श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र

  • Home
  • India
  • Kurukshetra
  • श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र

श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र 🔱 भवानी शंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ 🔱
🔱 याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम🔱

 #जयशिवशंभू🕉️🙏
30/04/2026

#जयशिवशंभू🕉️🙏

श्रीनृसिंह जयंती महोत्सव की अनन्त शुभकामनाएं। 🙏🌺🌹नखकोटिविनिर्भिन्नदैत्याधिपतिवक्षसे ।नमो नृसिंहरूपाय रामायापन्निवारिणे ॥...
30/04/2026

श्रीनृसिंह जयंती महोत्सव की अनन्त शुभकामनाएं। 🙏🌺🌹

नखकोटिविनिर्भिन्नदैत्याधिपतिवक्षसे ।
नमो नृसिंहरूपाय रामायापन्निवारिणे ॥
(श्रीराम आपदुद्धारकस्तोत्रम् )

कोटि नखों से दैत्यपति हिरण्यकशिपु के वक्ष को विदीर्ण करनेवाले, आपत्तियों का निवारण करनेवाले, श्रीनृसिंह स्वरुप भगवान श्रीराम को मेरा नमन हैं।

(नृसिंह,शरभ,प्रत्यंगिरा, जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं)

नृसिंह निग्रह

एकदा तु पुनर्विष्णुर्हिरण्यं दानवेश्वरम् ॥
संहरिष्यन् समभ्यर्च्य शिवं लब्धवरो बली ।
नृसिंहवपुुुरास्थाय वक्षों भित्त्वा नखैः पुनः ॥
पपौ क्रोधेन तद्रक्तं संहत्यासुरसैनिकान् ॥
अहङ्कारेण तेनैव सर्वान् संहर्तुमुद्यतः ।
ततो देवा भयाविष्टाः शरणं प्रापुरीश्वरम् ॥

एक समय की बात है, भगवान विष्णु ने दानवों के राजा हिरण्यकश्यप का वध करने का संकल्प लिया। इसके लिए उन्होंने भगवान शिव की आराधना की और उनसे वरदान प्राप्त कर अत्यंत बलशाली हो गए।
तपश्चात्, उन्होंने नृसिंह अवतार (आधा सिंह और आधा मनुष्य) धारण किया और अपने तीखे नाखूनों से हिरण्यकश्यप की छाती को चीर डाला। क्रोध के आवेग में उन्होंने न केवल असुर की सेना का विनाश किया, बल्कि उसका रक्त भी पी लिया।
उस समय, अपने अपार बल के अहंकार (या उग्रता) वश नृसिंह भगवान समस्त ब्रह्मांड का संहार करने के लिए उद्यत हो गए। भगवान नृसिंह के उस भयानक और रौद्र रूप को देखकर सभी देवता भयभीत हो गए और रक्षा के लिए ईश्वर (भगवान शिव) की शरण में पहुंचे।

वीरभद्रं तदा देवः सन्दिदेशास्य निग्रहे।
शारभं रूपमास्थाय वीरभद्रः प्रतापवान् ॥
गृहीत्वा नारसिंहं तं द्विधा कृत्वात्मलीलया।
भित्त्वा त्वचमतिस्वच्छामुपायनमुपाहरत् ॥
तदाप्रभृति देवोऽयं नारसिंहाम्बरोऽभवत् ।
सोऽपि देवं समाराध्य विगतैना बभूव ह ॥

तब महादेव (भगवान शिव) ने भगवान नृसिंह के क्रोध को नियंत्रित करने के लिए वीरभद्र को आदेश दिया। प्रतापी वीरभद्र ने अत्यंत शक्तिशाली शरभ का रूप धारण किया।
उन्होंने अपनी लीला से नृसिंह भगवान को पकड़ लिया और उन्हें दो भागों में विभक्त कर दिया। वीरभद्र ने उनकी निर्मल त्वचा (खाल) को अलग किया और उसे उपहार स्वरूप भगवान शिव को अर्पित कर दिया।
तभी से भगवान शिव 'नारसिंहाम्बर' (नृसिंह की खाल को वस्त्र के रूप में धारण करने वाले) कहलाए। इसके बाद, भगवान नृसिंह ने भी महादेव की आराधना की और वे पुनः अपने शांत व पाप-रहित (क्रोध मुक्त) स्वरूप में स्थित हो गए। 🌺🌹🚩🙏

🚩🌺🌹🙏

 #🔱श्रीस्थाणुनमस्तुभ्यं🔱🙏
29/04/2026

#🔱श्रीस्थाणुनमस्तुभ्यं🔱🙏

 #🔱ॐश्रीस्थाणवेनमः🔱🙏
28/04/2026

#🔱ॐश्रीस्थाणवेनमः🔱🙏

त्वमेव माता च पिता त्वमेव।त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।।त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।त्वमेव सर्व मम देवदेव।।   🙏🚩🔱📿🕉️🐂🐍🙏😇 ...
27/04/2026

त्वमेव माता च पिता त्वमेव।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।
त्वमेव सर्व मम देवदेव।।


🙏🚩🔱📿🕉️🐂🐍🙏😇 🙏🌺🚩🌹🔱

 #श्रीशिवायनमस्तुभ्यम्🔱🚩🙏
26/04/2026

#श्रीशिवायनमस्तुभ्यम्🔱🚩🙏

 #ॐनमःपार्वतीपतयेहरहरमहादेव 🌺🔱🚩🙏🌹🕉️
25/04/2026

#ॐनमःपार्वतीपतयेहरहरमहादेव 🌺🔱🚩🙏🌹🕉️

ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् 🙏🌺🌹🚩 अर्थ - मैं भगवान नृसिंह को...
24/04/2026

ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम् नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम् 🙏🌺🌹🚩
अर्थ - मैं भगवान नृसिंह को नमन करता हूं,महाविष्णु का उग्र और पराक्रमी रूप,जो हर तरफ रौशनी बिखेरता है,जिसका रूप विकराल है, जो शुभ है, और जो मृत्यु लाता है, वही मृत्यु को देता है। 🌺🚩



🙏🙏🙏 🙏🔱🚩🕉️

 #श्रीशिवायनमस्तुभ्यम्🔱🚩🙏
23/04/2026

#श्रीशिवायनमस्तुभ्यम्🔱🚩🙏

 #हरहरमहादेव🙏❤
22/04/2026

#हरहरमहादेव🙏❤

 #ॐनमःशिवाय🙏📿
21/04/2026

#ॐनमःशिवाय🙏📿

Address

Kurukshetra Sthaneshwar Mahadev Mandir
Kurukshetra
136118

Telephone

+918199923567

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share