08/09/2026
"मुश्किलों से घबराएं नहीं, गीता के संदेश से संघर्ष को बनाएं शक्ति।" ✨
गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में आयोजित एक दिवसीय 'जानो गीता - मानो गीता' कार्यशाला में पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने जीवन में गीता के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला।
महाराज श्री ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शन है। जिस प्रकार कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के वचनों ने मोह और अवसाद से घिरे अर्जुन में कर्तव्यनिष्ठा और आत्मविश्वास का संचार किया, उसी प्रकार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गीता का ज्ञान तनाव और असमंजस से मुक्ति दिलाकर हमें हर चुनौती का डटकर सामना करने की शक्ति देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कुलपति डॉ. मार्कंडे आहूजा जी ने की। चार सत्रों में आयोजित इस विशेष पाठशाला में पूर्व IAS सुमेधा कटारिया जी, डॉ. तेजेंद्र शर्मा जी, के.के. अग्रवाल जी एवं रोहित दत्त जी ने अपने ओजस्वी विचार रखे।
आइए, गीता के संदेश को केवल पढ़ें ही नहीं, बल्कि अपने जीवन और आचरण में उतारें—जानो गीता, मानो गीता! 🙏