02/11/2025
**महादेव देव धुन (नरशिंघा वादन)**
नरशिंघा — हर कुल्लूवी देवता का निशान और स्वरूप माना जाता है। जब यह पवित्र वाद्य बजता है, तो मानो स्वयं महादेव की शक्ति प्रकट होती है। इसकी गूंज पहाड़ों में फैलकर देवभूमि की आत्मा को झंकृत करती है।
यह कोई साधारण वादन नहीं — बल्कि आस्था, शक्ति और परंपरा का प्रतीक है। नरशिंघा की धुन सुनते ही मन भक्ति से भर जाता है, और वातावरण “जय भोलेनाथ” के दिव्य भाव में डूब जाता है।
🕉️ देव भूमि की पहचान – नरशिंघा की गूंज, महादेव की धुन।
🙏🏻🕉️ जय पिरडी महादेव 🕉️🙏🏻