04/07/2026
{ एक विनम्र आवाह्न } आज आप सभी से सहयोग की आवश्यकता है। हमारी मूल देव संस्कृति के नव सृजन के लिए हमारी संस्था कृतसंकल्प है। और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही है। हम अव एक नव कार्य की शुरुआत करने जा रहे हैं। सरकारों के पास जाते जाते थक से गये हैं। हमारी संस्था एक संस्थान वनाने जा रही है। जहाँ हमारी मूल देव संस्कृति के लिए एक संग्राहलय का निर्माण भी होना है और साथ साथ में विशेष रूप से एक ऐसे संस्थान का निर्माण करना है जो हमारी देव संस्कृति के लिए मील का पत्थर सावित होगा। जहाँ सभी को वताया जायेगा कि हमारी मूल देव संस्कृति कैसी है।हमारे लोक देवी देवताओं का स्वरूप और उनकी कथा कैसवास्तविकी वास्तविक परंपरा, रीत और अनुष्ठान कैसे हैं।विभिन्न प्रकार की देव संस्कृति और अन्य विधाओं की पुस्तकों के साथ साथ और भी वहुत कुछ पुरातन आयुर्वेद,पुरातन तंत्र, मंत्र, यंत्र, वैद वदंग आदि की शिक्षा दी जायेगी। जिसके लिए भवन की आवश्यकता है। अतः आप से सादर निवेदन है कि आप हमें सहयोग करें। ताकि हम अपना मूल ज्ञान अपनी आने वाली संतति को वांटें।आप सभी के सहयोग से ही पावन कार्य संपन्न होगा। अतः देव संस्कृति के इस महायज्ञ में अपनी अपनी आहुति जरूर डालकर पुण्य के भागी वनें। निवेदक:- जय ठाकुर अध्यक्ष देव संस्कृति शोध संस्थान कुल्लू हिमाचल प्रदेश।।। जय जै़मो जी।। । नोट:- सिर्फ आनलाईन ही पेमेंट करें। यदि कोई संस्था के नाम पर कैश मांगे विल्कुल भी ना दें।।।