इसकी जानकारी दी जा रही है..👇*
✓ सर्वप्रथम 23 मार्च 2026 को नहा धोकर सुबह 6:55 बजे पर झंडा फहराना है, जिसमें {आओ मुक्ति दिवस मनाएं} प्रार्थना बोलकर, फूल प्रसाद के साथ एक थाली में चंदन रोली रखकर तथा जल से भरा कलश रखकर,, झंडा की पूजा करनी है तब उसे 7:05 बजे तक अपने अपने घरों के मुख्य द्वार के ऊपर फहराना होता है।
✓ यह झंडा 7 दिन तक इसी प्रकार लगा रहता है 30 मार्च 2026 को जिस विधि विधान से झंडा लगाया गया है उसी विधि विधान से उतारा भी जाता है।
✓ 23 तारीख को दोपहर के 03:30 बजे तक उपवास भी रखा जाता है जिसमें पानी एवं भोजन कुछ भी प्रयोग नहीं करते हैं। उपवास को कुछ हल्के भोजन से तोड़ा जाता है आलू उबालकर या चावल की खीर बनाकर उपवास तोड़ा जाता है। उसके बाद सायं काल को पक्का भोजन घरों एवं आश्रमों में बनता है तथा दीपक झंडे के नीचे जलाया जाता है एवं संपूर्ण घर में जगह-जगह तथा उचित स्थान पर दीपक जलाकर मुक्ति दिवस को {कलयुग के दिवाली} के रूप में मनाया जाता है इस तरह से मुक्ति दिवस का कार्यक्रम यह मुक्ति दिवस का त्यौहार उत्साह के रूप में हम सभी भक्त लोग मनाते हैं।
✓ 7 दिन बाद यह झंडा उतार कर बक्से में सुरक्षित रख लेते हैं और फिर यही झंडा अगले साल मुक्ति दिवस पर प्रयोग करते हैं इस झंडे को केवल 7 दिन मुक्ति दिवस में लगाकर सुरक्षित बक्से में रखा जाता है इसको और दिन नहीं प्रयोग किया जाता है!
*🙏🏻मुक्ति दिवस प्रार्थना🙏🏻*
१.
आओ मुक्ति दिवस मनायें, जयगुरुदेव ध्वजा फहरायें।
इस तिथि को गुरु दर्शन पाया, काली रात समूल नशाया।
आओ हम सब दीप जलायें, जयगुरुदेव ध्वजा फहरायें।
आपात काल की अंधियारी में, गुरु को पकड़ा हत्यारी ने।
अब वो दिन प्रभु कभी न आये, आओ मुक्ति दिवस मनायें ।।
बेड़ी और हथकड़ी डाला, लालच का फंदा भी डाला।
पर गुरु संकल्प न मिटा मिटाये, आओ मुक्ति दिवस मनायें।
नाना कष्ट गुरु ने झेला, जीवों के हित लीला खेला।
ऐसे गुरु को धन्य मनायें, आओ मुक्ति दिवस मनायें ।
जेल तिहाड़ से निकले स्वामी, दिए दीदार सबन को स्वामी।
प्रेमी फूले नाहिं समाये, आओ मुक्ति दिवस मनायें ।
आने वाले हर शासन से, लिखित निवेदन अभिवादन से।
ऐसा दिन वो कभी न लायें, आओ मुक्ति दिवस मनायें।
इस दिन जो भी ध्वज फहरायें, सतयुग स्वागत लाभ कमाये ।
जन्म मरण उसका छुट जाये, आओ मुक्ति दिवस मनायें।
पुनि पुनि वन्दन गुरु प्यारे की, सूरत बसे हृदय प्यारे की।
गुरु की दया कृपा हम पायें। आओ मुक्ति दिवस मनायें।
२.
जयगुरुदेव जयगुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
मेरे मात पिता गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
सब देवन के देव गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
जीव काज जग आएं गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
अपना भेद बताएं गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव।
सत्य स्वरूपी रूप गुरूदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
अलख अरूपी रूप गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
अगम स्वरूपी रूप गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
पुरुष अनामी रूप गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव।
सबके स्वामी आप गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
इनकी शरण मेरे मन लेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
तिनके चरण कंवल मन सेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
दाता गुरुदेव मेरे स्वामी गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
मालिक गुरुदेव मेरे रक्षक गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
सतगुरु गुरुदेव मेरे प्रियतम गुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव ।
मो सम कौन कुटिल खल कामी, तुम सब जानो प्रभु अंतर्यामी ।
जयगुरुदेव ज्ञान देओ मोहीं, सब तजि भजन करूं हम तोहीं ।
बंदऊं गुरु पद पदुम परागा, सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।
श्री गुरुपद नख मनि गन जोती, सुमिरत दिब्य दृष्टि हियँ होती ।
कलयुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा।
नाम लेत भव सिंधु सुखाहीं, करहुँ विचार सुजन मन माहीं ।
जो आरती जयगुरुदेव जी की गावे, धाम अनामी का वह पावे।
जयगुरुदेव जयगुरुदेव, जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव !
*इन दोनों प्रार्थनाओं के साथ आप सुबह को मुक्ति दिवस झंडा रोहण संपन्न कर सकते हैं!*
*जयगुरुदेव नाम प्रभु का* 👏👏👏